₹160 की बढ़ोतरी… योगी जी लेकिन क्या सच में भरेगा किसान का खलिहान?

खेत की मिट्टी अभी भी वही है… लेकिन दामों का खेल हर सीजन नया स्क्रिप्ट लिखता है। सरकार कह रही है “किसान खुश”, और किसान सोच रहा है “खर्चा पहले ही बढ़ चुका है”। ₹2585 प्रति क्विंटल का MSP सुनने में मिठाई जैसा लगता है, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये मिठास वाकई जेब तक पहुंचती है या सिर्फ हेडलाइन में ही घुल जाती है? MSP बढ़ा… पर क्या बदला? उत्तर प्रदेश में गेहूं का MSP ₹2585 कर दिया गया है। कागज़ पर ये 160 रुपये की बढ़ोतरी है,…

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18 बच्चों का पिता… और अंजाम ऐसा! इश्क, प्रेमिका, ब्लैकमेल और मौत

नहर के किनारे पड़ा एक बोरा… पास खड़े लोग…और पुलिस जब उसे खोलती है, तो सिर्फ एक लाश नहीं—एक पूरी कहानी बाहर गिरती है। ये कहानी है रिश्तों के टूटने की…इश्क के ज़हर बनने की…और उस अंधे मोड़ की, जहां इंसान फैसले नहीं, फैसले इंसान को खत्म कर देते हैं। मामला: प्यार, दबाव और मौत का ट्रिगर प्रतापगढ़ का ये केस किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि यहां “कट” नहीं बोला गया…सीधा “कत्ल” हुआ। मुस्ताक गुलशन उर्फ मुन्ना दो पत्नियां, 18 बच्चे, गांव का प्रभाव…लेकिन…

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इश्क इतना अंधा हुआ कि सास ही रास्ते से हटा दी! कत्ल की खौफनाक कहानी

लखनऊ की एक गली… जहां रोजमर्रा की जिंदगी चलती थी, वहां एक ऐसा सच दफन था जिसे सुनकर रिश्तों पर से भरोसा उठ जाए। ये कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं—ये कहानी है उस अंधे इश्क की, जो धीरे-धीरे इंसान को इंसान नहीं रहने देता।और जब सच सामने आया… तो हर कोई बस यही पूछ रहा था—“क्या कोई रिश्ता इतना गिर सकता है?” प्यार से शुरू हुई कहानी, कत्ल पर खत्म चार साल पहले शुरू हुआ एक “सीक्रेट रिलेशन”… धीरे-धीरे जुनून बना…फिर जिद…और आखिर में—जुर्म 36 साल की रंजना और…

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PDA का ‘A’ अब ‘आधी आबादी’! अखिलेश का Women Strike ट्विस्ट

सियासत कभी-कभी फिल्मी प्लॉट से भी ज्यादा ट्विस्टेड हो जाती है… और इस बार स्क्रिप्ट लिखी है Akhilesh Yadav ने। PDA का पुराना फॉर्मूला अब makeover लेकर आया है—जहां ‘A’ अब Minority नहीं, बल्कि ‘आधी आबादी’ है। मतलब साफ है… 2027 की बिसात पर चालें तेज हैं, और वोट बैंक की गिनती अब सिर्फ जाति से नहीं, जेंडर से भी होगी। PDA का ‘रीमिक्स’: नई सियासत की नई धुन पहले PDA यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक… अब उसी फार्मूले में एक sharp edit हुआ है। ‘A’ का मतलब बदलकर महिलाओं को…

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मंच पर टूटे संजय निषाद! आंसुओं में बहा दर्द— इमोशनल टर्निंग पॉइंट

गोरखपुर का महंत दिग्विजय नाथ पार्क… हजारों लोगों की भीड़… नारे, झंडे, जोश—सब कुछ अपने चरम पर था। लेकिन अचानक—माइक पर खड़े एक नेता की आवाज कांपती है…और अगले ही पल—आंखों से आंसू बहने लगते हैं। ये सिर्फ एक भाषण नहीं था…ये राजनीति का सबसे इमोशनल फ्रेम बन चुका था। जनसैलाब या संदेश? रैली ने क्या दिखाया गोरखपुर में निषाद पार्टी की इस महारैली ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ एक भीड़ नहीं थी—ये एक मैसेज था। आसपास के जिलों से आए हजारों समर्थकों ने मैदान को भर दिया, लेकिन…

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“मोबाइल, सिम और मासूम चेहरे… छुपा था ‘ISI प्लान’! पहले ही खेल खत्म”

कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है. Ghaziabad में पकड़ा गया एक ऐसा नेटवर्क, जो WhatsApp ग्रुप्स और मोबाइल सिम के पीछे छिपकर देश के 7 राज्यों में तबाही का ब्लूप्रिंट तैयार कर रहा था. चेहरे मासूम, उम्र नाबालिग… लेकिन इरादे इतने खतरनाक कि खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ जाए. ‘रेकी से ब्लास्ट तक’ – साजिश का पूरा रोडमैप पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि Inter-Services Intelligence से जुड़ा एक structured network था. पहला चरण:लोकेशन, फोटो और वीडियो भेजनादूसरा…

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Behenji का Masterstroke या Political Gamble? BSP ने फेंका ‘सत्ता पासा’

लखनऊ की सियासत में इन दिनों एक अलग ही तापमान है. फाइलें कम और फॉर्मूले ज्यादा खुल रहे हैं. और इस बार चाल चलने वाली खिलाड़ी हैं Mayawati, जिनका दावा है कि BSP अब “participation” नहीं, सीधे “domination” के mood में है. सवाल ये नहीं कि BSP मैदान में है, सवाल ये है कि क्या ये वही चाल है जो खेल पलट देगी… या फिर एक और सियासी experiment बनकर रह जाएगी? ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ – नारा या नया नेरेटिव? “Master Key”… ये सिर्फ एक slogan नहीं, BSP की…

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1228 जॉब, 100% प्लेसमेंट!” योगी का हेल्थ कार्ड—नर्सिंग में दांव- चुनावी चाल?

तालियों की गूंज…स्टेज पर मुस्कुराते चेहरे…और हाथों में चमकते नियुक्ति पत्र…लेकिन सवाल वही पुराना क्या ये सिर्फ नौकरी है, या एक पॉलिटिकल मैसेज? लखनऊ में हुए इस मेगा इवेंट में योगी आदित्यनाथ ने 1228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र देकर हेल्थ सेक्टर की नई कहानी लिखने का दावा किया। 1228 नियुक्तियां: रोजगार या ‘पावर शो’? सरकार कह रही है “ये सेवा का मिशन है।” 1228 युवाओं को जॉब मिली— लेकिन इसके पीछे का मैसेज और बड़ा है। सरकार दिखाना चाहती है—हम रोजगार दे रहे हैं। और सिस्टम कहना चाहता है—हम बदल…

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छात्र की हत्या! आरोपी का एनकाउंटर नहीं होगा, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे

कभी जहां नोट्स और नॉलेज की बातें होती थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा है… वाराणसी के एक कॉलेज का गलियारा—जहां कल तक दोस्ती थी, आज वही जगह ‘क्राइम सीन’ बन चुकी है। एक छात्र… चार गोलियां… और पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में। कैंपस में कत्ल: दिनदहाड़े मौत का तांडव Uday Pratap College शुक्रवार की सुबह, जब क्लासेस चल रही थीं— 23 वर्षीय छात्र सूर्य प्रताप सिंह को बेहद करीब से गोलियों से भून दिया गया। हमलावर? उसका अपना ही साथी छात्र—मंजीत चौहान गवाहों के मुताबिक सिर और सीने पर निशाना,…

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जब कलम को मिला आशीर्वाद: गोंडा में सम्मान का मंच बना Spiritual Showstoppe

गोंडा की शाम उस दिन थोड़ी अलग थी. हवा में सिर्फ ठंडक नहीं, एक आध्यात्मिक सुकून भी तैर रहा था. शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में जब रोशनी जली, तो यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि “Journalism meets Spirituality” का लाइव एक्सपीरियंस बन गया. श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस समारोह में हिंदी न्यूज़ नाउ के संपादक प्रकाश सिंह को सम्मानित किया गया. लेकिन यह सम्मान सिर्फ एक स्मृति चिन्ह नहीं था, यह उस भरोसे की मोहर थी जो समाज आज भी सच्ची पत्रकारिता पर लगाता है. आशीर्वाद…

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