झांसी की शिक्षिका को मुख्यमंत्री योगी ने किया मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित, बोले- शिक्षा में उत्कृष्टता और नवाचार के लिए बढ़ाएं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा

झांसी (देवेश प्रताप सिंह राठौर): शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित राज्य अध्यापक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कुल 81 शिक्षकों को मुख्यमंत्री के हाथों राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, झांसी में भी शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन भव्य तरीके से किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों ने बेसिक शिक्षा विभाग के 85 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 45 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्टता और नवाचार को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही प्रतिस्पर्धा प्रदेश और देश के भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह का झांसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में सीधा प्रसारण भी किया गया।

स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर सीएम योगी ने गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चुनावी घोषणाएं करना अलग बात है, लेकिन स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी तैयार करना कठिन काम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ 60 लाख बच्चों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से पैसा पहुंचाया गया है। संस्कृत के छठी कक्षा से लेकर आचार्य स्तर तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से जोड़ना भी सरकार की उपलब्धियों में शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार और ऑपरेशन कायाकल्प जैसे नवाचारों के माध्यम से बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में बदलाव लाना आसान नहीं था, लेकिन सरकार ने इसे करके दिखाया है। उनके मुताबिक टिप्पणी करना आसान है, जबकि धरातल पर काम करके दिखाना चुनौतीपूर्ण होता है।

दुष्प्रचार का जिक्र कर बोले सीएम, यूपी की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को बदनाम करने के लिए किए जा रहे दुष्प्रचार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य के एक जर्जर विद्यालय भवन के वीडियो को झांसी का बताकर प्रसारित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग स्मार्ट क्लास और ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए प्रदेश के विद्यालयों में हुए व्यापक बदलाव को नहीं देखना चाहते।

सीएम योगी ने शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए कहा कि जिस बच्चे को वे आज पढ़ा रहे हैं, अगर आज उससे चूक हुई तो उसका बचपन दोबारा लौटकर नहीं आएगा। इसलिए शिक्षकों को समय के साथ सही दिशा में और सही समय पर निर्णय लेने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति लोगों का विश्वास बनाए रखना सरकार और शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

एआई, रोबोटिक और ड्रोन तकनीक के लिए खुद को तैयार करें शिक्षक

मुख्यमंत्री ने बदलती तकनीक के दौर में शिक्षकों को भी समय के साथ आगे बढ़ने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि एआई, रोबोटिक और ड्रोन तकनीक के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक संसाधनपूर्ण और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ से साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव को शिक्षकों ने स्वयं अपनी आंखों से देखा है। शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक, प्रतिभा और बदलाव को जोड़ते हुए ट्रिपल टी पर जोर दिया गया है, जिसमें शिक्षक का सम्मान, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालयों में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता शामिल है।

राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक का सम्मान सरकार के लिए सिर्फ मानदेय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि गांव के बच्चों के भविष्य के साथ खड़े रहने वाले शिक्षक का सम्मान सबसे पहले होना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि अब शिक्षक की समस्या फाइलों में कैद नहीं रहेगी, बल्कि उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार की ओर से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।

2100 से ज्यादा माध्यमिक विद्यालयों के नए भवन तैयार

मुख्यमंत्री ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में पुराने और जर्जर विद्यालय भवनों की जगह नए भवनों के निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इससे 2100 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों के बेहतर भवन सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में हर जनपद में दो-दो मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। योजना को आगे हर तहसील स्तर तक ले जाने का प्रयास है। इन विद्यालयों को अटल आवासीय विद्यालय की तर्ज पर डे स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां पहली से 12वीं तक के बच्चे एकीकृत परिसर में पढ़ सकेंगे।

32 हजार से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास, 261000 शिक्षकों को टैबलेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, पेयजल और पर्याप्त बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।

इसके अलावा 1129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की गई हैं और 261000 से अधिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का शिक्षा मॉडल आज पूरे देश के सामने है और सरकार इसे और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

डॉ. राधाकृष्णन को याद कर दी शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को याद करते हुए प्रदेशवासियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत रत्न डॉ. राधाकृष्णन को उच्चकोटि का विद्वान और महान दार्शनिक बताया। उन्होंने शिक्षक और गुरु की भूमिका के संदर्भ में वेदव्यास, चाणक्य, सुश्रुत, चरक और आर्यभट्ट जैसे महान विद्वानों के योगदान को भी याद किया।

झांसी में 130 शिक्षकों को जनप्रतिनिधियों ने किया सम्मानित

गोरखपुर के मुख्य समारोह के सीधे प्रसारण के बाद झांसी में आयोजित कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद रमा निरंजन, सदस्य विधान परिषद रामतीर्थ सिंघल, सदस्य विधान परिषद डॉ. बाबूलाल तिवारी, गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत, बबीना विधायक राजीव सिंह परीछा और आरपी निरंजन ने बेसिक शिक्षा विभाग के 85 तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 45 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से कायाकल्प योजना के तहत 19 मानकों पर विद्यालयों में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय और विद्यार्थी की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है।

बच्चों को तकनीक के सदुपयोग के लिए भी करें जागरूक

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि शिक्षकों की पूरे वर्ष की मेहनत और लगन का परिणाम ही शिक्षक सम्मान है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल और इंटरनेट के सदुपयोग के बारे में भी जानकारी दें, ताकि वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अपने विकास और राष्ट्र की उन्नति के लिए कर सकें।

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉलों का जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया। बेसिक शिक्षा के स्टॉल पर लर्न बाई डूइंग, समावेशी शिक्षा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की जानकारी ली गई, जबकि माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर अटल टिंकरिंग लैब के बारे में जानकारी लेकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक रती वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, गणमान्य नागरिक और अन्य अतिथि मौजूद रहे। सम्मानित शिक्षकों में मिलन गुप्ता और राजीव बबेले समेत अन्य अध्यापक शामिल रहे।

 

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