ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रदर्शन से कांग्रेस ने बनाई दूरी, AAP और लेफ्ट ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों के बीच अलग-अलग रुख नजर आ रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को होने वाले विरोध प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों का समर्थन मिला है, जबकि कांग्रेस इस आंदोलन से दूरी बनाए हुए है।

CJP लगातार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। इससे पहले भी कांग्रेस ने अलग-अलग मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किए हैं, लेकिन दोनों दलों के नेता अब तक एक साथ किसी मंच पर नजर नहीं आए हैं।

जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होंगे AAP और लेफ्ट के नेता

जंतर-मंतर पर होने वाले CJP के प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों ने शामिल होने का ऐलान किया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने परिवार के साथ इस आंदोलन में शामिल होंगे।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट की ओर से प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं थी। हालांकि, दिल्ली रवाना होने से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि वह 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं, लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ था।

NEET मामले में भी CJP के साथ आए थे विपक्षी दल

इससे पहले लेफ्ट दलों, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन का समर्थन किया था और उसमें भाग भी लिया था। इस आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हुई थी।

कांग्रेस क्यों बना रही आंदोलन से दूरी?

कांग्रेस का CJP के आंदोलनों से दूरी बनाना नया नहीं है। इससे पहले भी जब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए थे, तब कांग्रेस नेता उस मंच पर शामिल नहीं हुए थे और उन्होंने अलग कार्यक्रम आयोजित किया था।

उस दौरान विपक्ष के कई नेता अभिजीत दीपके के मंच पर पहुंचे थे, लेकिन राहुल गांधी इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे। शनिवार को होने वाले जंतर-मंतर प्रदर्शन के दिन राहुल गांधी चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे हैं।

विपक्षी दलों ने उठाया प्रदर्शन के अधिकार का मुद्दा

CJP के प्रदर्शन से पहले वामपंथी दलों ने सरकार की पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए हैं। CPM महासचिव एमए बेबी ने शनिवार के विरोध प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की कोशिश की।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी CJP के समर्थन में पोस्ट किया। CPM, CPI, CPI(ML)L, RSP और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक जैसे वामपंथी दलों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होना और विरोध प्रदर्शन करना लोगों का मौलिक अधिकार है।

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