
दिल्ली धमाके की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस बीच इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने बुधवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर हिंदी में एक पोस्ट कर भारत के प्रति अपना समर्थन और संवेदना जताई।
नेतन्याहू ने लिखा —
“प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी और भारत के वीर नागरिकों के नाम… सारा और मैं, तथा समस्त इसराइल, पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।”
उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, क्योंकि शायद यह पहली बार है जब किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष ने पूरी तरह हिंदी में संवेदना व्यक्त की हो।
“आतंक हमारे शहरों पर वार कर सकता है, लेकिन आत्मा को नहीं हिला सकता”
नेतन्याहू ने आगे लिखा —
“इस दुख की घड़ी में इसराइल आपके साथ मज़बूती से खड़ा है। भारत और इसराइल प्राचीन सभ्यताएं हैं जो शाश्वत सत्यों पर आधारित हैं।”
उन्होंने एक गहरी बात भी कही — “आतंक हमारे शहरों पर वार कर सकता है, लेकिन वह हमारी आत्माओं को कभी नहीं हिला सकता। हमारे राष्ट्रों का प्रकाश हमारे शत्रुओं के अंधकार को मात देगा।”

कहा जा सकता है, यह सिर्फ एक ट्वीट नहीं, बल्कि दिल्ली से यरूशलम तक का भावनात्मक सेतु था।
दिल्ली ब्लास्ट: अब तक आठ की मौत, जांच जारी
लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। NIA और दिल्ली पुलिस की टीम जांच में जुटी है।
हालांकि किसी आतंकी संगठन ने अब तक ज़िम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
भारत-इसराइल दोस्ती: संकट में भी ‘सॉलिड’
भारत और इसराइल का रिश्ता अब सिर्फ डिफेंस पार्टनरशिप नहीं, बल्कि “इमोशनल अलायंस” बन चुका है। कठिन वक्त में दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ दिया है — आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति, सुरक्षा और तकनीक में सहयोग और अब “संवेदना का संदेश” — यह दोस्ती के नए आयाम को दर्शाता है।
“यह ट्वीट नहीं, डिप्लोमैटिक दिल का इज़हार था”
नेतन्याहू का यह संदेश सिर्फ शब्दों का मेल नहीं, बल्कि भारत के प्रति इसराइल की भावनात्मक एकजुटता का प्रतीक है।
जहां राजनीति अक्सर सीमाओं में बंध जाती है, वहीं यह ट्वीट बता गया — दोस्ती की कोई भाषा नहीं होती, लेकिन हिंदी का असर सीधा दिल में उतरता है।
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