GST 2.0 के 14 बड़े सुधारों पर मुहर, गिरफ्तारी की शक्ति होगी खत्म; 3 दिन में GST रजिस्ट्रेशन और 10 दिन में रिफंड का रास्ता साफ

नई दिल्ली: 57वीं GST काउंसिल बैठक में टैक्स दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए GST व्यवस्था को आसान बनाने वाले 14 बड़े सुधारों पर फैसला लिया गया। इनका फोकस GST रजिस्ट्रेशन और रिफंड को तेज करने, ITC की सुरक्षा, छोटे विवादों को कम करने और कारोबारियों की कार्यशील पूंजी को राहत देने पर रहा। इन सिफारिशों को लागू करने के लिए संबंधित कानून, नियम, अधिसूचना या सर्कुलर जारी करना जरूरी होगा।

GST 2.0 के एक साल के आंकड़ों के मुताबिक टैक्स बेस में बढ़ोतरी हुई है। वहीं घरेलू सप्लाई पर प्रभावी GST दर 14.55 फीसदी से घटकर 13.13 फीसदी हो गई है। इन फैसलों में रजिस्ट्रेशन से लेकर रिटर्न, ITC, ई-वे बिल और गिरफ्तारी के नियमों में अहम बदलाव शामिल हैं।

3 दिन में ऑटो-अप्रूवल, GST रजिस्ट्रेशन होगा आसान

लो-रिस्क कारोबारियों का GST रजिस्ट्रेशन 3 कार्यदिवस में ऑटोमैटिक करने का फैसला किया गया है। ₹2.5 लाख तक मासिक आउटपुट टैक्स वाले कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। ट्रेड नेम, डायरेक्टर या पार्टनर और अतिरिक्त बिजनेस प्लेस के पते में बदलाव भी ऑटो-अप्रूव किए जाएंगे।

रिटर्न में छोटी गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया भी आसान की जाएगी। विक्रेता की ओर से घटाई गई राशि की जानकारी खरीदार तक पहुंचेगी और गलत GSTIN दर्ज होने पर उसे सुधारने की सुविधा मिलेगी। Invoice Management System के जरिए ITC का सेटलमेंट किया जाएगा।

10 दिन में रिफंड की एकनॉलेजमेंट, 90 फीसदी तक ऑटो-सैंक्शन

रिफंड की एकनॉलेजमेंट की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का फैसला किया गया है। अगर तय समय में एकनॉलेजमेंट या deficiency memo जारी नहीं होता है तो क्लेम को deemed acknowledged माना जाएगा। जोखिम आधारित जांच के बाद 90 फीसदी रिफंड ऑटो-सैंक्शन किया जा सकेगा।

₹10,000 से कम टैक्स विवादों में नोटिस से राहत

₹10,000 से कम टैक्स राशि वाले मामलों में नोटिस जारी नहीं करने का फैसला किया गया है। नोटिस, सुनवाई और आदेश के लिए भी एक समान प्रक्रिया तय की जाएगी। इससे छोटे टैक्स विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।

ईमानदार खरीदार के ITC की सुरक्षा पर कमेटी करेगी विचार

सही इनवॉइस, माल की वास्तविक प्राप्ति और सप्लायर को पूरा भुगतान करने वाले ईमानदार खरीदार के ITC की सुरक्षा पर कमेटी विचार करेगी। इस कमेटी को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

इसके अलावा कर्मचारियों के हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस, टेलीकॉम टावर और फैक्ट्री के बाहर की पाइपलाइन पर ITC देने का प्रावधान किया जाएगा। Free samples और कानून के तहत नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर स्टॉक पर भी ITC का फायदा मिलेगा।

होटल और ट्रांसपोर्ट में डबल टैक्सेशन खत्म करने की कोशिश

होटल एकोमोडेशन, रेस्टोरेंट या केटरिंग और पैसेंजर ट्रांसपोर्ट जैसी सेवाओं में टैक्स चेन को आगे बढ़ाने की अनुमति देने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य एक ही सेवा पर दो बार GST लगने की समस्या को दूर करना है।

Inverted Duty Structure में बदलाव, working capital को राहत

Input services पर चुकाए गए GST के रिफंड की सुविधा 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। प्लांट और मशीनरी पर GST रिफंड भी मिलेगा। इसे 1 अप्रैल 2027 से 60 महीने में अनुपात के हिसाब से दिया जाएगा।

₹5 करोड़ तक टर्नओवर वालों के लिए साल में एक रिटर्न

₹5 करोड़ तक टर्नओवर और केवल कंज्यूमर सप्लाई करने वाले कारोबारियों के लिए साल में एक बार रिटर्न और तिमाही टैक्स पेमेंट की योजना लाई जाएगी। इस श्रेणी में 99 फीसदी कारोबारी ₹5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले हैं।

E-Way Bill जांच में बदलाव, हर राज्य में नहीं रोका जाएगा वाहन

वाहन को केवल स्पेसिफिक इंटेलिजेंस के आधार पर ही रोका जा सकेगा। इसके लिए Joint Commissioner या उससे ऊपर के अधिकारी की पहले से अनुमति जरूरी होगी। रास्ते में पड़ने वाले राज्यों को केवल इस आधार पर वाहन रोकने की अनुमति नहीं होगी।

GST में गिरफ्तारी की शक्ति हटेगी, प्रॉसिक्यूशन की सीमा ₹5 करोड़

GST में गिरफ्तारी की शक्ति हटाने का फैसला किया गया है। Prosecution की थ्रेसोल्ड लिमिट ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ की जाएगी। न्यूनतम पेनाल्टी हटाने के साथ जनरल पेनाल्टी को ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 किया जाएगा।

Services Export के नियम होंगे आसान

भारतीय कंपनी की विदेश स्थित अपनी ब्रांच के जरिए विदेशी क्लाइंट्स को दी गई सेवा को एक्सपोर्ट बेनेफिट मिलेगा। विदेश से जुड़े सामानों पर भारत में टेस्टिंग, रिपेयर, सर्टिफिकेशन, रिसर्च और प्रोसेसिंग को भी export of service माना जाएगा।

E-commerce sellers को दूसरे राज्यों में वेयरहाउस की सुविधा

छोटे सेलर दूसरे राज्यों में E-commerce ऑपरेटर के वेयरहाउस को Principal Place of Business घोषित कर सकेंगे। ₹2.5 लाख से कम मंथली आउटपुट टैक्स वाले सेलर्स को इसका खास फायदा मिलेगा।

GST दरों में इस बार कोई बदलाव नहीं, साल में एक बार होगी समीक्षा

57वीं GST काउंसिल बैठक में GST दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। अब दरों की समीक्षा के लिए साल में एक बैठक रखने का फैसला किया गया है। मौजूदा बैठक में दरों में बदलाव के बजाय GST नियमों में मौजूद inconsistencies और ambiguities को दूर करने पर फोकस रहा।

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