सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ अब पूरी तरह standard operating procedure के तहत गूंजेगा। केंद्र सरकार ने एक नया प्रोटोकॉल जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब छह अंतरों वाला अधिकृत संस्करण ही हर तय सरकारी अवसर पर प्रस्तुत किया जाएगा — और वह भी पूरे 3 मिनट 10 सेकंड में। मतलब अब न छोटा वर्ज़न, न मनपसंद कट-कॉपी। राष्ट्रगीत भी अब पूरे अनुशासन में। क्यों आया यह नया नियम? सरकार का कहना है कि अलग-अलग कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के random excerpts इस्तेमाल होने से प्रस्तुति…
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Republic Day 2026: UP Congress और NCP ने फहराया तिरंगा
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की गूंज सुनाई दी।लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश कार्यालय में तिरंगा फहराकर गणतंत्र पर्व को गरिमामय ढंग से मनाया गया। यह आयोजन सिर्फ औपचारिक नहीं था— यह उस विपक्षी आवाज़ का प्रतीक था, जो संविधान को सिर्फ किताब नहीं, संघर्ष का आधार मानती है। UP Congress मुख्यालय में झंडारोहण UP Congress Committee के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने परंपरागत तरीके से झंडारोहण कर…
Read Moreलहराया तिरंगा, योगी बोले–संविधान किताब नहीं, नागरिकों की जिम्मेदारी
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।सुबह की ठंडी हवा में लहराता तिरंगा सिर्फ एक औपचारिक दृश्य नहीं था—यह उस संविधान की याद दिला रहा था, जिसने भारत को भीड़ से राष्ट्र बनाया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है।उन्होंने माना कि इन 76 वर्षों की यात्रा में भारत ने उतार-चढ़ाव देखे…
Read MoreHappy Republic Day – सिर्फ परेड नहीं है, ये सवाल पूछने का दिन है!
26 जनवरी… एक तारीख नहीं, एक चेतावनी है। चेतावनी उन ताक़तों के लिए जो संविधान को सजावट समझती हैं और उम्मीद उन नागरिकों के लिए जो आज भी लोकतंत्र पर भरोसा रखते हैं। हेलो यूपी परिवार की ओर से देश के हर उस नागरिक को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं, जो सिर्फ तिरंगा नहीं लहराता, बल्कि सवाल भी उठाता है। Republic Day: Parade से आगे की कहानी हर साल कर्तव्य पथ पर झांकियां निकलती हैं, मिसाइलें मुस्कुराती हैं और कैमरे तालियां बजाते हैं।लेकिन असली गणतंत्र वहाँ है जहाँ— आम आदमी की…
Read MoreSC में गांधी बनाम डिटेंशन! कपिल सिब्बल ने पलटी पुलिस की पूरी कहानी
सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर ज़ोरदार बहस देखने को मिली। उनकी पत्नी गीतांजलि द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर तीखे सवाल खड़े किए। सिब्बल ने न केवल हिरासत के आधार बताने में 28 दिन की देरी को कानून का उल्लंघन बताया, बल्कि सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण भाषण की तुलना सीधे महात्मा गांधी के सत्याग्रह से कर दी। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। ‘हिरासत का आधार नहीं बताया गया’ — Kapil Sibal कपिल…
Read Moreसंविधान: दुनिया का GOAT — और हम नागरिक उसके unpaid interns
भारत का संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है—ये वो “भारतीय Google Map” है जो हमें बताता है कि देश कैसे चलेगा… और हम नागरिक किस लेन में चलें ताकि सिस्टम ट्रैफिक जाम न हो जाए। Dr. B.R. Ambedkar और संविधान निर्माताओं ने इसे केवल कानूनों की लिस्ट नहीं बनाया—ये एक vision document है जिसमें equality, justice और liberty की सबसे चमकदार रोशनी भरी हुई है। और हां… थोड़ा सा चमक हम नागरिकों पर भी पड़ता है… जब हम अपने कर्तव्यों को याद कर लें! दुनिया का सबसे खूबसूरत संविधान क्यों?…
Read More“Court ने कहा—Governor साहब की टाइमिंग हम नहीं सेट करेंगे!”
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐसा फैसला सुनाया जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल ही नहीं, Confusion भी बढ़ा दिया। कोर्ट ने अपने ही 8 अप्रैल वाले फैसले को पलटते हुए साफ कहा, राज्यपाल या राष्ट्रपति को विधेयकों पर कोई तय समयसीमा नहीं दी जा सकती। अगर वे समय पर फैसला न लें, तो “मानी हुई सहमति” (Deemed Assent) भी लागू नहीं होगी। यानी सीधे शब्दों में—“Governor भी अपनी टाइमिंग से काम करेंगे, और President भी… कोर्ट इस घड़ी में अलार्म नहीं लगाएगा।” क्या कहा संविधान पीठ ने?—“हम Executive की…
Read Moreक्या सुप्रीम कोर्ट तय कर सकता है राष्ट्रपति और राज्यपाल की सीमाएं?
सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2025 को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपाल को किसी भी विधेयक पर 3 महीने के भीतर फैसला लेना होगा। यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 200 और 111 से जुड़ा हुआ है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। केंद्र का कहना है कि कोई भी अंग ‘सुप्रीम’ नहीं है और न्यायपालिका को कार्यपालिका के अधिकारों में दखल नहीं देना चाहिए। केंद्र सरकार ने क्या कहा? केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में स्पष्ट किया:…
Read More“वोट चोरी हुई है साब!” – राहुल का चुनाव आयोग और बीजेपी पर बड़ा हमला
बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क से विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोटों की धांधली को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर तीखा हमला बोला।उन्होंने दावा किया कि अगर उनके पास “इलेक्ट्रॉनिक डेटा” आ जाए, तो वे साबित कर देंगे कि कैसे लोकतंत्र को हैक किया गया है। “संविधान = एक व्यक्ति, एक वोट” लेकिन…? राहुल ने सभा में कहा कि संविधान के मूल में ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ की भावना है, जिसे बीजेपी और चुनाव आयोग ने कुचलने की कोशिश की है। महाराष्ट्र-मॉडल: लोकसभा हारो, विधानसभा जीत जाओ? राहुल गांधी…
Read Moreउपराष्ट्रपति की कुर्सी फिर खाली- चुनाव के लिए तारीख का ऐलान
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे से देश के ‘संवैधानिक सेकंड इन कमांड’ की कुर्सी अब खाली हो चुकी है। और जैसे ही चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी की, कुछ लोग नाश्ते के साथ नामांकन फॉर्म भी लेने निकल पड़े। चुनाव का टाइमटेबल: याद रखिए, अलार्म लगाइए नामांकन की आखिरी तारीख: 21 अगस्त 2025 मतदान की तारीख: 9 सितंबर 2025 गिनती और नतीजे: उसी दिन, शाम की चाय के साथ उपराष्ट्रपति बनने के लिए योग्यता… और थोड़ा ‘जुगाड़’? अगर आपके पड़ोसी यह दावा कर रहे हैं कि वो भी उपराष्ट्रपति बन सकते…
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