नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है। शुरुआती कारोबार में बाजार गिरावट के साथ खुला और निफ्टी 50 अंक टूटकर 23,850 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं बैंक निफ्टी भी 135 अंक की गिरावट के साथ 57,250 के स्तर पर पहुंच गया। करीब-करीब सभी सेक्टर में दबाव देखने को मिल रहा है, जबकि मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली नजर आ रही है।
वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी
वैश्विक संकेत भी भारतीय बाजार के लिए कमजोर बने हुए हैं। डाऊ फ्यूचर्स 191 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। हेंगसेंग और शंघाई कंपोजिट में भी 290 अंक तक की गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि, जापान के नेक्कई में इसके उलट तेजी देखने को मिल रही है। नेक्कई 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,184 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है।
निफ्टी में 39 शेयरों पर बिकवाली का दबाव
निफ्टी का एडवांस-डिक्लाइन अनुपात 11:39 है। यानी इंडेक्स के 11 शेयरों में खरीदारी हो रही है, जबकि 39 शेयरों पर बिकवाली हावी है।
निफ्टी के टॉप गेनर में इटरनल, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, कोल इंडिया और अपोलो हॉस्पिटल शामिल हैं। वहीं इंफोसिस, टेक महिंद्रा, बजाज ऑटो, एचडीएफसी लाइफ और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूजर में बने हुए हैं।
इन शेयरों में भी दिख रहा है एक्शन
आज के कारोबारी सत्र में टाटा मोटर्स, मझगांव डॉक, रेल विकास निगम, प्राइम फोकस, ल्यूपिन, स्विगी, Molbio Diagnostics और Brigade Enterprises के शेयरों में हलचल देखने को मिल रही है।
टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी TML CV होल्डिंग्स B.V. ने Iveco ग्रुप के सभी जारी सामान्य शेयरों के लिए नकद में 14.1 यूरो प्रति सामान्य शेयर की कीमत पर स्वैच्छिक टेंडर ऑफर शुरू करने की घोषणा की है। यह कीमत लाभांश को घटाकर है।
महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को पांच सब-स्टेशनों के लिए एआई आधारित व्यापक बुनियादी ढांचा-सुरक्षा परियोजना की आपूर्ति, स्थापना और कमीशनिंग के लिए 118 करोड़ रुपये का खरीद आदेश दिया है।
रेल विकास निगम को एसजेवीएन थर्मल से 1,320 मेगावाट बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के तहत बिहार के बक्सर में चौसा और पावनी कामरपुर तक ट्रैक के जरिए एरियल कनेक्शन बनाने का लेटर ऑफ अवार्ड मिला है।
कच्चे तेल और अमेरिका-ईरान तनाव पर बाजार की नजर
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में कमजोरी का माहौल बना हुआ है। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार में भी शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिल रहा है। निवेशकों की नजर अब बाजार की आगे की दिशा और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर बनी हुई है।
