बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission of Bihar) ने रविवार रात एक बड़ा कदम उठाया। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के निर्देश के बाद, आयोग ने उन 65 लाख मतदाताओं की सूची अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है, जिन्हें स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया गया था। सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या था? 14 अगस्त को सुनवाई के दौरान, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि: जिन मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रखा गया है, उनकी बूथवार…
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आयोग बोले- भ्रम फैलाया जा रहा है, कांग्रेस बोली- BJP के एजेंट लग रहे हैं!
17 अगस्त 2025 को हुई चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद, कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा और राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विपक्ष के सवालों से बच रहा है और BJP के पक्ष में काम कर रहा है। पवन खेड़ा का हमला: “ज्ञानेश कुमार ने जवाब नहीं दिया” प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने कहा: “क्या चुनाव आयुक्त ने उन 1 लाख वोटर्स का ज़िक्र किया जिन्हें हमने महादेवपुरा में बेनकाब किया? नहीं किया।” उन्होंने दावा…
Read Moreक्या सुप्रीम कोर्ट तय कर सकता है राष्ट्रपति और राज्यपाल की सीमाएं?
सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2025 को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपाल को किसी भी विधेयक पर 3 महीने के भीतर फैसला लेना होगा। यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 200 और 111 से जुड़ा हुआ है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। केंद्र का कहना है कि कोई भी अंग ‘सुप्रीम’ नहीं है और न्यायपालिका को कार्यपालिका के अधिकारों में दखल नहीं देना चाहिए। केंद्र सरकार ने क्या कहा? केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में स्पष्ट किया:…
Read Moreअब कुत्ते भी कोर्ट में? गांधीजी से सुप्रीम कोर्ट तक की बफर जोन स्टोरी
दिल्लीवालों की सुबह की सैर में दो चीज़ें तय होती थीं — नीम की छांव और कुत्तों की दहाड़। अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा — “बस बहुत हुआ! नसबंदी करो, शेल्टर भेजो, और गली को गली ही रहने दो।”28 जुलाई 2025 के इस आदेश से दिल्ली की गलियों में जैसे कोई आदालत की व्हिसल बज गई। पर इस आदेश से मानवता की रक्षा के साथ-साथ कुत्तों की आज़ादी का मुद्दा भी उठ खड़ा हुआ। कुत्ते बोले – “हमको क्यूँ निकाला?” जब कुत्तों ने ये सुना कि उन्हें पकड़ कर शेल्टर में…
Read More‘सुपर सेवादार’, अब दर्शन से लेकर दान तक सबकुछ सिस्टम के हवाले
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आज जो हुआ, वो भारतीय लोकतंत्र और धार्मिक व्यवस्थाओं के बीच का परफेक्ट “मिलन समारोह” था। जी हां, मथुरा के श्री बांके बिहारी मंदिर के लिए ट्रस्ट बिल पास हो गया, और भगवान खुद अब ट्रस्ट के मेंबर बनते नज़र आ रहे हैं! क्या है बांके बिहारी मंदिर निर्माण अध्यादेश? इस अध्यादेश के जरिए मथुरा के प्रसिद्ध मंदिर के लिए एक नया ट्रस्ट बनाया जाएगा, जो मंदिर के चढ़ावे, दान, प्रॉपर्टीज़ और सेवाओं का मैनेजमेंट करेगा। ट्रस्ट के पास वो अधिकार होंगे, जो…
Read Moreसुप्रीम आदेश पर राहुल की तीखी प्रतिक्रिया: “आवारा कुत्ते कोई समस्या नहीं”
दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने देशभर में बहस छेड़ दी है। सोमवार को आए इस फैसले पर अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है — और वो काफ़ी साफ़ और सख़्त है। “ये मानवीय नीति से पीछे हटना है”: राहुल गांधी राहुल गांधी ने X (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा: “दिल्ली-एनसीआर से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश दशकों पुरानी मानवीय और विज्ञान आधारित नीति से पीछे हटने जैसा है।” उन्होंने आगे…
Read Moreभगवान के प्रबंधन पर कोर्ट की नजर – सरकार की कमेटी अब आउट
वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की बनाई कमेटी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कमेटी 2025 में लाए गए मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश के तहत गठित की गई थी। अब इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा जांच सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट को भेजा जाएगा, ताकि अध्यादेश की संवैधानिक वैधता की समीक्षा हो सके। जब तक हाई कोर्ट अपना फैसला नहीं देता, राज्य सरकार की कमेटी कोई कार्य नहीं करेगी। नई…
Read Moreआज देश-दुनिया में मचा है हड़कंप! ट्रंप, मोदी, उद्धव सब हैं चर्चा में
आज का दिन राजनीतिक, सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय मोर्चों पर कई बड़ी खबरों से भरा हुआ है। एक तरफ भारत में प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है, वहीं अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति पर भारत की संसदीय समिति में गहन चर्चा होगी। दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है, जो संवैधानिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है। कराची की एक फैक्ट्री में लगी भयावह आग…
Read More“फैसला हमारे हक़ में तो न्याय, वरना सुप्रीम कोर्ट भी गलत!”— नया ट्रेंड?
भारत में लोकतंत्र की रीढ़ कही जाने वाली संस्था – न्यायपालिका (Judiciary) – इन दिनों एक अलग ही किस्म के दबाव में है।अब एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है: “जब कोर्ट का फैसला पक्ष में हो तो सर आंखों पर। और न आए तो कोर्ट पर ही सवाल उठाओ!” ऐसा ट्रेंड न सिर्फ लोकतंत्र की सेहत के लिए खतरनाक है, बल्कि आम जनता में न्यायपालिका की विश्वसनीयता को भी कमजोर करता है। जब सुप्रीम कोर्ट सिर्फ एक “राजनीतिक टूल” बन जाए? कई नेता, जब कोई फैसला उनके खिलाफ…
Read Moreबिहार में वोटर ‘मरे’, सुप्रीम कोर्ट जागा- चुनाव आयोग से मांगा जवाब
बिहार में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान के दौरान 65 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए। चुनाव आयोग का दावा है कि यह नाम या तो मृतकों के हैं, या जिन्होंने पता बदल लिया है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस तर्क से संतुष्ट नहीं। कोर्ट ने पूछा, “जिंदा होकर भी ‘मरे’ क्यों बताए गए?” — और इसी एक लाइन से पूरा मामला चर्चा में आ गया। दो टूक: “15 जिंदा लोग लाइए, जिन्हें मृत घोषित किया गया” जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा…
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