“महुआ गया तो मूड बिगड़ा!” — कुशवाहा के कारण NDA की नींद उड़ी!

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर NDA में सियासी डारामा लेवल कम नहीं है। इस बार ड्रामे का नया चेप्टर हैं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा, जो सीट बंटवारे को लेकर काफी खफा हैं। कुशवाहा जी की नाराज़गी इतनी गहरी थी कि उन्हें मनाने सुबह 4 बजे तक केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, धर्मेंद्र प्रधान, सम्राट चौधरी समेत पूरी टोली उनके घर में डटी रही — लेकिन अंत में सबको बिना नाश्ते के वापस जाना पड़ा। क्या है कुशवाहा की ‘Mahua वाली शिकायत’? महुआ सीट, जिसे कुशवाहा अपना…

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BJP की पहली सूची: पुराने विधायकों का पुनरुत्थान या नए चेहरों की दस्तक?

सूत्रों की मानें तो BJP की पहली सूची में बड़े फेरबदल की संभावना कम है। मौजूदा विधायकों को प्राथमिकता दिये जाने की चर्चा है। नए चेहरे सीमित रूप से ही दिखेंगे। यह रणनीति यह संदेश देती है कि पार्टी भरोसेमंद, अनुभवी चेहरों पर विश्वास कर रही है, बजाय बड़े बेचैन बदलाव के। सीटों का प्रारंभिक लक्ष्य — 100 सीटें? कुछ अंदरूनी अनुमान यह हैं कि BJP इस बार लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़े। इनमें से करीब 80 वर्तमान विधायक हैं। अगर पार्टी पुराने विधायकों को मौका देती है, तो…

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कांशीराम पुण्यतिथि पर जुटा BSP का जनसैलाब, साइकिल पंचर, हाथी तैयार!

लखनऊ की सड़कों पर आज नीले रंग का राज। रामाबाई अंबेडकर मैदान से लेकर कांशीराम स्मारक स्थल तक, हर तरफ सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा — मायावती। पार्टी वर्कर्स नीले झंडों, “I Love BSP” पोस्टर्स और जोश से लबरेज दिखाई दिए। आयोजकों ने दावा किया कि रैली में पांच लाख से ज़्यादा लोग पहुंचे, और ज़मीन पर भीड़ देखकर लगा कि BSP फिर से “बैठ गई है मैदान में, गिन लो वोटों के दाने।” सपा-कांग्रेस को “लव लेटर” नहीं, “शॉक लेटर” मायावती ने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए…

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नई पार्टियों की एंट्री से सियासी खिचड़ी तैयार, कौन बनेगा बिहारी बाहुबली?

बिहार में चुनाव से पहले ही हलचल शुरू हो गई है। पटना से लेकर पालीगंज तक सियासत के मैदान में तलवारें नहीं, टिकट चमकाए जा रहे हैं। इस बार मुकाबला सिर्फ पुरानी पार्टियों का नहीं है — 2025 में नई पार्टियों की बारात पूरे ठाठ से आई है, और दूल्हा कौन बनेगा ये जनता को तय करना है! 2020 की कहानी: जब पार्टियों की लाइन लगी थी 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 3733 उम्मीदवार मैदान में थे। 212 राजनीतिक दल, 1299 निर्दलीय और फिर भी, निर्दलीयों में से सिर्फ 1…

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“राहुल का रॉकेट लॉन्च: वोट चोरी पर ‘हाइड्रोजन बम’ जल्द फटेगा!”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को फिर से चुनावी अखाड़े में ‘वोट चोरी’ का नया धमाका किया है। इस बार सिर्फ़ जुबानी नहीं, बल्कि उन्होंने इसे एक “हाइड्रोजन बम” करार दे दिया है। राहुल बोले, “हमने महादेवपुरा और नालंदा में करके दिखा दिया है। अब जो दिखाएंगे, वो पूरे देश को हिला देगा।“ बिलकुल ऐसे जैसे किसी वेब सीरीज़ का सीज़न फिनाले आ रहा हो — “The Vote Heist: Final Reveal”। CEC पर बड़ा आरोप: “CID मांगे डेटा, और CE-कुमार चुप बैठें?” राहुल गांधी का सबसे सीधा…

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“फूलों के बाग़ में काँटे न चुनें — इमाम काउंसिल का वोटर गाइड!”

बोडोलैंड में राजनीतिक तापमान एक बार फिर उबाल पर है, और इस बार बर्तन हिलाया है बोडोलैंड इमाम काउंसिल ने! काउंसिल के अध्यक्ष हाफ़िज़ कटुबुद्दीन ने BJP और AIUDF को सीधे-सीधे ‘सांप्रदायिक ताकतें’ घोषित करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय से इन पार्टियों को तौबा करने की अपील कर दी। कटुबुद्दीन साहब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत एक खूबसूरत फूलों का बाग़ है, लेकिन कुछ पार्टियाँ इसमें आग लगाने पर तुली हैं। कमल और चाँद अब बगीचे के लायक नहीं!” बोलिए, बाग़ में बहार लानी है या बारूद? अल्पसंख्यकों को दिया…

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‘दिल्ली का बाहरी’ से भारत के आर्किटेक्ट तक: मोदी का मिशन

2014 के स्वतंत्रता दिवस पर सफेद कुर्ता और रंग-बिरंगी राजस्थानी साफा में जब नरेंद्र मोदी लाल किले से पहली बार देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने खुद को ‘दिल्ली का बाहरी’ कहा था। यह केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि एक नए युग की शुरुआत थी — जिसमें शासन, नीति और राजनीति तीनों में क्रांतिकारी बदलाव हुए। “मुझे शासन का अनुभव नहीं है, लेकिन मेरे पास विजन है,” — मोदी ने कहा था। 2. पार्टी में बदलाव: BJP from Cadre to Corporate Structure मोदी युग में पार्टी सिर्फ…

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RSS@100: संघ के 100 साल और हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना का सफ़र

आरएसएस, जिसे आमतौर पर संघ के नाम से जाना जाता है, एक हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है. इसकी स्थापना 1925 में महाराष्ट्र के नागपुर में डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी. RSS खुद को एक सांस्कृतिक संगठन बताता है, लेकिन इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का वैचारिक अभिभावक भी माना जाता है. संघ से जुड़े लोगों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन एक अनुमान के अनुसार देश में करीब एक करोड़ स्वयंसेवक हैं. आरएसएस के मुख्य उद्देश्य क्या हैं? RSS का मुख्य उद्देश्य हिंदू संस्कृति,…

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उप-राष्ट्रपति CP राधाकृष्णन की ‘सिलाई से सियासत’ तक की यात्रा!

तमिलनाडु के तिरुप्पुर से निकलकर दिल्ली की पावर गली तक का सफर कोई छोटा-मोटा नहीं होता। लेकिन CP राधाकृष्णन ने यह कर दिखाया और वो भी 452 वोटों के भारी बहुमत के साथ। विपक्ष ने सोचा था कि ‘जस्टिस’ (सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी) के नाम पर कुछ न्याय हो जाएगा… लेकिन हुआ वही जो NDA चाहती थी। “क्रॉस वोटिंग हो सकती है,” ऐसा कहने वाले अब वोटिंग मशीन की बैटरी चेक करवा रहे हैं। कैसे हुआ चुनाव और क्या रहा नतीजा? कुल वोट डाले गए: 767…

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“तेजाब से आवाज बुझा देंगे!” -TMC विधायक Abdur Rahim का वर्जन 2.0

पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर से हाई वोल्टेज मोड में आ गई है। TMC विधायक अब्दुर रहीम बक्शी ने शनिवार को एक जनसभा में जो बोला, उसे सुनकर माइक भी सहम गया। “अगर किसी ने बंगाली प्रवासी मजदूरों को दोबारा ‘बांग्लादेशी’ या ‘रोहिंग्या’ कहा, तो उनके मुंह में तेजाब डाल दूंगा।” – अब्दुर रहीम बक्शी, मालदा सभा में अब चाहे माइक गल गया हो या बयान वायरल हुआ हो, बंगाल की गर्म हवाओं में ये धमकी तेल में आग का काम कर गई है। Shankar Ghosh पर सीधा हमला, लेकिन…

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