GST काउंसिल के 5 बड़े फैसले, कारोबारियों को बड़ी राहत; रिफंड अब 17 दिन में, 5 करोड़ तक की टैक्स चोरी पर नहीं बनेगा आपराधिक केस

नई दिल्ली: भारत मंडपम में सुबह 11 बजे से चल रही 57वीं GST काउंसिल की बैठक दोपहर 2:30 बजे खत्म हो गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जीएसटी व्यवस्था में बड़े सुधारों का ऐलान किया। इन फैसलों को GST 2.0 की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बैठक में कारोबारियों और करदाताओं को राहत देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

अब 17 दिन में मिलेगा GST रिफंड

GST काउंसिल ने रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने का फैसला किया है। अब कारोबारियों को अपना फंसा हुआ पैसा पाने के लिए 60 दिन तक इंतजार नहीं करना होगा। रिफंड की प्रक्रिया 17 दिन में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके तहत आवेदन 10 दिन में स्वीकार किया जाएगा और इसके बाद अगले 7 दिन में रकम खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी। कुल रिफंड की 90 प्रतिशत रकम तुरंत जारी करने का प्रावधान भी किया गया है।

GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति पर रोक

काउंसिल की बैठक में GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक अधिकारियों को बिना अदालत की मंजूरी के गिरफ्तारी करने की शक्ति खत्म की जाएगी। इसके लिए धारा 69 को खत्म करने का प्रस्ताव पास किया गया है।

इस फैसले से कारोबारियों को जांच और कार्रवाई के दौरान बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अब 5 करोड़ से ऊपर की टैक्स चोरी पर आपराधिक केस

GST के तहत टैक्स चोरी को लेकर भी सीमा बढ़ाने का फैसला किया गया है। अब 1 करोड़ रुपये की जगह 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी के मामलों में ही आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा।

इस बदलाव का सीधा फायदा छोटे कारोबारियों को मिलने की उम्मीद है। 5 करोड़ रुपये तक की टैक्स चोरी के मामलों में आपराधिक कार्रवाई से राहत मिलेगी।

ईमानदार खरीदार का ITC नहीं रुकेगा

काउंसिल ने Input Tax Credit यानी ITC को लेकर भी अहम फैसला किया है। अगर किसी सप्लायर की ओर से टैक्स जमा नहीं किया जाता है, तो इसका खामियाजा ईमानदारी से खरीदारी करने वाले कारोबारी को नहीं भुगतना पड़ेगा।

ऐसे मामलों में खरीदार का Input Tax Credit नहीं रोका जाएगा। इससे कारोबारियों के बीच होने वाले लेनदेन में ITC को लेकर अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है।

फर्जी GST रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन

GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन को पूरे देश में लागू करने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य फर्जी GST रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाना है।

नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वाले आवेदकों की पहचान का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इससे फर्जी पहचान के आधार पर होने वाले रजिस्ट्रेशन को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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