यरुशलम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के गिरफ्तारी वारंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विदेशी देश ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की तो इजरायल की स्पेशल फोर्स ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके खिलाफ जारी ICC वारंट और संयुक्त राष्ट्र महासभा में संभावित यात्रा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है।
ICC वारंट के बावजूद यात्रा से नहीं हिचकने की बात कही
अमेरिका दौरे के दौरान एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें उन देशों की यात्रा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है जो वर्ष 2024 में जारी ICC के गिरफ्तारी वारंट का समर्थन करते हैं। विदेश यात्रा के दौरान संभावित गिरफ्तारी या किसी अप्रत्याशित स्थिति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस संभावना पर विचार करते हैं और ऐसी परिस्थितियों के लिए इजरायल की स्पेशल फोर्स तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं पांच वर्षों तक स्पेशल फोर्स का हिस्सा रह चुके हैं।
ICC ने 2024 में जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
नवंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों से जुड़े मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी वारंट के संदर्भ में विदेश यात्राओं के दौरान उनकी कानूनी स्थिति को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
न्यूयॉर्क के मेयर पर साधा निशाना
अपने बयान के दौरान नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी समाज में विभाजन पैदा कर रहे हैं और न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। नेतन्याहू ने कहा कि यदि वह न्यूयॉर्क जाएंगे तो वहां भी अपनी बात खुलकर रखेंगे।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत जुलाई में उस समय हुई थी, जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा था कि यदि नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने न्यूयॉर्क आते हैं तो उनकी गिरफ्तारी के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी वारंट लागू करने का अधिकार स्थानीय प्रशासन के पास नहीं, बल्कि संघीय सरकार के पास है और अंतिम निर्णय उसी स्तर पर लिया जाएगा।
ट्रंप ने भी दिया था बयान
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका में रहते हुए नेतन्याहू को किसी भी स्थिति में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
