नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। उनकी करीब 24 घंटे की यात्रा के दौरान होटल के ऊपर अस्थायी नो-फ्लाई जोन से लेकर रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु खतरों की जांच तक की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां हमले के संभावित खतरे के साथ-साथ तिब्बती कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को भी ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।
चीन ने ड्रोन, बैनर, लाउडस्पीकर और गुब्बारों के जरिए किसी तरह के चीन विरोधी प्रचार की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर कम ऊंचाई पर उड़ने वाली छोटी हवाई वस्तुओं और अन्य मानवरहित हवाई उपकरणों को रोकने के लिए भी प्रभावी इंतजाम किए जा रहे हैं।
67 लोगों के दल के साथ दिल्ली पहुंचेंगे शी जिनपिंग
शी जिनपिंग शनिवार दोपहर के आसपास दिल्ली पहुंचेंगे। उनके साथ करीब 67 लोगों का दल होगा। इसमें वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां, राजनयिक, सुरक्षा अधिकारी और चिकित्सा कर्मचारी शामिल होंगे।
भारतीय एजेंसियां चीन के इस प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा जरूरतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप इंतजाम कर रही हैं। एक आधिकारिक सूत्र के मुताबिक, विदेशी सरकारों की ओर से उठाए गए सभी सुरक्षा संबंधी मुद्दों और चिंताओं को दिल्ली पुलिस तथा अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल के तहत सुलझाया जा रहा है।
दस दिन पहले ही दिल्ली पहुंचा चीन का खास सामान
शी जिनपिंग की यात्रा से करीब दस दिन पहले चीन ने जरूरी सामान से भरा एक विमान भारत भेज दिया था। इसमें शी की कार होंगकी यानी लाल झंडा स्टेट लिमोजिन, एक बैकअप कार और संचार उपकरण शामिल थे।
इससे साफ है कि चीनी राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान उनके वाहन और संचार व्यवस्था को लेकर भी खास तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय एजेंसियों के साथ चीन की सुरक्षा टीम की भूमिका भी अहम रहेगी।
कम्युनिकेशन उपकरण की अनुमति, सैटेलाइट सिस्टम पर रोक
भारत विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को अपने संचार उपकरण साथ लाने की अनुमति देता है। हालांकि इसके लिए दूरसंचार विभाग की मंजूरी जरूरी होती है। सैटेलाइट संचार उपकरण लाने की अनुमति नहीं है।
हथियारों के मामले में पिस्तौल लाने की अनुमति दी जाती है, लेकिन सबमशीन गन और एंटी-ड्रोन उपकरण जैसे सामान भारत में लाने की अनुमति नहीं है। ऐसे सामान एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क अधिकारियों के पास पहुंचने के बाद छोड़ने पड़ते हैं।
मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक और स्टेट डिनर
शी जिनपिंग शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्र में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी। इसके बाद दोनों नेता स्टेट डिनर में भी शामिल होंगे।
चीनी अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों से शी के स्टाफ को रसोई तक पहुंच देने का अनुरोध किया है। इसका मकसद मेन्यू में शामिल कुछ व्यंजनों को पहले चखना और यह सुनिश्चित करना है कि खाना चीनी राष्ट्रपति की खान-पान संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप हो।
जी20 के दौरान मोटे अनाज पर आधारित मेन्यू की तर्ज पर इस बार भी भोजन के शाकाहारी होने की संभावना जताई गई है।
जमीन के नीचे पाइपलाइन नेटवर्क तक की जांच
शी जिनपिंग के पहुंचने से पहले होटल और आसपास के इलाके में सुरक्षा की व्यापक जांच की जाएगी। आतंकवाद रोधी बलों और विस्फोटक रोधी उपकरणों की तैनाती के अलावा परमाणु, विकिरण और जैव-रासायनिक खतरों से निपटने के लिहाज से भी सुरक्षा जांच होगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन नेटवर्क की भी जांच की जाएगी। होटल और कार्यक्रम स्थलों के आसपास किसी संभावित खतरे को पहले ही पहचानने के लिए सुरक्षा एजेंसियां कई स्तरों पर निगरानी रखेंगी।
रविवार सुबह भारत मंडपम से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे
शी जिनपिंग भारत में करीब 24 घंटे रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह रविवार सुबह करीब 11 बजे भारत मंडपम से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। उनकी यात्रा के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर रहेगी और चीन की सुरक्षा टीम भी भारतीय एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी।
