Rome: रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच NATO ने इटली में अपना वार्षिक परमाणु अभ्यास ‘स्टेडफास्ट नून 2026’ शुरू कर दिया है। यह अभ्यास 13 से 20 अक्टूबर तक इटली के हवाई क्षेत्र और टायरहेनियन सागर के ऊपर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सामरिक परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से जुड़ी तैयारियों और समन्वय का अभ्यास करना है।
परमाणु हथियारों की तैनाती और विमानों की आवाजाही पर फोकस
इस अभ्यास के तहत शामिल विमानों की आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए ट्रांजिट रूट का एक विशेष नेटवर्क तैयार किया गया है। यह नेटवर्क गेडी और एवियानो एयरबेस को जोड़ता है, जहां अमेरिका के B61-12 परमाणु बमों की मौजूदगी बताई जाती है।
इसके अलावा अमेंडोला, जियोइया डेल कोले और ट्रैपानी एयरबेस से सैन्य बलों और जरूरी उपकरणों को अभ्यास क्षेत्र में तैनात किया गया है।
सार्डिनिया से लेकर 18 हजार मीटर ऊंचाई तक अभ्यास
इस अभ्यास की एक प्रमुख विशेषता सेना की ऊर्ध्वाधर तैनाती व्यवस्था है। इसके तहत सार्डिनिया क्षेत्र में करीब 1,800 मीटर की कम ऊंचाई से लेकर केंद्रीय क्षेत्र में 18,000 मीटर तक की ऊंचाई पर सैन्य गतिविधियों का अभ्यास किया जा रहा है।
NATO इस अभ्यास के जरिए अलग-अलग स्तरों पर हवाई अभियानों, समन्वय और रणनीतिक प्रतिक्रिया क्षमता को परख रहा है।
UAV और निगरानी प्रणाली की भी भूमिका
अभ्यास के दौरान टोही और लक्ष्यों की पहचान के लिए मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) को स्ट्राइक कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके जरिए निगरानी, सूचना जुटाने और संभावित लक्ष्यों की पहचान की प्रक्रिया का अभ्यास किया जा रहा है।
प्रशिक्षण क्षेत्र में नागरिक उड़ानों पर रोक
सुरक्षा कारणों से अभ्यास वाले क्षेत्रों को आम हवाई यातायात से अलग रखा गया है। इसके लिए संबंधित इलाकों में नागरिक विमानों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि सैन्य प्रशिक्षण बिना बाधा के पूरा किया जा सके।
NATO का यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब यूरोप में सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बनी हुई है और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पश्चिमी देशों की सैन्य तैयारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
