NCERT की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ अध्याय पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

देश की शीर्ष शैक्षणिक संस्था राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सोशल साइंस किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ शीर्षक से एक अंश शामिल किया। जैसे ही यह सामग्री सार्वजनिक चर्चा में आई, मामला सीधे देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India तक पहुंच गया। CJI सूर्य कांत की सख्त टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल…

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किताब छोड़ गेम पकड़ रहे बच्चे! UP में प्राइमरी मोबाइल क्लास पर ‘नो एंट्री’

उत्तर प्रदेश में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर अब सरकार और सिस्टम दोनों सतर्क मोड में आ गए हैं।राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने प्राइमरी कक्षाओं में मोबाइल फोन से ऑनलाइन क्लास पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले को लेकर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। महिला आयोग का साफ कहना है, “मोबाइल अब पढ़ाई का साधन नहीं, बच्चों के लिए distraction बनता जा रहा है।” Online Class या Online Trap? कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई मजबूरी…

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UGC के नियम : सुप्रीम कोर्ट बोला—इतनी ‘Equity’ कहीं ‘Confusion’ न बन जाए!

देशभर में विवादों में घिरे UGC के नए रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट ने अब सिर्फ रोक ही नहीं लगाई, बल्कि लिखित आदेश जारी कर पूरे ढांचे पर सवालों की बौछार कर दी है।29 जनवरी को अंतरिम रोक लगाने के बाद अब कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि ये नियम अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मतलब साफ है इरादा चाहे जितना नेक हो, अगर नियम उलझे हों, तो नतीजा “Equity” नहीं बल्कि “Endless Enquiry” बन सकता है। क्या है पूरा…

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योगी सरकार की बड़ी चाल: शिक्षक भी अब सरकारी कर्मचारी जैसे

उत्तर प्रदेश में पढ़ाने वाले लाखों शिक्षकों के लिए अब इलाज बीमारी नहीं, सुविधा बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षकों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा को मंजूरी दे दी गई है। अब इलाज के वक्त न पर्ची की चिंता, न जेब की। सरकार के इस फैसले से करीब 11.92 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सीधे लाभान्वित होंगे। यह सुविधा आयुष्मान मॉडल के जरिए लागू की जाएगी। 358 करोड़ का खर्च, लेकिन फायदा लाखों को सरकार इस योजना पर 358.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी।…

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UGC के नए नियमों पर सुप्रीम रोक- कहीं हम फिर जातियों में तो नहीं लौट रहे

देशभर के कॉलेज कैंपस इन दिनों पढ़ाई से ज़्यादा पॉलिसी पॉलिटिक्स के अखाड़े बन चुके हैं। वजह है UGC के नए ‘Equity Regulations’, जिन पर अब सुप्रीम कोर्ट ने ब्रेक लगा दिया है। 13 जनवरी को जारी इन नियमों में हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी को Equity Center, Equity Squad और Equity Committee बनाना अनिवार्य किया गया था। मकसद था—भेदभाव खत्म करना।लेकिन सवाल उठा—क्या तरीका सही है? यही सवाल अब कोर्ट तक पहुंच गया। Supreme Court में क्या हुआ? 29 जनवरी की सुनवाई में CJI ने बेहद अहम टिप्पणी करते हुए कहा…

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न दोषी बचे, न निर्दोष फंसे! UGC नियमों पर अखिलेश की ‘मिडिल लाइन’

देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से लाए गए UGC के नए नियम 2026 अब विवाद के केंद्र में आ गए हैं।उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में general category students और छात्र संगठनों ने इन नियमों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इन्हें discriminatory बताया है। Akhilesh Yadav की सधी हुई प्रतिक्रिया इस संवेदनशील मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संतुलित बयान दिया।उन्होंने कहा— “दोषी बचे नहीं, और निर्दोष फंसे नहीं।” राजनीतिक जानकारों का मानना है कि…

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UGC का नया नियम, कैंपस में पुरानी आग: Merit vs Equality फिर आमने-सामने

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए ‘Equity Regulation 2026’ ने उच्च शिक्षा की बहस को अचानक सड़कों तक खींच लाया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में छात्र संगठनों और शिक्षकों के प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक अकादमिक सुधार नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक टकराव का नया फ्रंट बन चुका है। क्या है UGC का नया इक्विटी रेगुलेशन? UGC का दावा है कि यह नियम उच्च शिक्षा में समान अवसर (Equal Representation) सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। नई व्यवस्था के तहत…

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UP ने कहा – बच्चे दो ही अच्छे, पर तरीका इंटरनेशनल!

उत्तर प्रदेश सरकार की नई Demographic Policy 2025 का ब्लूप्रिंट आ गया है — और इसमें झलक मिलती है Bangladesh, Indonesia, Iran, Turkey जैसे देशों के सफल मॉडलों की। पर ध्यान रहे, यह किसी “जबर्दस्ती वाले कानून” की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता से बदलाव की योजना है। International Inspiration — जब बांग्लादेश से ईरान तक सीख मिलती है दस्तावेज़ के अनुसार, दुनियाभर के Muslim-majority देशों ने दिखाया है कि “population control” नहीं बल्कि “population stabilisation” ही टिकाऊ रास्ता है।Bangladesh ने door-to-door महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता भेजे, Indonesia ने…

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