इस बार हनुमान जयंती सिर्फ भक्ति का नहीं… “कन्फ्यूजन” का भी पर्व बन गई है। भक्त तैयार हैं, मंदिर सजे हैं…लेकिन तारीख पर ही मतभेद है। अगर आपने गलत दिन पूजा कर दी… तो क्या आपकी श्रद्धा अधूरी रह जाएगी? “1 अप्रैल या 2 अप्रैल? सच क्या है?” Hanuman Jayanti इस बार 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है। चैत्र पूर्णिमा 1 अप्रैल सुबह 7:06 से शुरू होकर 2 अप्रैल सुबह 7:41 तक रहती है। यही कारण है कि लोग दो तारीखों में उलझ गए हैं। द्रिक…
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राम नवमी की बधाई- जानिए आज भी क्यों प्रासंगिक हैं मर्यादा पुरुषोत्तम
आज सिर्फ एक त्योहार नहीं… एक आईना है। Lord Rama का नाम हर गली में गूंज रहा है, लेकिन सवाल ये है—क्या वो सिर्फ जयकारों में हैं, या हमारे फैसलों में भी? Hello UP परिवार की ओर से आपको राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं, और साथ ही एक छोटा सा आत्ममंथन—आज के दौर में राम क्यों जरूरी हैं? Hello UP परिवार की शुभकामनाएं Hello UP परिवार इस पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार को राम नवमी की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यह दिन सिर्फ जन्मोत्सव नहीं, बल्कि जीवन के…
Read More10 लाख श्रद्धालु! 19 अप्रैल से खुल रहा ‘मोक्ष का रास्ता’ – क्या आप लिस्ट में हैं?
19 अप्रैल… कैलेंडर पर बस एक तारीख नहीं—ये वो दिन है जब आस्था सड़क पर उतरती है, और पहाड़ भगवान का दरबार बन जाते हैं। उत्तराखंड की वादियों में फिर वही हलचल है—भक्ति, भीड़ और भरोसे का explosive mix। 10 लाख से ज्यादा लोग पहले ही ‘मोक्ष की लाइन’ में लग चुके हैं… और सवाल ये है—क्या आप अब भी इंतज़ार कर रहे हैं? रजिस्ट्रेशन का बवंडर: 10 लाख पार, सिस्टम हांफ रहा है! 6 मार्च से जैसे ही रजिस्ट्रेशन शुरू हुए, वेबसाइट पर ऐसा ट्रैफिक आया जैसे फ्री में…
Read Moreपरम सुख Book Release: स्वामी प्रेमानंद जी की जीवन गाथा ने मचाई हलचल
वृंदावन की गलियों में भक्ति का संगीत अक्सर गूंजता है, लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ है. कोई कीर्तन नहीं, कोई रासलीला नहीं… बल्कि एक किताब ने हलचल मचा दी है. ‘परम सुख’—नाम सुनते ही लगता है जैसे जीवन का कोई सीक्रेट कोड मिल गया हो. और जब यह किताब उस संत पर हो जिसने 13 साल की उम्र में घर छोड़कर भगवान की तलाश को अपना करियर बना लिया, तो कहानी अपने आप ‘ट्रेंडिंग’ बन जाती है. कौन हैं स्वामी प्रेमानंद जी? कानपुर के एक साधारण परिवार से निकले…
Read Moreशंकराचार्य की ‘रोको-टोको-ठोको’ के साथ मैदान में उतरी चतुरंगिणी सेना”
काशी… जहां हर गली में इतिहास सांस लेता है, वहीं अब एक नया नारा गूंजा है जो सीधे दिल और दिमाग दोनों पर दस्तक देता है। “रोको, टोको और ठोको” — यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक चेतावनी, एक घोषणा और शायद एक नई बहस की शुरुआत है। विद्यामठ आश्रम से उठी यह आवाज अब पूरे देश के कानों में गूंज रही है। काशी से उठी नई रणनीति Varanasi के विद्यामठ आश्रम में Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने ‘श्रीशंकराचार्य चतुरंगिणी सेना सभा’ के गठन का ऐलान कर दिया है। 27 सदस्यों…
Read Moreनमाज के बाद गले मिले लोग, UP में ‘अमन वाली ईद’ का ग्राउंड रिपोर्ट
सुबह की पहली रोशनी के साथ ईदगाहों में उमड़ी भीड़… हजारों हाथ एक साथ उठे… और हर जुबान पर एक ही दुआ—अमन, तरक्की और भाईचारा। ये सिर्फ नमाज नहीं थी… ये वो तस्वीर थी, जहां भारत अपनी असली पहचान दिखाता है। जहां भीड़ में भी शांति की आवाज गूंजी शामली में ईद का मंजर किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। ईदगाह में हजारों लोग एक साथ नमाज अदा करते नजर आए—लेकिन ना कोई अफरा-तफरी, ना कोई तनाव। नमाज के बाद जैसे ही लोग बाहर निकले—हर तरफ गले मिलते लोग, “ईद…
Read Moreसिर्फ मिठाई नहीं… दिल भी बांटिए! Hello UP की ओर से ईद मुबारक
Eid al-Fitr…नाम सुनते ही दिमाग में सेवइयां, नए कपड़े और गले मिलते लोग आते हैं। लेकिन सच्चाई इससे कहीं गहरी है। Hello UP परिवार की तरफ से आपको सिर्फ “Eid Mubarak” नहीं…बल्कि एक याद दिलाई जा रही है कि ईद सिर्फ खुशियों का नहीं, इंसानियत का त्योहार है। इस्लाम का असली संदेश: इंसान बनो, बस इस्लाम के मूल सिद्धांत बहुत सीधे हैं सच बोलो-जरूरतमंद की मदद करो और अपने अंदर की बुराई से लड़ो रमजान के पूरे महीने रोज़ा रखकर जो सबक मिलता है, वो सिर्फ भूखा रहना नहीं… बल्कि दूसरों की…
Read Moreआखिरी जुमा, आखिरी सजदा… दिल में दुआ—या अल्लाह, मुल्क सलामत रख
रमजान का आखिरी जुमा… वो लम्हा जब आंखें नम होती हैं और दिल दुआओं से भर जाता है। आज लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद तक एक ही तस्वीर दिखी—सफेद कपड़े, झुके सिर, और एक ही आवाज… “आमीन।” ये सिर्फ नमाज़ नहीं थी, ये मुल्क की रूह का इम्तिहान था—जहां हर हाथ उठा, लेकिन किसी के खिलाफ नहीं… सबके लिए उठा। सुरक्षा का घेरा… लेकिन सुकून का माहौल लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद सभी जगह प्रशासन अलर्ट था। पुलिस हर मोड़ पर तैनात थी। लेकिन दिलचस्प बात ये रही जहां बंदूकें…
Read More“मलबे के बीच गूंजा ‘अल्लाहु अकबर’: 2 साल बाद गाज़ा में लौटी ईद की नमाज़!”
दो साल… सिर्फ कैलेंडर के पन्ने नहीं थे, बल्कि हर दिन एक डर, हर रात एक दहशत। और फिर उसी गाज़ा की जमीन पर, जहां कभी सिर्फ धमाकों की आवाज गूंजती थी, आज “अल्लाहु अकबर” की पुकार सुनाई दी। यह सिर्फ नमाज़ नहीं थी… यह जिद थी—जिंदगी की, उम्मीद की, और उस यकीन की कि बर्बादी के बाद भी इंसान खड़ा होता है। दो साल बाद लौटी ईद की रौनक Eid al-Fitr के मौके पर Gaza City के Saraya Square में नमाज़ अदा की गई—पूरे दो साल बाद। यह वही जगह…
Read Moreराष्ट्रपति मुर्मू वृंदावन में, संत प्रेमानंद से मुलाकात ने बदल दिया माहौल
राजनीति की हलचल से दूर, आज एक अलग ही तस्वीर सामने आई। न कोई भाषण, न कोई रणनीति… सिर्फ भक्ति, शांति और आत्मा की आवाज। राष्ट्रपति Droupadi Murmu जब वृंदावन पहुंचीं, तो यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं रहा—यह एक आध्यात्मिक journey बन गया। आश्रम में सादगी, माहौल में गहराई प्रेमानंद महाराज आश्रम में राष्ट्रपति का स्वागत किसी VIP protocol से नहीं, बल्कि सादगी और श्रद्धा से हुआ। संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के दौरान न कोई राजनीतिक चर्चा हुई, न कोई एजेंडा बस भगवान, भक्ति और जीवन के अर्थ पर गहरी…
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