डैम या ‘वॉटर बम’? ब्रह्मपुत्र पर चीन का मेगा प्रोजेक्ट, भारत की धड़कनें तेज

चीन एक बार फिर दुनिया को यह बताने में जुटा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना कोई उससे सीखे। इस बार निशाने पर है ब्रह्मपुत्र नदी — जिसे चीन में Yarlung Tsangpo कहा जाता है। इसी नदी पर चीन अब तक का सबसे बड़ा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है, जिसकी लागत करीब 168 अरब डॉलर बताई जा रही है। चीन का दावा है कि यह प्रोजेक्ट green energy और climate-friendly development का उदाहरण बनेगा।लेकिन पड़ोसी देशों को यह “ग्रीन” से ज्यादा “ग्रे एरिया” लग रहा है। River नहीं, Region की Life…

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कोलकाता टू चाइना फ्लाइट चालू! ग्वांगझोउ से बढ़ेगी दोस्ती की उड़ान

लगभग पाँच साल बाद, भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं। सोमवार को इंडिगो की फ़्लाइट 6E-1703 ने कोलकाता से उड़ान भरकर चीन के ग्वांगझोउ में लैंड किया। करीब 180 यात्री इस ऐतिहासिक उड़ान के साक्षी बने। कोविड ने रोकी थी उड़ान, गलवान ने तोड़ दिए थे पंख साल 2020 की शुरुआत में कोविड महामारी के कारण दोनों देशों के बीच उड़ानें रोक दी गई थीं। लेकिन फिर आया गलवान घाटी का विवाद, जिसने आसमान की लाइनें भी बंद कर दीं। अब जब हवा…

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जब Modi मिले Xi से और अमेरिका की चाय में नींबू पड़ गया…और पाकिस्तान!

तियानजिन में हुए SCO Summit 2025 में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात ने वाशिंगटन में एक अलग ही गूगल अलर्ट बजा दिया। करीब 40 मिनट की मीटिंग में दोनों नेताओं ने अमेरिका को साफ-साफ बता दिया – “हमारे रिश्ते में तीसरे का दखल मंज़ूर नहीं!” यानी अमेरिका, ज़रा दूर रहो! अब जब दो सबसे बड़ी आबादी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं “No Entry for Third Party” बोर्ड लटका दें, तो किसी का पेट तो दुखेगा ही ना? Terrorism के मुद्दे पर बना नया Indo-China Bhai-Bhai Moment एक ज़माना…

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मोदी-जिनपिंग की मुलाकात में चाय नहीं, सीधे फ्लाइट्स पर बात

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट 2025 के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में जहां राजनीतिक हवा में गर्मी थी, वहीं दोनों नेताओं ने कूटनीतिक ठंडक के साथ सीमा विवाद से लेकर कैलाश यात्रा और डायरेक्ट फ्लाइट्स तक की चर्चा की। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर हरी झंडी PM मोदी ने इस मुलाकात में कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की घोषणा की, जिसे लेकर यात्रियों और धार्मिक श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर है। चीन की…

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SCO आखिर है क्या? शर्त लगा लो इससे ट्रंप की टेंशन टाइट होने वाली है!

7 साल बाद पीएम मोदी चीन की धरती पर, वो भी रेड कारपेट के साथ! पिछली बार जब भारत-चीन आमने-सामने हुए थे तो गलवान की घाटी में पत्थर चले थे, इस बार कूटनीति के फूल बिछे हैं। इस मुलाक़ात के साथ मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन की तीर-तलवार के बिना तीन तलाक़ वाली बैठक हो रही है। भारत के लिए ये समिट क्यों ‘बॉर्डर लाइन’ अहम है? 2020 के बाद चीन से रिश्ते सब्ज़ी मंडी की प्याज़ जैसे हो गए थे – महंगे और आंख में पानी लाने वाले। अब…

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मोदी-शी की चीन में भेंट: बदलते समीकरणों की नई पटकथा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अगस्त 2025 को चीन के तियानजिन पहुंचे, जहाँ उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात शुरू हो गई है। यह दौरा खास है क्योंकि 2018 के बाद यह पीएम मोदी की पहली चीन यात्रा है। अमेरिका की टैरिफ़ नीति का साया यह बैठक ऐसे वक्त हो रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। भारत अब चीन के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को मज़बूत कर अपनी रणनीतिक स्थिति संतुलित करना चाहता है।…

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ट्रंप टैरिफ के बीच “मोदी इन चाइना: गलवान से गुड वाइब्स तक का सफर!”

“दूरियां बढ़ीं तो दिल भी जुदा हो गए…” …लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी गलवान के बाद पहली बार चीन की धरती पर कदम रखेंगे। वहीं शी जिनपिंग सोच रहे हैं – “क्या ये वही भारत है जो 2020 में आंख दिखा गया था?” ट्रंप ने किया टैरिफ का ट्रेलर, मोदी दिखाएंगे कूटनीति का फीचर फिल्म जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ ठोका, तो मोदी जी बोले – “अरे भाई, ये क्या मुंहदेखी दोस्ती है?” जवाब में उन्होंने डिप्लोमैटिक मास्टरस्ट्रोक चलाते हुए बैग पैक कर लिया – गंतव्य:…

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“पांच साल बाद ‘नमस्ते’ बोलेगा भारत! चीनियों को

बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार 24 जुलाई से चीनी नागरिकों को वीज़ा देने की घोषणा की है। यह फैसला साल 2020 के गलवान संघर्ष के बाद पहली बड़ी ‘सॉफ्ट पॉवर’ पेशकश मानी जा रही है। डिप्लोमैटिक डायलॉग: अब रिश्तों की “LAC” पर टूरिस्ट बैग रखे जाएंगे, बॉर्डर बैरिकेड नहीं। पांच साल बाद फिर कैलाश – फिर वीज़ा 2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के संबंधों में भारी तनाव था। न केवल व्यापार, बल्कि पर्यटन और वीज़ा सुविधाएं भी पूरी तरह ठप हो गई थीं। हालांकि जुलाई…

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