देश की वरिष्ठ महिला नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mohsina Kidwai के निधन ने भारतीय राजनीति में एक बड़ा खालीपन छोड़ दिया है। उनकी सादगी, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए हर कोई भावुक नजर आया। लखनऊ में शोक बैठक: श्रद्धांजलि का सैलाब उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में Hemvati Nandan Bahuguna Smriti Samiti की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रो0 Rita Bahuguna Joshi के आवास पर हुई, जहां समिति के सदस्यों ने एक स्वर में किदवई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान किदवई को…
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403 सीट… 4030 स्मारक! Yogi सरकार का ‘Monument Power Play’
उत्तर प्रदेश की सियासत में अब विकास की भाषा बदल रही है। सड़क, बिजली, पानी के बाद अब ‘स्मारक’ नया नैरेटिव बन चुके हैं। Yogi Adityanath सरकार ने ऐलान किया है—हर विधानसभा में 10 स्मारक। सवाल ये नहीं कि बनेंगे… सवाल ये है कि आखिर ये बन किसके लिए रहे हैं—विरासत के लिए या वोट के लिए? कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘स्मारक मॉडल’ लॉन्च लखनऊ की बंद कमरों वाली कैबिनेट मीटिंग में एक ऐसा फैसला हुआ जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। ‘डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’—नाम जितना…
Read Moreहिंदू आबादी बढ़ाने की बात- तो खुद शादी करें! शंकराचार्य का भागवत पर वार!
बरेली की जमीन पर दिया गया एक बयान अब देशभर की सियासत में गूंज रहा है। मंच सादा था, लेकिन शब्द इतने तीखे कि सीधे सत्ता और विचारधारा के केंद्र तक जा पहुंचे। जब धर्म, जनसंख्या और नेतृत्व एक ही वाक्य में टकराते हैं, तो विवाद सिर्फ खबर नहीं बनता—वो नैरेटिव बन जाता है। और इस बार निशाने पर थे Mohan Bhagwat। बयान जिसने बढ़ाई सियासी गर्मी उत्तर प्रदेश के Bareilly में पहुंचे Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी। हिंदू…
Read Moreशादी में गए विधायक, अखिलेश नाराज़! सपा में अब परमिशन पॉलिटिक्स शुरू?
एक शादी… तीन विधायक… और पूरा सियासी तूफान तैयार। सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav का एक बयान आया और पार्टी के अंदर खामोशी की जगह खलबली ने ले ली। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि कौन गया… असली सवाल यह है कि क्या अब राजनीति में रिश्तों से पहले “रूलबुक” पढ़नी पड़ेगी? “जब शादी में जाना भी पॉलिटिकल रिस्क बन जाए, समझ लीजिए सिस्टम ओवरलोड हो चुका है।” घटना: शादी बनी सियासी मुद्दा 30 मार्च को जोधपुर में IPS अधिकारी के के बिश्नोई और अंशिका वर्मा का ग्रैंड रिसेप्शन हुआ। इस कार्यक्रम में…
Read Moreयोगी का वार—‘राजनीतिक कचरा हटाया, तभी चमका लखनऊ’”
लखनऊ की सड़कों पर आज सिर्फ गाड़ियां नहीं चलीं—एक राजनीतिक संदेश दौड़ा। जब सीएम Yogi Adityanath ने 250 इलेक्ट्रिक और CNG कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाई, तो यह सिर्फ स्वच्छता अभियान नहीं था… यह विपक्ष पर सीधा वार था। “राजनीतिक कचरा हटाया, तभी शहर चमका”—इस एक लाइन ने पूरे इवेंट को टेक्निकल से पॉलिटिकल बना दिया। “250 गाड़ियां, लेकिन संदेश 2027 तक जाएगा” लखनऊ नगर निगम के लिए शुरू हुई यह नई fleet सिर्फ waste management upgrade नहीं है—यह governance model का showcase है। 250 EV + CNG vehicles…
Read Moreदादरी से भाईचारा शतरंज? अखिलेश का 2027 मिशन शुरू, पश्चिम की रणभूमि
उत्तर प्रदेश की सत्ता किसी एक भाषण से नहीं, बल्कि जमीन पर बने समीकरणों से तय होती है। और इस बार कहानी की शुरुआत हो रही है दादरी से। Akhilesh Yadav की ‘भाईचारा रैली’ सिर्फ एक भीड़ जुटाने का इवेंट नहीं, यह 2027 की सत्ता की पटकथा का पहला सीन है। “दादरी क्यों?” – सियासत का लॉन्चपैड Dadri कोई साधारण जगह नहीं है। पश्चिमी यूपी का यह इलाका सियासी हवा का बैरोमीटर माना जाता है। राजनीतिक इतिहास गवाही देता है कि जब भी समाजवादी पार्टी ने यहां से शुरुआत की, उसे momentum…
Read MoreMoU या महज़ कागज़ी जादू? LPG बना ‘लापता गैस’—Akhilesh का वार
लखनऊ की दोपहर… कैमरों की चमक, माइक्स की भीड़… और मंच पर खड़े Akhilesh Yadav। आवाज में तल्खी थी, शब्दों में सियासी बारूद। उन्होंने सिर्फ बयान नहीं दिया—उन्होंने एक नैरेटिव को तोड़ने की कोशिश की। “MoU… MoU… MoU…!” ये सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि अखिलेश के मुताबिक “सरकार का सबसे बड़ा illusion” बन चुका है। ‘MoU’ या ‘माहौल बनाने की मशीन’? अखिलेश यादव ने सबसे पहला हमला सरकार के उन निवेश समझौतों पर किया जिन्हें अब तक विकास का चेहरा बताया जाता रहा है। उनका आरोप सीधा था— “ये MoU जमीन…
Read Moreरिश्ते सिर्फ खून के नहीं मैसेज के होते हैं, फूलन की बहन रुक्मणी सपा का चेहरा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब भी कोई नया चेहरा उभरता है, तो वह सिर्फ व्यक्ति नहीं होता… वह एक पूरा संकेत होता है। और इस बार संकेत साफ है—महिला, जातीय समीकरण और भावनात्मक कनेक्शन का तिहरा दांव। सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने जब रुक्मणी निषाद को सपा महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया, तो यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं… बल्कि आने वाले चुनावों की स्क्रिप्ट का पहला पन्ना लगा। कौन हैं रुक्मणी निषाद?—जमीन से जुड़ी, संदेश में भारी रुक्मणी निषाद कोई अचानक उभरा नाम नहीं हैं। वो लंबे समय…
Read Moreमंच पर टूटे संजय निषाद! आंसुओं में बहा दर्द— इमोशनल टर्निंग पॉइंट
गोरखपुर का महंत दिग्विजय नाथ पार्क… हजारों लोगों की भीड़… नारे, झंडे, जोश—सब कुछ अपने चरम पर था। लेकिन अचानक—माइक पर खड़े एक नेता की आवाज कांपती है…और अगले ही पल—आंखों से आंसू बहने लगते हैं। ये सिर्फ एक भाषण नहीं था…ये राजनीति का सबसे इमोशनल फ्रेम बन चुका था। जनसैलाब या संदेश? रैली ने क्या दिखाया गोरखपुर में निषाद पार्टी की इस महारैली ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ एक भीड़ नहीं थी—ये एक मैसेज था। आसपास के जिलों से आए हजारों समर्थकों ने मैदान को भर दिया, लेकिन…
Read MoreBehenji का Masterstroke या Political Gamble? BSP ने फेंका ‘सत्ता पासा’
लखनऊ की सियासत में इन दिनों एक अलग ही तापमान है. फाइलें कम और फॉर्मूले ज्यादा खुल रहे हैं. और इस बार चाल चलने वाली खिलाड़ी हैं Mayawati, जिनका दावा है कि BSP अब “participation” नहीं, सीधे “domination” के mood में है. सवाल ये नहीं कि BSP मैदान में है, सवाल ये है कि क्या ये वही चाल है जो खेल पलट देगी… या फिर एक और सियासी experiment बनकर रह जाएगी? ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ – नारा या नया नेरेटिव? “Master Key”… ये सिर्फ एक slogan नहीं, BSP की…
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