“मोहब्बत हमसे, शादी मोदी से!” संसद में हंसी, तंज और इमोशन का फुल ड्रामा

दिल्ली की संसद ने बुधवार को ऐसा दृश्य देखा, जो शायद किसी स्क्रिप्ट राइटर ने भी नहीं लिखा होगा। एक तरफ विदाई की नमी थी, दूसरी तरफ तंज की गर्मी। और बीच में खड़ी थी भारतीय राजनीति—जहां हर इमोशन के पीछे एक ‘मैसेज’ छुपा होता है। विदाई का दिन: जब राजनीति ने थोड़ी इंसानियत दिखाई राज्यसभा में 37 सांसदों की विदाई सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी। यह वह पल था जब सालों की बहसें, आरोप-प्रत्यारोप और गठबंधन की खींचतान अचानक ‘रिस्पेक्ट मोड’ में चली गईं। Mallikarjun Kharge ने मंच संभालते…

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“हैंडपंप से पाइपलाइन तक: योगी के 9 साल में बदला UP या बदली कहानी?”

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पानी अब सिर्फ जीवन नहीं, ‘नैरेटिव’ भी बन चुका है। एक तरफ सरकार दावा कर रही है कि गांव-गांव तक शुद्ध पानी पहुंचा, दूसरी तरफ सवाल उठ रहे हैं क्या पाइपलाइन से पानी आया या सिर्फ वादों की धार बह रही है? 9 साल का रिपोर्ट कार्ड: वादों का वजन या हकीकत का असर? मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 9 साल पूरे होने पर अपनी सरकार की उपलब्धियों का खाका पेश किया। उन्होंने साफ कहा—सरकार Narendra Modi के विजन को जमीन पर उतारने के मिशन पर…

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‘जग लाडकी’! जब बारूद के बीच से तेल लेकर लौटा भारत का जहाज

समंदर आजकल सिर्फ पानी नहीं उगल रहा—वह तनाव, खतरा और राजनीति की कड़वाहट भी उफान पर ला रहा है। ऐसे में एक भारतीय जहाज, ‘जग लाडकी’, बारूद की सुरंग से गुजरकर जैसे ही मुंद्रा के किनारे लगा… यह सिर्फ एक लैंडिंग नहीं थी, यह एक ‘साइलेंट विक्ट्री’ थी। बिना गोली चलाए, बिना शोर मचाए—भारत ने अपनी बाज़ी जीत ली। मुंद्रा पोर्ट पर ‘जग लाडकी’ की एंट्री: राहत की सांस गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर जब ‘जग लाडकी’ ने एंकर गिराया, तो यह सिर्फ एक जहाज का आना नहीं…

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“एक ताबूत में सत्ता, दूसरे में खून का रिश्ता!” तेहरान से आई तस्वीर ने दुनिया को हिला दिया

तेहरान की सर्द हवा में आज बारूद की गंध घुली है। एक तस्वीर—सिर्फ एक तस्वीर—ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। एक ताबूत में ईरान की सत्ता का चेहरा… और उसके ठीक बगल में उसका खून। यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि जंग का वह सच है जिसे कैमरे ने पकड़ लिया। तेहरान का शहीद स्मारक: जहां राजनीति ने निजी दर्द को छू लिया राजधानी के शहीद स्मारक से वायरल हुई तस्वीर में अली लारीजानी और उनके बेटे मोर्तजा के ताबूत साथ रखे हैं। यह दृश्य सिर्फ एक अंतिम विदाई नहीं,…

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होर्मुज में अमेरिका की बमबारी—दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के दरवाजे पर?

दुनिया की अर्थव्यवस्था की नस… और उस पर सीधे बम गिराए गए। होर्मुज जलडमरूमध्य जहां से गुजरता है दुनिया का तेल, अब वहां से गुजर रही है tension। मार्च 2026 एक महिना जो सिर्फ कैलेंडर में नहीं, global panic में दर्ज हो चुकी है। यह कोई साधारण एयरस्ट्राइक नहीं…यह oil routes पर control की लड़ाई है जहां हर missile का असर petrol pump तक महसूस होगा। “ऑपरेशन होर्मुज: अमेरिका का बड़ा दांव” United States Central Command ने ऐलान किया होर्मुज पर दोबारा नियंत्रण के लिए बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू। Iran के…

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कांग्रेस के दिग्गज प्रद्युत बोरदोलोई ने बदला पाला—असम में सियासी भूचाल

असम की राजनीति इस वक्त चाय की केतली नहीं… pressure cooker बन चुकी है। सीटी बज चुकी है, और ढक्कन उछलने लगा है। एक इस्तीफा… और फिर अचानक पाला बदल। चुनाव से ठीक पहले ऐसा move, जो सिर्फ headlines नहीं बनाता बल्कि पूरी political script rewrite कर देता है। यह कहानी सिर्फ एक नेता की नहीं timing, tactics और तख्त की है। “कांग्रेस के किले में सेंध” Pradyut बोरदोलोई कांग्रेस का वो चेहरा, जो नागांव से संसद तक पहुंचा। अब वही चेहरा अचानक BJP के मंच पर नजर आया। इस्तीफा दिया… और…

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Facebook Friend से शुरू हुआ खेल और खत्म हुआ 1.57 करोड़ के फ्रॉड पर

एक क्लिक… एक फ्रेंड रिक्वेस्ट… और जिंदगी भर की कमाई हवा! कानपुर की शांत गलियों से उठी यह कहानी किसी Netflix थ्रिलर से कम नहीं। जहां “Mark Zuckerberg” बनकर आए एक मैसेज ने भरोसे को bait बनाया और बैंक बैलेंस को blank।यह सिर्फ ठगी नहीं, डिजिटल युग का psychological attack है जहां ठग आपका पैसा नहीं, आपका भरोसा hack करते हैं। “कैसे बिछा डिजिटल जाल?” Kanpur की रहने वाली रिटायर्ड टीचर एलिसन वीम्स के पास जनवरी 2025 में एक Facebook friend request आई।नाम था Mark Zuckerberg। भरोसा करना आसान था …

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दीदी का किला! भवानीपुर में ममता vs शुभेंदु—बंगाल का सबसे बड़ा महासंग्राम

कोलकाता की सड़कों पर इस बार सिर्फ ट्रैफिक नहीं tension भी जाम है। भवानीपुर सीट अब सिर्फ एक चुनावी मैदान नहीं रही, यह ego, legacy और revenge का अखाड़ा बन चुकी है। एक तरफ “दीदी” हैं, जिनके लिए यह घर है दूसरी तरफ वही चेहरा, जिसने नंदीग्राम में उन्हें गिराया था।इस बार कहानी सीधी है—“घर बचाओ vs इतिहास दोहराओ”। “दीदी का किला: भवानीपुर क्यों?” Mamata Banerjee के लिए भवानीपुर सिर्फ सीट नहीं, identity है। यहीं से 2011, 2016 और फिर 2021 उपचुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की। नंदीग्राम की हार के…

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दरिंदगी की हद! स्कूल से घर लौट रही थी रास्ते में एसिड ने छीन ली मासूमियत

कुछ खबरें सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं सीने में उतर जाती हैं। महाराष्ट्र के एक छोटे से कस्बे में, स्कूल बैग लिए घर लौट रही एक बच्ची को शायद अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में कोई उसकी जिंदगी को जला देने का इंतजार कर रहा है।एक पल और बचपन राख में बदल गया। “सड़क पर अचानक हमला, और फिर खामोशी” Ahilyanagar जिले के संगमनेर तहसील के वडगांव पान इलाके में यह वारदात किसी nightmare की तरह सामने आई। छठी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची रोज की तरह स्कूल से घर…

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“मम्मी नहीं!”—7 साल की बेटी बनी ‘जीवन रक्षक’, मौत को मात देती चीख

रेल की पटरियों पर दौड़ती ट्रेनें आमतौर पर यात्रियों को मंज़िल तक पहुंचाती हैं लेकिन अलीगढ़ में एक पल ऐसा आया जब वही पटरी किसी की जिंदगी का आखिरी स्टेशन बनने वाली थी। और तभी एक सात साल की नन्ही आवाज़ गूंजी—“मम्मी नहीं!”उस एक चीख ने मौत की रफ्तार को ब्रेक लगा दिया। “स्टेशन बना जंग का मैदान” Aligarh Railway Station पर उस दिन सब कुछ सामान्य था भीड़, announcements, आती-जाती ट्रेनें। लेकिन इस रोजमर्रा के शोर में एक मां की चुप्पी छिपी थी, जो भीतर से टूट चुकी थी।…

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