नोएडा की फैक्ट्रियों में मशीनें खामोश हैं… लेकिन सड़कों पर गूंज रहा है एक ही नारा—“11 हजार में दम नहीं!”। नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों का गुस्सा अब आंदोलन में बदल चुका है। सरकार ने वेतन बढ़ाया जरूर, लेकिन कर्मचारियों के लिए ये राहत नहीं, मज़ाक बनकर रह गई है। ₹20,000 की मांग पर अड़े कर्मचारी कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा सैलरी में घर चलाना नामुमकिन हो गया है। महंगाई, किराया, बच्चों की पढ़ाई—सब कुछ महंगा है, लेकिन सैलरी अब भी “11 हजार क्लब” में अटकी हुई है। यही वजह…
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‘जय भीम’! आंबेडकर जयंती पर प्रशासन और NCP ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
गोरखपुर में आज सिर्फ एक जयंती नहीं मनाई गई… बल्कि एक विचार, एक संघर्ष और एक क्रांति को याद किया गया। डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर पूरा शहर “समानता और न्याय” के संदेश से गूंज उठा। प्रशासन से लेकर राजनीतिक दलों तक—हर मंच पर बाबा साहब को नमन किया गया। डीएम दीपक मीणा ने दी श्रद्धांजलि गोरखपुर में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समान अधिकारों…
Read Moreयोगी सरकार का बड़ा फैसला! मजदूरों की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी
नोएडा के औद्योगिक इलाके में उठा मजदूरों का गुस्सा आखिरकार असर दिखा गया! योगी आदित्यनाथ की सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। ये सिर्फ सैलरी हाइक नहीं, बल्कि सिस्टम को साफ संदेश है—“मजदूर दबेगा नहीं, अब सीधे फायदा पाएगा!” प्रदर्शन के बाद सरकार का त्वरित एक्शन हाल ही में नोएडा और गाजियाबाद में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद सरकार हरकत में आई। हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर तुरंत नई वेतन दरें लागू करने का फैसला लिया गया।…
Read Moreनोएडा में इंडस्ट्रियल टकराव! UP सरकार ने बनाई हाई-पावर कमेटी
नोएडा का इंडस्ट्रियल हब इन दिनों सिर्फ मशीनों की आवाज़ से नहीं, बल्कि टकराव की गूंज से भी भरा हुआ है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा दांव खेलते हुए हालात को संभालने के लिए हाई-लेवल कमेटी मैदान में उतार दी है। संदेश साफ है—“इंडस्ट्री चलेगी, लेकिन टकराव नहीं!” औद्योगिक असामंजस्य पर सरकार का बड़ा कदम जनपद गौतम बुद्ध नगर में बढ़ते औद्योगिक विवाद और असामंजस्य को देखते हुए सरकार ने यह अहम फैसला लिया है। मकसद साफ है—उद्योगों की रफ्तार थमे नहीं और श्रमिकों व उद्यमियों के बीच…
Read More“MBA-BBA गैंग बना ठग!” गर्लफ्रेंड और ऐश के लिए 1 करोड़ उड़ाए
ये अपराध नहीं… ये सिस्टम पर तमाचा है। जहां MBA और BBA की डिग्री “स्टार्टअप” नहीं, “स्कैम मॉडल” बना रही है। और सबसे खतरनाक बात? ये ठग अनपढ़ नहीं थे—ये ट्रेंड समझने वाले पढ़े-लिखे खिलाड़ी थे। कैसे बना ‘डिग्री वाला ठगी गैंग’? UP के अलग-अलग जिलों से आए ये लड़के Noida में पढ़ने गए— वहीं दोस्ती हुई… और फिर “आईडिया” आया। BBA, MBA, BSc, BCA बैकग्राउंड मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी की समझ और फिर… shortcut का रास्ता। जब education skill बन जाए और ethics गायब हो जाए—तो crime “smart” हो जाता है।…
Read More“लहरों ने लौटा दी लाश…” वृंदावन नाव हादसे का दर्दनाक सच
10 अप्रैल को जो नाव पलटी थी… उसने सिर्फ लोगों को नहीं डुबोया था—उम्मीदों को भी बहा दिया था। और आज, उसी यमुना ने एक ऐसा सच किनारे पर फेंका है, जिसे देखकर हर आंख ठहर गई। सुबह की शांति को उस वक्त झटका लगा, जब Shringar Ghat पर लोगों ने नदी में एक शव तैरता देखा। और फिर सवाल उठने लगे—क्या ये उसी हादसे की खोई हुई कहानी है? श्रृंगार घाट पर सनसनी: अचानक दिखा शव सोमवार सुबह का वक्त…लोग अपने रोजमर्रा के काम में लगे थे, तभी नदी की…
Read Moreशुरू हुआ ‘आग का मौसम’, अगले 10 दिन बन सकते हैं जानलेवा
ये सिर्फ गर्मी नहीं है… ये धीरे-धीरे फैलती “आग” है। उत्तर प्रदेश में मौसम ने ऐसा करवट लिया है कि अब धूप नहीं, हवा भी चुभने लगी है। और सवाल ये है—क्या हम सिर्फ शुरुआत देख रहे हैं? सुबह की ठंडी हवा अब गायब है… और दोपहर की धूप “warning” बन चुकी है। जो लोग अभी इसे सामान्य मान रहे हैं, वो शायद आने वाले 10 दिनों की असली तस्वीर नहीं देख पा रहे। तापमान की रेस: कौन बना सबसे गर्म शहर? रविवार को धरती जैसे तपने लगी। Prayagraj ने…
Read Moreनोएडा में मजदूरों का गुस्सा बना आग, सिस्टम की नींव हिली तो डीएम ने संभाला
पहली चिंगारी सैलरी की थी… लेकिन आग पूरे सिस्टम में लग गई। नोएडा के फेज-2 में जो हुआ, वो सिर्फ विरोध नहीं था—ये भूख और हताशा का विस्फोट था। और सबसे खतरनाक सवाल ये है… क्या ये सिर्फ शुरुआत है? दूसरी तरफ, ये कहानी सिर्फ कुछ मजदूरों की नहीं है—ये उस हर इंसान की है, जो महीने के अंत में अपने ही पैसे के लिए भीख मांगता है। क्योंकि जब पेट खाली होता है, तो लोकतंत्र भी कमज़ोर लगने लगता है। विरोध से हिंसा तक: कब बिगड़ा खेल? शुरुआत बेहद…
Read MoreGonda City Montessori के वार्षिकोत्सव में पहुंचे Zeishan Quadri
सिविल लाइन की उन शांत गलियों को क्या पता था कि आज वहां ‘मंजुल’ के बहाने शिक्षा के भविष्य का नया स्क्रिप्ट लिखा जाने वाला है। जब ‘गैंग्स ऑफ वसेपुर’ के लेखक और अभिनेता जीशान कादरी स्टेज पर चढ़े, तो माहौल सिर्फ तालियों का नहीं, बल्कि उन उम्मीदों का था जो अक्सर छोटे शहरों के क्लासरूम में दम तोड़ देती हैं। क्या हमने कभी सोचा है कि हमारे बच्चे सिर्फ मार्कशीट छापने वाली मशीन हैं या उनमें कोई ‘जीशान’ भी छिपा है? दीप प्रज्ज्वलन तो एक रस्म थी, असली आग…
Read Moreहापुड़ में “जलती चिता से हुक्का… इंसानियत या तमाशा?”
श्मशान… जहां खामोशी बोलती है। लेकिन यहां… इंसानियत जल रही थी। एक तरफ 75 साल की बुजुर्ग की अंतिम विदाई…दूसरी तरफ कुछ युवकों का बेहूदा खेल। और सवाल सीधा है हम बदल रहे हैं… या गिर रहे हैं? घटना: मौत के बीच ‘मजाक’ Hapur के एक श्मशान घाट में जो हुआ…वो सिर्फ घटना नहीं, समाज का आईना है। मुन्नी देवी का अंतिम संस्कार हो चुका था। परिजन लौट चुके थे। लेकिन चिता की आग… अभी जल रही थी। और उसी आग को किसी ने “मज़े” के लिए इस्तेमाल कर लिया। वायरल वीडियो: शर्म की…
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