बचाने दौड़े और मौत ने सबको चुन लिया! इंसानियत पर चढ़ा स्पीड का पहिया

रात के अंधेरे में इंसानियत सड़क पर उतरी… और कुछ ही सेकंड में वही इंसानियत कुचल दी गई। जो लोग किसी की जान बचाने दौड़े थे, वही खुद मौत के आंकड़े बन गए। सवाल ये नहीं कि हादसा कैसे हुआ… सवाल ये है कि आखिर हमारी सड़कों पर मौत इतनी सस्ती क्यों हो गई है? देर रात 12 बजे के आसपास, उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में जो हुआ, वो सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं था… वो सिस्टम, स्पीड और संवेदनहीनता का खौफनाक गठजोड़ था। हादसा या हत्याकांड? यह सिर्फ टक्कर नहीं…

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सुहागरात पर ‘ना’… फिर थप्पड़ और खून! रामपुर की शादी बनी जंग का मैदान

शादी की रात आमतौर पर एक नई शुरुआत की कहानी लिखती है, लेकिन रामपुर में यही रात एक रिश्ते के टूटने का गवाह बन गई। फूलों से सजा कमरा, उम्मीदों से भरी आंखें और एक नई जिंदगी की शुरुआत—सब कुछ तैयार था, लेकिन कुछ ही मिनटों में सब बिखर गया। दुल्हन के एक फैसले ने न सिर्फ दूल्हे को झकझोर दिया, बल्कि पूरे परिवार को ऐसे संकट में डाल दिया, जहां से बात सीधे पंचायत और फिर पुलिस तक पहुंच गई। “शादी हुई, लेकिन रिश्ता बना ही नहीं” रामपुर के…

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“मम्मी नहीं!”—7 साल की बेटी बनी ‘जीवन रक्षक’, मौत को मात देती चीख

रेल की पटरियों पर दौड़ती ट्रेनें आमतौर पर यात्रियों को मंज़िल तक पहुंचाती हैं लेकिन अलीगढ़ में एक पल ऐसा आया जब वही पटरी किसी की जिंदगी का आखिरी स्टेशन बनने वाली थी। और तभी एक सात साल की नन्ही आवाज़ गूंजी—“मम्मी नहीं!”उस एक चीख ने मौत की रफ्तार को ब्रेक लगा दिया। “स्टेशन बना जंग का मैदान” Aligarh Railway Station पर उस दिन सब कुछ सामान्य था भीड़, announcements, आती-जाती ट्रेनें। लेकिन इस रोजमर्रा के शोर में एक मां की चुप्पी छिपी थी, जो भीतर से टूट चुकी थी।…

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1917 का कर्ज, 2026 की कानूनी तैयारी: सीहोर से लंदन तक गूंज

मध्य प्रदेश के सीहोर से एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने इतिहास की अलमारी से एक पुरानी फाइल बाहर निकाल दी है। दावा है कि 1917 में सेठ जुम्मालाल ने ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपये उधार दिए थे। अब 109 साल बाद उनके पोते विवेक रूठिया इस कर्ज की वसूली के लिए ब्रिटिश सरकार को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में हैं। विरासत में मिले दस्तावेज और बड़ा दावा विवेक रूठिया का कहना है कि परिवार को विरासत में मिले ऐतिहासिक दस्तावेज और वसीयत की लिखा-पढ़ी में इस…

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राजा की आत्मा का इंसाफ़! शिलांग में पूजा, फिर मिला डेथ सर्टिफिकेट

राजा रघुवंशी हत्याकांड की कहानी जितनी दर्दनाक है, उतनी ही रहस्यमयी भी। इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद अब उनके परिवार को थोड़ा चैन मिला है—क्योंकि शिलांग में पूजा के बाद राजा का मृतक प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी कर दिया गया है। शिलांग में आत्मा की शांति के लिए पूजा राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने 24 जुलाई को शिलांग के सोहरा क्षेत्र में उस जगह पर पूजा कराई, जहां राजा का शव मिला था। उनका मानना है कि राजा की आत्मा भटक रही…

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मराठी नहीं आती? चलिए, लातों से सिखाते हैं!” – सड़क पर ट्यूशन सेंटर

महाराष्ट्र की राजनीति फिर से भाषाई सड़ांध से महक उठी है। पालघर के विरार इलाके में एक उत्तर भारतीय ऑटो ड्राइवर की ‘मैं मराठी नहीं बोलूंगा’ वाली लाइन उसे ‘लाठी-पाठशाला’ तक ले गई। वीडियो में साफ देखा गया कि कैसे मनसे और शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने ऑटो ड्राइवर की भीड़ में बेइज्जती और पिटाई की — और हां, सबके सामने “मराठी में माफी” भी दिलवाई। वीडियो वायरल हो चुका है, इंसान की गरिमा नहीं।” ” यहां मराठी बोलो” – भीड़ का कानून ऑन कैमरा ड्राइवर कहता है — “मैं…

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