रात थी बैसाखी की… जश्न होना था, लेकिन गोलियों ने सब कुछ खामोश कर दिया। गुरुद्वारे के बाहर जहां सिर झुकते हैं, वहीं गोलियां चल गईं। और सबसे बड़ा झटका — कातिल भी अपना ही निकला। इटली के बरगमो में जो हुआ, वो सिर्फ एक डबल मर्डर नहीं… बल्कि “अपनों के बीच बढ़ती दरार” का खतरनाक सिग्नल है। जहां विदेश में भारतीय एक-दूसरे का सहारा होते हैं, वहां अब खून के रिश्ते भी शक और गुस्से में डूबते दिख रहे हैं। क्या हुआ उस रात? सच अक्सर भीड़ में छुप…
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