आज सुबह वॉक पर निकला तो सड़क किनारे एक नया सफाई कर्मी दिखा। बाकी लोगों से अलग। चेहरा ढका नहीं था। कपड़े साफ-सुथरे थे और झाड़ू ऐसे चला रहा था जैसे कोई पेंटर कैनवास पर अपनी आखिरी स्ट्रोक दे रहा हो। उसके काम में जल्दबाज़ी नहीं थी… एक अजीब सा आत्मविश्वास था। उत्सुकता हुई। कदम खुद-ब-खुद उसकी तरफ बढ़ गए। भाईसाब… NCC, Scout Guide और B.Com किया है बातचीत शुरू हुई तो कुछ ही मिनटों में समझ आ गया कि सामने खड़ा लड़का सिर्फ सफाई कर्मी नहीं है। वो पढ़ा-लिखा था। NCC…
Read MoreTag: Human Story
5 पैसे का गुनाह, 40 साल सजा! कोर्ट की राहत- सिस्टम ने छीन ली जिंदगी?
दिल्ली की भीड़भाड़ वाली बस…एक टिकट… एक बहस… और 5 पैसे का फर्क। किसी ने सोचा भी नहीं होगा किये 5 पैसे एक आदमी की पूरी जिंदगी खा जाएंगे। Ranveer Singh Yadav—एक आम बस कंडक्टर, जिस पर लगा आरोप इतना छोटा था कि आज की दुनिया में लोग मजाक समझें…लेकिन उसी आरोप ने उसे 40 साल तक कोर्ट की चौखट पर खड़ा रखा। आरोप: 10 पैसे का टिकट, 15 पैसे की वसूली साल 1973…Delhi Transport Corporation की बस में ड्यूटी कर रहे रणवीर पर आरोप लगा— महिला यात्री से 10 पैसे…
Read More23 साल से हर साल होती है ‘मौत के बाद शादी’! मां-बाप का दर्द बना आस्था
ये कोई फिल्मी कहानी नहीं… ये दर्द का वो सच है, जो हर साल सजता है—शादी के मंडप में। तेलंगाना के एक छोटे से गांव में, जहां हर साल ढोल-नगाड़े बजते हैं, बारात निकलती है… लेकिन दूल्हा जिंदा नहीं होता। 23 साल से एक मां-बाप अपने मृत बेटे की शादी करा रहे हैं—हर साल, पूरे रीति-रिवाज के साथ। सवाल उठता है—ये पागलपन है या प्यार की पराकाष्ठा? दर्द से जन्मी परंपरा: एक अधूरी प्रेम कहानी महबूबाबाद जिले की यह कहानी किसी भी दिल को झकझोर सकती है। लालू और सुक्कम्मा…
Read More13 साल मौत से जंग… खुद चुनी विदाई! आखिरी सांस के बाद ‘जिंदा’ रहा हरीश
राजनगर एक्सटेंशन की उस शाम में सिर्फ सन्नाटा नहीं था… वहां एक कहानी खत्म हुई थी—धीरे-धीरे, चुपचाप, लेकिन इतनी गहरी कि हर आंख नम हो जाए। 33 साल का एक युवक, जिसने 13 साल तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते हुए हर सांस उधार में जी, आखिरकार खुद अपनी विदाई का फैसला कर गया। यह सिर्फ एक मौत नहीं थी… यह सिस्टम, परिवार, और इंसानी जज़्बात की सबसे कठिन परीक्षा थी। 13 साल पहले की वो गिरावट… जिसने सब छीन लिया 2013… एक साधारण दिन। एक युवा इंजीनियरिंग स्टूडेंट,…
Read More