लखनऊ के कैंट इलाके की वो ठंडी जनवरी की शाम… सायरन नहीं, गोलियों की आवाज गूंज रही थी। सड़क पर दौड़ती गाड़ियां अचानक थम गई थीं… और हवा में सिर्फ एक सवाल था—ये सियासत है या गैंगवार? अब, पूरे 22 साल बाद, अदालत ने जैसे उस धुएं को हटाया है… और कहा है—“सबूत नहीं हैं।” Brijesh Singh… बरी। लेकिन सवाल? अभी भी जिंदा हैं। कोर्ट का फैसला: ‘सबूत नहीं, सजा नहीं’ लखनऊ की MP-MLA कोर्ट ने 2004 के चर्चित कैंट फायरिंग केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए Brijesh Singh समेत…
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Gadarandhar: तारा और हमजा साथ आए… तो ‘येलीना’ भी सरहद पार हो गई
सिनेमा की दुनिया में कुछ ख्याल आते नहीं… टकराते हैं। और जब टकराते हैं तो स्क्रीन नहीं—सीधा दिमाग हिलाते हैं।कल्पना कीजिए… सरहद पर धूल उड़ रही है… बैकग्राउंड में ढोल नहीं, दिल धड़क रहा है… और उसी धुएं के बीच से निकलते हैं Tara Singh — हाथ में हैंडपंप नहीं, इस बार मिशन है! दूसरी तरफ… एक ठंडा, calculated, surgical दुनिया का दिमाग—Aditya Dhar की universe का एजेंट हमजा। और फिर… एक नाम—येलीना। यहीं से शुरू होता है… “गदरंधर” जब गदर की गरज मिली धुरंधर की चाल से “गदर” सिर्फ फिल्म…
Read Moreसिर्फ एयरपोर्ट नहीं, ‘डॉलर छापने वाली मशीन’ बन रहा जेवर! खेल अब ग्लोबल
नोएडा के जेवर में बन रहा ये एयरपोर्ट सिर्फ विमानों के टेकऑफ-लैंडिंग का ठिकाना नहीं है… ये उस नई अर्थव्यवस्था का लॉन्चपैड है, जहां से उत्तर प्रदेश सीधे दुनिया के बाजारों से भिड़ेगा। जहां कभी खेत थे, वहां अब कंटेनर, कार्गो और कॉरिडोर की कहानी लिखी जा रही है। सवाल ये नहीं कि एयरपोर्ट बनेगा… सवाल ये है कि क्या ये यूपी को भारत का ‘लॉजिस्टिक्स किंग’ बना देगा? “हवाई पट्टी से आगे की कहानी: कार्गो का साम्राज्य” Noida International Airport अब सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि माल की…
Read Moreकटाई के वक्त आसमान ने मारी चोट! किसानों की रातों की नींद उड़ गई
सुबह का सूरज अभी ठीक से निकला भी नहीं था… लेकिन आसमान ने जैसे बदला लेने की ठान ली हो। उत्तर प्रदेश के खेतों में खड़ी फसलें—जो कुछ दिन बाद घर आने वाली थीं—अब जमीन पर बिखरी पड़ी हैं। हवा की हर तेज़ लहर जैसे कह रही हो—“तुम्हारी मेहनत की कोई कीमत नहीं।” ये सिर्फ मौसम नहीं है… ये किसानों की उम्मीदों पर सीधा हमला है। 40 जिलों में अलर्ट: बारिश, ओले और बिजली का तांडव मौसम विभाग ने साफ कर दिया है—ये कोई हल्की फुहार नहीं, बल्कि तूफानी पैटर्न है।…
Read More164 सीटों का गेम, 70 सीटों का सौदा- स्टालिन ने खेल दी सबसे बड़ी चाल
राजनीति में चुनाव सिर्फ वोट का खेल नहीं होता… ये गणित, मनोविज्ञान और टाइमिंग का खतरनाक कॉम्बिनेशन होता है। और इस बार M. K. Stalin ने ऐसा दांव चला है, जिसने विपक्ष ही नहीं—अपने सहयोगियों को भी चुप कर दिया है। 164 सीटों पर खुद उतरना और बाकी 70 सीटों को रणनीतिक तरीके से बांटना… ये सिर्फ सीट शेयरिंग नहीं, बल्कि पावर का कंट्रोल रूम है। ‘164 सीटों का दांव’: सत्ता की सीधी लड़ाई तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में DMK का 164 सीटों पर लड़ना एक साफ संदेश…
Read Moreनीतीश का ‘उत्तराधिकारी’ तय? निशांत पर मंत्री का ऐलान- राजनीति में भूचाल
बिहार की राजनीति में कुछ बड़ा पक रहा है… और इस बार हलचल सिर्फ विपक्ष में नहीं, सत्ता के भीतर है। सत्ता के गलियारों में एक नाम अचानक गूंजने लगा है—निशांत कुमार। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि वो राजनीति में आएंगे या नहीं… सवाल ये है कि क्या बिहार का अगला मुख्यमंत्री तय हो चुका है? एक बयान, एक संकेत… और पूरा सियासी गणित हिल गया। ‘भविष्य के CM’ का संकेत या सियासी प्रयोग? Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच, सत्ता के गलियारों में जो नाम सबसे…
Read Moreहर 2 मिनट में उड़ेगा जहाज! जेवर एयरपोर्ट से बदलेगा यूपी का गेम
आज नोएडा के जेवर में सिर्फ एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं हुआ…बल्कि एक राजनीतिक, आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर पावर शो भी देखने को मिला। पीएम Narendra Modi ने जब मंच से कहा— “हर 2 मिनट में एक फ्लाइट उड़ेगी” तो यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं था…यह एक विजन था—जो सीधे वोट, विकास और वैश्विक कनेक्टिविटी से जुड़ता है। जेवर: अब सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, ‘मल्टी-मॉडल पावर हब’ Noida International Airport Jewar अब दिल्ली-NCR का दूसरा और उत्तर प्रदेश का 5वां इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन चुका है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती— PM…
Read MoreRupee Crash: 94.85 पर टूटा रुा, युद्ध और महंगाई के दबाव में बाजार ध्वस्त
छुट्टी के बाद खुला बाजार… और कुछ ही घंटों में सब कुछ बदल गया। ना कोई बड़ी घोषणा… ना कोई घरेलू संकट…लेकिन फिर भी भारतीय रुपया ऐसे टूटा जैसे किसी ने नीचे से जमीन खींच ली हो। सुबह 94.18 पर खुला रुपया…शाम होते-होते 94.85 पर पहुंच गया। ये सिर्फ 89 पैसे की गिरावट नहीं है ये उस डर का संकेत है, जो ग्लोबल युद्ध, महंगाई और निवेशकों की भागमभाग से पैदा हुआ है। एक दिन… तीन झटके: क्यों टूटा रुपया? इस गिरावट के पीछे तीन ऐसे कारण हैं, जो सीधे आपकी जेब…
Read More30000 फीट पर खामोश हुआ इंजन… 161 जिंदगियां मौत से लौटकर आईं
दोपहर का वक्त… आसमान में उड़ती एक फ्लाइट… और अचानक कॉकपिट में बजता अलार्म। कुछ सेकंड… और सब कुछ बदल गया। विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-2134 अब सिर्फ एक फ्लाइट नहीं रही थी—वो 161 जिंदगियों का इम्तिहान बन चुकी थी। जैसे ही इंजन ने जवाब दिया, हवा में खामोशी नहीं… डर गूंजने लगा। पायलट ने एक शब्द बोला—“Mayday”—और उसी पल दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर हड़कंप मच गया। ‘फुल इमरजेंसी’ का मतलब—जब हर सेकंड की कीमत जान से ज्यादा हो एयरपोर्ट अचानक एयरपोर्ट नहीं…
Read More23 साल से हर साल होती है ‘मौत के बाद शादी’! मां-बाप का दर्द बना आस्था
ये कोई फिल्मी कहानी नहीं… ये दर्द का वो सच है, जो हर साल सजता है—शादी के मंडप में। तेलंगाना के एक छोटे से गांव में, जहां हर साल ढोल-नगाड़े बजते हैं, बारात निकलती है… लेकिन दूल्हा जिंदा नहीं होता। 23 साल से एक मां-बाप अपने मृत बेटे की शादी करा रहे हैं—हर साल, पूरे रीति-रिवाज के साथ। सवाल उठता है—ये पागलपन है या प्यार की पराकाष्ठा? दर्द से जन्मी परंपरा: एक अधूरी प्रेम कहानी महबूबाबाद जिले की यह कहानी किसी भी दिल को झकझोर सकती है। लालू और सुक्कम्मा…
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