शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट 2025 के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में जहां राजनीतिक हवा में गर्मी थी, वहीं दोनों नेताओं ने कूटनीतिक ठंडक के साथ सीमा विवाद से लेकर कैलाश यात्रा और डायरेक्ट फ्लाइट्स तक की चर्चा की। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर हरी झंडी PM मोदी ने इस मुलाकात में कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की घोषणा की, जिसे लेकर यात्रियों और धार्मिक श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर है। चीन की…
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SCO आखिर है क्या? शर्त लगा लो इससे ट्रंप की टेंशन टाइट होने वाली है!
7 साल बाद पीएम मोदी चीन की धरती पर, वो भी रेड कारपेट के साथ! पिछली बार जब भारत-चीन आमने-सामने हुए थे तो गलवान की घाटी में पत्थर चले थे, इस बार कूटनीति के फूल बिछे हैं। इस मुलाक़ात के साथ मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन की तीर-तलवार के बिना तीन तलाक़ वाली बैठक हो रही है। भारत के लिए ये समिट क्यों ‘बॉर्डर लाइन’ अहम है? 2020 के बाद चीन से रिश्ते सब्ज़ी मंडी की प्याज़ जैसे हो गए थे – महंगे और आंख में पानी लाने वाले। अब…
Read Moreमोदी-शी की चीन में भेंट: बदलते समीकरणों की नई पटकथा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अगस्त 2025 को चीन के तियानजिन पहुंचे, जहाँ उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात शुरू हो गई है। यह दौरा खास है क्योंकि 2018 के बाद यह पीएम मोदी की पहली चीन यात्रा है। अमेरिका की टैरिफ़ नीति का साया यह बैठक ऐसे वक्त हो रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। भारत अब चीन के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को मज़बूत कर अपनी रणनीतिक स्थिति संतुलित करना चाहता है।…
Read Moreट्रंप टैरिफ के बीच “मोदी इन चाइना: गलवान से गुड वाइब्स तक का सफर!”
“दूरियां बढ़ीं तो दिल भी जुदा हो गए…” …लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी गलवान के बाद पहली बार चीन की धरती पर कदम रखेंगे। वहीं शी जिनपिंग सोच रहे हैं – “क्या ये वही भारत है जो 2020 में आंख दिखा गया था?” ट्रंप ने किया टैरिफ का ट्रेलर, मोदी दिखाएंगे कूटनीति का फीचर फिल्म जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ ठोका, तो मोदी जी बोले – “अरे भाई, ये क्या मुंहदेखी दोस्ती है?” जवाब में उन्होंने डिप्लोमैटिक मास्टरस्ट्रोक चलाते हुए बैग पैक कर लिया – गंतव्य:…
Read More“पांच साल बाद ‘नमस्ते’ बोलेगा भारत! चीनियों को
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार 24 जुलाई से चीनी नागरिकों को वीज़ा देने की घोषणा की है। यह फैसला साल 2020 के गलवान संघर्ष के बाद पहली बड़ी ‘सॉफ्ट पॉवर’ पेशकश मानी जा रही है। डिप्लोमैटिक डायलॉग: अब रिश्तों की “LAC” पर टूरिस्ट बैग रखे जाएंगे, बॉर्डर बैरिकेड नहीं। पांच साल बाद फिर कैलाश – फिर वीज़ा 2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के संबंधों में भारी तनाव था। न केवल व्यापार, बल्कि पर्यटन और वीज़ा सुविधाएं भी पूरी तरह ठप हो गई थीं। हालांकि जुलाई…
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