कानून पास हो चुका… फिर भी सड़कों पर जंग क्यों जारी है? मुंबई में एक सभा, और पूरा महाराष्ट्र सियासी बहस के भंवर में खिंच गया। क्या ये महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई है… या चुनावी कहानी का नया अध्याय? वर्ली में माइक उठा, तो दिल्ली की बहस भी फिर जिंदा हो गई। एक तरफ सत्ता की चुनौती, दूसरी तरफ विपक्ष का फैक्ट-बॉम्ब। और बीच में खड़ा मतदाता—जिसे समझ नहीं आ रहा कि सच कौन बेच रहा है। वर्ली की सभा: सियासत का लॉन्चपैड वर्ली में महायुति की रैली सिर्फ…
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Samrat Chaudhary ने Vijay Sinha की सख्ती पर ब्रेक लगाया
जहां कल तक ‘जीरो टॉलरेंस’ का डंडा चल रहा था, आज वहीं ‘राहत’ का मरहम लग गया। और सवाल ये है कि ये बदलाव सुधार है… या सिर्फ सत्ता का सॉफ्टवेयर अपडेट? एक तरफ सख्ती की कहानी, दूसरी तरफ सहानुभूति का नया नैरेटिव। बीच में फंसा आम आदमी… जो फाइलों में अटका है और सिस्टम की चाल देख रहा है। क्या हुआ: फैसला पलटते ही बदल गया खेल बिहार की सत्ता में नया चेहरा आते ही पुरानी सख्ती ध्वस्त हो गई। सम्राट चौधरी ने आते ही उस फैसले को पलट…
Read More₹63 से ज्यादा सामान पर टैक्स! क्या नेपाल ने लगा दी ‘आर्थिक दीवार’?
सीमा वही है… लेकिन अब सांस लेना भी महंगा हो गया है। रोटी-बेटी के रिश्तों वाली सरहद पर अब टैक्स का पहरा बैठ गया है। सवाल ये है — क्या नेपाल ने अपने ही लोगों के लिए रास्ते बंद कर दिए? नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा अब “खुली” कम और “कंट्रोल्ड” ज्यादा लगने लगी है। ₹100 नेपाली (करीब ₹63 भारतीय) से ज्यादा सामान ले जाना अब टैक्स के जाल में फंस सकता है। ‘₹63 की दीवार’: नया नियम या पुरानी चाल? ये सिर्फ एक टैक्स नहीं… ये रोजमर्रा की…
Read Moreसीजफायर खत्म, बातचीत ठप! क्या अब Middle East में फिर गूंजेगा युद्ध?
सीजफायर खत्म होने वाला है… और दुनिया फिर से सांस रोककर खड़ी है। ये सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं… ये उस बारूद का ढेर है, जिस पर पूरी दुनिया बैठी है। सवाल ये नहीं कि जंग होगी या नहीं… सवाल ये है कि पहली गोली कौन चलाएगा? ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों का सीजफायर अब आखिरी सांसें गिन रहा है। और इस बार, बातचीत शुरू होने से पहले ही खत्म होती दिख रही है। बातचीत से पहले ब्रेकडाउन इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता अब औपचारिकता बन चुकी…
Read Moreअहमद वाहिदी ईरान के असली शासक, नरमी इनको पसंद नहीं
जंग सिर्फ मैदान में नहीं लड़ी जाती… असली लड़ाई सत्ता के अंदर चलती है। और ईरान में अभी वही हो रहा है।एक चेहरा गिरता है… दूसरा अचानक उभर आता है। ईरान की सत्ता में जो बदलाव दिख रहा है, वो सिर्फ नेतृत्व का नहीं… पूरी रणनीति का संकेत है। नेतृत्व संकट: कौन चला रहा है ईरान? यहां तस्वीर साफ नहीं… बल्कि धुंधली है। अली खामेनेई के बाद सत्ता कई हाथों में बंटी हुई नजर आई। फिर मोजतबा खामेनेई सामने आए, लेकिन जंग के दौरान उनके घायल होने की खबरों ने लीडरशिप को और…
Read Moreभारत-कोरिया ने बनाया 50 अरब डॉलर का मास्टरप्लान
ये सिर्फ एक मीटिंग नहीं थी… ये भविष्य की ब्लूप्रिंट थी। जहां कागज पर स्याही नहीं, बल्कि 50 अरब डॉलर का सपना लिखा गया। और सवाल सीधा है — क्या ये डील भारत की किस्मत बदलने वाली है? नरेंद्र मोदी और ली जे. म्युंग की मुलाकात अब सिर्फ कूटनीति नहीं… आर्थिक गेमचेंजर बन चुकी है। 50 अरब डॉलर: नया टारगेट, नई दिशा ये आंकड़ा सिर्फ बड़ा नहीं… रणनीतिक है। भारत और दक्षिण कोरिया ने 2030 तक आपसी व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। पिछले दशक में…
Read Moreबेटी की हत्या कर चेहरा मिटाया, फिर खुद दर्ज कराई गुमशुदगी
एक पिता… जिसने बेटी को जन्म दिया, उसी ने उसकी जिंदगी छीन ली। और फिर कहानी यहीं खत्म नहीं हुई… उसने सच्चाई को मिटाने की कोशिश भी की। क्या शक इतना खतरनाक हो सकता है कि इंसान रिश्तों का गला घोंट दे? लखनऊ से आई ये घटना सिर्फ एक क्राइम नहीं…समाज के टूटते भरोसे की खामोश चीख है। हत्या: जब शक ने इंसानियत को हराया यहां हत्या हथियार से नहीं… सोच से हुई। आरोपी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी का गला घोंटकर हत्या कर दी। कारण?सिर्फ एक शक — कि बेटी…
Read Moreटकराया विमान, आग का गोला बना… जशपुर हादसे ने हिला दिया देश
आसमान से गिरा एक आग का गोला… और जंगल में छा गया सन्नाटा। कुछ ही सेकंड में उड़ान खत्म… और जिंदगी भी।क्या ये हादसा था… या चेतावनी, जिसे हमने फिर नजरअंदाज कर दिया? जशपुर के आरा पहाड़ी इलाके में सोमवार को जो हुआ, वो सिर्फ एक दुर्घटना नहीं… एक खामोश त्रासदी है। हादसा: पहाड़ी से टकराया विमान उड़ान सामान्य थी… लेकिन अंत असामान्य। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक निजी चार्टर्ड विमान आरा पहाड़ी के ऊंचे हिस्से से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विमान तुरंत आग के गोले में बदल गया। पायलट और…
Read Moreसीजफायर के बीच इजरायल ने लेबनान का नया नक्शा जारी किया
सीजफायर हो गया… लेकिन जमीन पर कहानी कुछ और लिखी जा रही है। गोलियां भले रुक गई हों, पर नक्शे बदलने शुरू हो चुके हैं। और यही वो मोड़ है, जहां “शांति” और “रणनीति” एक-दूसरे से टकराते हैं। इजरायल और लेबनान के बीच तनाव थमा जरूर है, लेकिन खत्म नहीं हुआ। अब असली खेल बंदूकों से नहीं… सीमाओं से खेला जा रहा है। सीजफायर के बाद भी ‘एक्शन मोड’ शांति का ऐलान हुआ… लेकिन कदम पीछे नहीं हटे। इजरायल ने पहली बार एक आधिकारिक नक्शा जारी किया है, जिसमें उसने उन इलाकों…
Read Moreइटली में गुरुद्वारे के बाहर… अपने ही ने अपनों को मार डाला!
रात थी बैसाखी की… जश्न होना था, लेकिन गोलियों ने सब कुछ खामोश कर दिया। गुरुद्वारे के बाहर जहां सिर झुकते हैं, वहीं गोलियां चल गईं। और सबसे बड़ा झटका — कातिल भी अपना ही निकला। इटली के बरगमो में जो हुआ, वो सिर्फ एक डबल मर्डर नहीं… बल्कि “अपनों के बीच बढ़ती दरार” का खतरनाक सिग्नल है। जहां विदेश में भारतीय एक-दूसरे का सहारा होते हैं, वहां अब खून के रिश्ते भी शक और गुस्से में डूबते दिख रहे हैं। क्या हुआ उस रात? सच अक्सर भीड़ में छुप…
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