एक साधारण सा फिसलना…और अचानक देश की राजनीति और आध्यात्मिक गलियारों में हलचल। Acharya Pramod Krishnam के सिर पर लगी चोट ने सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कई सवालों और चर्चाओं को जन्म दे दिया है। और फिर एक फोन कॉल—पीएम Narendra Modi का। यहीं से कहानी सिर्फ मेडिकल नहीं, नेशनल बन जाती है। “घर में हादसा, अस्पताल तक हड़कंप” कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम अपने घर में अचानक फिसलकर गिर पड़े। यह कोई मामूली गिरावट नहीं थी। माथे पर दो इंच से ज्यादा गहरा जख्म, खून, घबराहट और…
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“‘हर घर नल’ में लापरवाही पड़ी भारी! सरकार का एक्शन—12 इंजीनियर सस्पेंड
नल तो लगे… लेकिन पानी से पहले गुस्सा बह निकला। Uttar Pradesh में ‘हर घर नल’ मिशन अब engineering नहीं, accountability का exam बन गया है। Yogi Adityanath सरकार ने साफ कर दिया— “पानी पहुंचे या नहीं… लापरवाही जरूर डूबेगी।” “26 पर कार्रवाई, 12 सस्पेंड” – सिस्टम में सर्जिकल स्ट्राइक जल जीवन मिशन में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 12 जिलों के 26 इंजीनियरों पर एक्शन। 12 को तत्काल सस्पेंड, 4 के खिलाफ departmental inquiry, 7 का ट्रांसफर यह सिर्फ…
Read MoreLucknow में ‘Street Culture’ का ब्लास्ट! 4500 sqm का Skate Park खुला
Lohia Park में बना ये skate park देश का सबसे बड़ा बताया जा रहा है। यहां ramps, bowls, rails और street-style obstacles ऐसे design किए गए हैं कि beginners से लेकर pro-level skaters तक हर कोई अपने skill का level upgrade कर सके। लेकिन असली कहानी infrastructure की नहीं… mindset की है। पहले parents कहते थे: “फोन छोड़ो, बाहर खेलो” अब बच्चे कहेंगे: “स्केटबोर्ड दो, city upgrade हो गया है!” सरकार इसे youth engagement और fitness का बड़ा कदम बता रही है। Urban Sports: नया भारत, नई सोच India में sports…
Read Moreरिश्ते सिर्फ खून के नहीं मैसेज के होते हैं, फूलन की बहन रुक्मणी सपा का चेहरा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब भी कोई नया चेहरा उभरता है, तो वह सिर्फ व्यक्ति नहीं होता… वह एक पूरा संकेत होता है। और इस बार संकेत साफ है—महिला, जातीय समीकरण और भावनात्मक कनेक्शन का तिहरा दांव। सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने जब रुक्मणी निषाद को सपा महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया, तो यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं… बल्कि आने वाले चुनावों की स्क्रिप्ट का पहला पन्ना लगा। कौन हैं रुक्मणी निषाद?—जमीन से जुड़ी, संदेश में भारी रुक्मणी निषाद कोई अचानक उभरा नाम नहीं हैं। वो लंबे समय…
Read More26 और 27 “एक नहीं, दो-दो रामनवमी छुट्टियां! योगी सरकार का ‘डबल प्रसाद’
कभी-कभी सरकारें सिर्फ फैसले नहीं लेतीं… वो माहौल पढ़ती हैं। और इस बार उत्तर प्रदेश में माहौल सिर्फ धार्मिक नहीं था—थोड़ा भावनात्मक, थोड़ा राजनीतिक और थोड़ा “भाई छुट्टी चाहिए” वाला भी था। रामनवमी की तारीख पर ऐसा कन्फ्यूजन फैला कि लोग कैलेंडर से ज्यादा पंडितों की तरफ देखने लगे। ऐसे में जब सीएम Yogi Adityanath ने एक नहीं, बल्कि दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया—तो जनता ने इसे आदेश नहीं, “बोनस” समझा। आस्था vs प्रशासन: किसने जीती बाज़ी? रामनवमी—एक ऐसा पर्व जहां भावनाएं, भक्ति और भीड़ तीनों हाई वोल्टेज…
Read More27 साल बाद बरी हुए Raj Babbar! 1996 केस में कोर्ट का बड़ा फैसला
एक फिल्म होती है… जहां हीरो अंत में जीतता है। और एक real life होती है… जहां climax आने में 27 साल लग जाते हैं। कांग्रेस सांसद Raj Babbar के लिए ये मामला कोई scene नहीं था—ये उनकी जिंदगी की सबसे लंबी “pending script” थी। और अब… आखिरकार कोर्ट ने “cut” बोल दिया। क्या था पूरा मामला: वोटिंग बूथ से कोर्ट तक साल 1996… चुनावी गर्मी… और आरोप— एक polling officer के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा। राजनीति का मैदान कभी-कभी wrestling ring जैसा हो जाता है— जहां आरोप…
Read Moreअब युद्ध है! UPPCS Mains के आखिरी 5 दिन—Game Changer Strategy
29 मार्च… तारीख नहीं—निर्णय का दिन है। अब किताबें नहीं, confidence लिखेगा आपकी कॉपी में। जो 6 महीने में नहीं हुआ… वो अगले 5 दिन में भी हो सकता है—अगर strategy सही है। UPPCS Mains अब knowledge का नहीं… presentation + control + nerve का खेल है। एक्स CMO डॉ. आशुतोष दुबे का बड़ा संदेश “UPPCS सिर्फ एक परीक्षा नहीं, ये मानसिक अनुशासन की ultimate परीक्षा है। मैंने प्रशासन में देखा है कि वही लोग आगे बढ़ते हैं, जो संकट में भी स्पष्ट सोच रखते हैं। इन आखिरी दिनों में students को ‘panic’…
Read Moreपेड़ों की राजनीति या हरियाली क्रांति? 277 करोड़ पौधों का ‘Power Show’
सुबह की हवा में हल्की ठंडक थी… लेकिन इस बार ठंडक मौसम की नहीं, मिशन की थी। उत्तर प्रदेश में हर हाथ में मोबाइल नहीं—पौधा दिख रहा है। कोई फोटो के लिए नहीं लगा रहा… कोई रिकॉर्ड के लिए भी नहीं…बल्कि ऐसा लग रहा है जैसे यूपी ने फैसला कर लिया हो— “अब धूल नहीं, हरियाली उड़ेगी।” लेकिन सवाल अभी भी वही है क्या ये हरियाली जमीनी है… या सिर्फ आंकड़ों की खेती? ‘हरित प्रदेश’ का बड़ा दावा Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जो आंकड़े पेश किए हैं,…
Read MorePollution Crisis: गाजियाबाद का लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
सुबह की पहली सांस… जो जिंदगी देती थी, अब वही खतरे का अलार्म बन चुकी है। लोनी में लोग अब हवा नहीं, “जहर” इनहेल कर रहे हैं। आंखों में जलन, गले में आग और फेफड़ों में भारीपन—यह कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं, बल्कि यहां के हर घर की रोजमर्रा की कहानी है। सवाल ये है—क्या ये शहर जिंदा है, या धीरे-धीरे गैस चैंबर बनता जा रहा है? रिपोर्ट का धमाका: WHO के 22 गुना ऊपर ज़हर IQAir की 2025 रिपोर्ट ने लोनी को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित कर दिया…
Read Moreजमीन मेरी, कब्जा उनका… और पुलिस? कासगंज में सिस्टम का ‘काला सच’
कागजों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की सरकार है… लेकिन ज़मीन पर ‘फुल टॉलरेंस’ का खेल चल रहा है। कासगंज के एक किसान की कहानी सिर्फ उसकी नहीं—ये उस सिस्टम की एक्स-रे रिपोर्ट है, जहां न्याय फाइलों में फंसता है और दबंग ट्रैक्टर चढ़ाकर हकीकत लिखते हैं। एक अकेला किसान… चार दिन से फर्द लेकर दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है। उधर, उसकी जमीन पर कब्जा करने वाले दबंग आराम से ‘कानून’ को चाय पिला रहे हैं। सवाल सीधा है—क्या कानून वाकई अंधा है, या आंखें बंद करने का ठेका दे दिया गया है?…
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