विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक कौशल जरूरी…… प्रो. पुनीत बिसारिया

विजयदेव नारायण साही जयंती पर हिंदी विभाग में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित झांसी।विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान के साथ रचनात्मक एवं सृजनात्मक कौशल का विकास भी आवश्यक है। रचनात्मकता विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, मौलिक चिंतन और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करती है। यह विचार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कला संकाय अधिष्ठाता एवं हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत बिसारिया ने व्यक्त किए।वे तार सप्तक के मूर्धन्य कवि एवं प्रसिद्ध समालोचक विजयदेव नारायण साही की जयंती के अवसर पर हिंदी विभाग के वृंदावनलाल वर्मा सभागार में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता कर…

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