कभी-कभी अदालतों में ऐसे फैसले आते हैं जो सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि समाज की सोच को आईना दिखा जाते हैं। ग्वालियर हाईकोर्ट में हुआ यह मामला भी कुछ ऐसा ही है—जहां एक पति अपनी पत्नी को वापस लाने की उम्मीद लेकर पहुंचा था, लेकिन कोर्ट से निकला फैसला रिश्तों की पारंपरिक परिभाषा को ही चुनौती दे गया। अदालत में बदला पूरा केस का रुख Madhya Pradesh High Court में दायर इस मामले की शुरुआत पति अवधेश की याचिका से हुई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को अनुज…
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5 मिनट की गोलियों ने बृजेश का 22 साल तक पीछा नहीं छोड़ा- अब सबूत नहीं
लखनऊ के कैंट इलाके की वो ठंडी जनवरी की शाम… सायरन नहीं, गोलियों की आवाज गूंज रही थी। सड़क पर दौड़ती गाड़ियां अचानक थम गई थीं… और हवा में सिर्फ एक सवाल था—ये सियासत है या गैंगवार? अब, पूरे 22 साल बाद, अदालत ने जैसे उस धुएं को हटाया है… और कहा है—“सबूत नहीं हैं।” Brijesh Singh… बरी। लेकिन सवाल? अभी भी जिंदा हैं। कोर्ट का फैसला: ‘सबूत नहीं, सजा नहीं’ लखनऊ की MP-MLA कोर्ट ने 2004 के चर्चित कैंट फायरिंग केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए Brijesh Singh समेत…
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