वॉशिंगटन: अमेरिका की राजनीति में ईरान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रस्ताव का समर्थन करने वाले विपक्षी सांसदों के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के चार सांसदों को भी निशाने पर लिया। प्रतिनिधि सभा में हुए मतदान के दौरान प्रस्ताव को 215 के मुकाबले 208 मतों से मंजूरी…
Read MoreTag: Trump Iran policy
“‘Welcome to Hell’: ईरान की धमकी—अमेरिकी सैनिक अब जिंदा नहीं लौटेंगे
तेहरान की सड़कों पर सिर्फ नारे नहीं गूंज रहे—यहां अब खुली जंग का ऐलान हो चुका है। अखबार के पहले पन्ने पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है—“Welcome to Hell।” यह सिर्फ हेडलाइन नहीं, यह एक चेतावनी है… एक ट्रिगर… और शायद आने वाले खूनी टकराव का काउंटडाउन। मिडिल ईस्ट में बारूद पहले से बिछा था—अब बस एक चिंगारी बाकी है। “ताबूतों में लौटोगे”—ईरान की सबसे कड़ी चेतावनी ईरान ने अमेरिका को सीधे शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है— “अगर अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे, तो वे सिर्फ ताबूतों में ही…
Read Moreट्रम्प अंकल! ईरान कोई कराकस नहीं, यहां खेल अलग है
अंतरराष्ट्रीय राजनीति कभी भी Ctrl+C, Ctrl+V से नहीं चलती। लेकिन वॉशिंगटन की सोच में अक्सर यह भरोसा झलकता है कि जहां आर्थिक दबाव और सैन्य muscle ने काम किया, वहीं फार्मूला दोबारा चल जाएगा। Donald Trump का दृष्टिकोण स्पष्ट रहा है बाहरी दबाव बढ़ाओ, सैन्य ताकत दिखाओ, और विरोधी सत्ता खुद बिखर जाएगी। मगर सवाल है, क्या ईरान वही कहानी दोहराएगा जो Venezuela में देखने को मिली? संकेत साफ हैं नहीं। प्रॉक्सी नेटवर्क: ‘एक्सिस ऑफ रेज़िस्टेंस’ का जाल ईरान अकेला खिलाड़ी नहीं है। इराक से लेकर लेबनान और यमन तक उसका…
Read More