भारत: एक कुर्सी प्रधान राष्ट्र — जहां कुर्सी ही धर्म, कर्म और मर्म है!

भारत में कुर्सी सिर्फ लकड़ी या स्टील का बना बैठने का साधन नहीं है। यह लक्ष्य भी है, सपना भी। सत्ता भी है, सत्ता का सत्यापन भी। यहाँ कुर्सी पर बैठने से आदमी नेता बनता है, और उठते ही “पूर्व”। कुर्सी यहाँ हसरत भी है और हकीकत भी। इस देश में कुर्सी की पूजा होती है, और चुनावों में तो इसे तख़्त-ओ-ताज मान लिया जाता है। राजनीति में कुर्सी: जितनी ऊँची, उतनी बड़ी लड़ाई यहाँ हर 5 साल में नहीं, हर साँस में चुनाव होता है। पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री…

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“वक़्फ़ बिल पर SC की कैंची चली, उमर बोले- अच्छा हुआ!”

देशभर में विवादों के केंद्र बने वक़्फ़ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने अधिनियम पर पूरी तरह से रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन विवादास्पद प्रावधानों को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है। क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि पूरे वक़्फ़ कानून को नहीं रोका जाएगा, लेकिन ऐसे प्रावधान जो सीधे तौर पर धार्मिक आज़ादी या समानता का उल्लंघन करते हैं, उन पर अंतरिम रोक लगाई गई है। इसमें खासतौर पर वो प्रावधान शामिल…

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पंडित गोविंद वल्लभ पंत की जयंती पर CM योगी ने किया नमन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और स्वतंत्र भारत के गृहमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय परिसर में हुए इस आयोजन में CM योगी ने पंत जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें “भारत मां का सच्चा सपूत” बताया। स्वतंत्रता के बाद यूपी के पुनर्निर्माण में निभाई थी ऐतिहासिक भूमिका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत ने आजादी के बाद जब देश बिखरी हुई व्यवस्था और…

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देश के नेता भुट्टे जैसे: चमकते दाने, पर खाली अंदर

भारत की राजनीति में अक्सर यह कहा जाता है कि “देश के नेता भुट्टे की फसल जैसे होते हैं।” यह बयान जितना मजेदार लगता है, उतना ही गहरा अर्थ भी रखता है। भुट्टे के चमकदार दाने जैसे दिखने वाले नेता, जब जनता से वोट मांगते हैं, तो लोग उनकी चमक-दमक और वायदों के पीछे का सच देख नहीं पाते। लेकिन जैसे ही चुनावी दौर खत्म होता है और सरकारें बनती हैं, जनता को अंदर की खालीपन का एहसास होता है। राजनीति में क्या है भुट्टे जैसा फर्क? भुट्टे के दाने…

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“ना खुद रिटायर होंगे, ना किसी को होने देंगे!” अखिलेश का संघ पर वार

राजनीतिक गलियारों में इन दिनों रिटायरमेंट की उम्र सबसे गरम मुद्दा बना हुआ है — और इस आग में अब अखिलेश यादव ने भी चुटकी भर नमक डाल दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को साफ किया कि उन्होंने कभी किसी को 75 साल में रिटायर होने की सलाह नहीं दी, लेकिन इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए सीधे वार कर डाला। अखिलेश का तंज: “ना खुद रिटायर होंगे, ना किसी को होने देंगे” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अखिलेश यादव…

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अब राजनीति नहीं, ट्रोलनीति चल रही है! “कहाँ आ गए हम?”

2025 में भारत की राजनीति अब संसद से ज़्यादा Twitter Spaces और Instagram Reels में होती है। पहले नेता भाषण देते थे, अब GIFs और “Savage Replies” से काम चल जाता है। जहाँ पहले मैनिफेस्टो पढ़े जाते थे, अब मीम-पेज से पॉलिटिकल एजेंडा सेट होता है। नेताओं की योग्यता अब इस पर निर्भर करती है कि कौन ज़्यादा वायरल हुआ। नेतागिरी नहीं, मीमागिरी नेताओं के ट्विटर बायो में अब “Public Servant” नहीं बल्कि “Part-time Comedian” और “Full-time Troll Slayer” लिखा होता है। मुद्दे? वो अब किसी dusty फाइल में पड़े…

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राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला: “EC और BJP में है पार्टनरशिप”

बिहार की गर्म सियासत के बीच ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर निकले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अररिया से चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं, बल्कि साझेदाराना हो गया है – और वो भी BJP के साथ। “इलेक्शन कमीशन, इलेक्शन कमिश्नर और बीजेपी के बीच में पार्टनरशिप है।” – राहुल गांधी एक जैसे बयान, लेकिन ‘अलग-अलग’ रियायतें? राहुल गांधी का आरोप है कि उन्होंने जब SIR (Special Intensive Revision) पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायत की, तो उनसे तुरंत शपथ पत्र (Affidavit)…

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नितीश कुमार: बिहार विकास के बादशाह, CM लिस्ट में तीसरे नंबर पर

भारत में प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री (CM) का राजनीतिक, प्रशासनिक और जनसमर्थन के आधार पर अलग-अलग मूल्यांकन होता है। नितीश कुमार, जो बिहार के मुख्यमंत्री हैं, उनकी लोकप्रियता और काम के कारण वे अक्सर देश के शीर्ष मुख्यमंत्री में गिने जाते हैं। लेकिन यदि देश के सभी मुख्यमंत्री की लिस्ट बनाई जाए तो नितीश कुमार किस नंबर पर होंगे? आइए विस्तार से जानते हैं। नितीश कुमार की राजनीतिक पहचान और अनुभव नितीश कुमार ने बिहार की राजनीति में करीब दो दशक से अधिक समय तक राज किया है। उनके कार्यकाल…

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दिशोम गुरु अब नहीं रहे – शिबू सोरेन के निधन से झारखंड में शोक की लहर

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन का आज निधन हो गया।इस बात की पुष्टि उनके बेटे और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर की। “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं।”— हेमंत सोरेन का भावुक पोस्ट झारखंड आंदोलन का चेहरा – दिशोम गुरु शिबू सोरेन को झारखंड में ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाना जाता था।उन्होंने आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की लड़ाई और राज्य गठन के लिए एक लंबा संघर्ष किया। 3 बार…

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POK चाहिए या परेशानी? जोश में होश न गवाएं वरना जेब और जहान दोनों जाएं!

“POK लेना चाहिए या नहीं?” – ये सवाल अब सिर्फ राष्ट्रवाद का नारा नहीं, बल्कि भारत के सामने एक जटिल रणनीतिक, आर्थिक और सामाजिक चुनौती बन चुका है। सोशल मीडिया पर “अब की बार, POK हमारा” जैसे ट्रेंड चलाना जितना आसान है, हकीकत में उसे भारत में शामिल करना उतना ही कठिन और महंगा सौदा है। क्या वाकई POK को फिर से भारत में मिलाना देश के लिए फायदे का सौदा होगा, या ये ‘जज्बात में लिए गए फैसले’ जैसा कोई कदम साबित हो सकता है?इस लेख में हम आपको…

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