मंच पर टूटे संजय निषाद! आंसुओं में बहा दर्द— इमोशनल टर्निंग पॉइंट

गोरखपुर का महंत दिग्विजय नाथ पार्क… हजारों लोगों की भीड़… नारे, झंडे, जोश—सब कुछ अपने चरम पर था। लेकिन अचानक—माइक पर खड़े एक नेता की आवाज कांपती है…और अगले ही पल—आंखों से आंसू बहने लगते हैं। ये सिर्फ एक भाषण नहीं था…ये राजनीति का सबसे इमोशनल फ्रेम बन चुका था। जनसैलाब या संदेश? रैली ने क्या दिखाया गोरखपुर में निषाद पार्टी की इस महारैली ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ एक भीड़ नहीं थी—ये एक मैसेज था। आसपास के जिलों से आए हजारों समर्थकों ने मैदान को भर दिया, लेकिन…

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मंत्री संजय निषाद ने डालीं मछलियां… आधी तो उतराते ही स्वर्ग सिधार गईं

लखनऊ के लक्ष्मण झूला पार्क के पास गोमती रिवरफ्रंट पर सोमवार को एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। मौका था—प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 2 लाख मछलियां गोमती में छोड़ने का। मंत्री संजय निषाद खुद मौजूद थे, बड़े-बड़े अधिकारी साथ में… और कैमरे तो थे ही। लेकिन जैसे ही मछलियां पानी में गईं— “मोटिलिटी” की जगह मॉर्टैलिटी देखने को मिल गई! असंख्य मछलियां उतराते ही मरने लगीं। “Fish Release turned Fish Relief (to Yamraj)” मंत्री की सफाई—‘अब मोटिलिटी 10% रह गई, पहले 30% थी’ मंत्री संजय निषाद ने कहा— “नदियों में मछलियों…

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