अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज में बढ़ी जहाजों की आवाजाही, फिर भी 90 डॉलर के आसपास टिका कच्चा तेल; भारतीय कंपनी पर भी अमेरिकी कार्रवाई

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए कुछ राहत के संकेत मिले हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में पिछले दो सप्ताह के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बनी हुई है। दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी रहने से पश्चिम एशिया में तनाव कम होता नहीं दिख रहा।

दो सप्ताह में सबसे ज्यादा जहाजों ने पार किया होर्मुज

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को 28 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरे, जो पिछले दो सप्ताह में सबसे अधिक संख्या है। इससे पहले 14 जुलाई को 35 जहाज इस मार्ग से निकले थे। इनमें अधिकांश एलएनजी टैंकर शामिल थे और करीब 60 प्रतिशत जहाज ईरान से जुड़े बताए गए हैं।

दो टैंकर रोके जाने और जहाजों के लौटने का दावा

फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दो टैंकरों को रोक लिया, जबकि चार जहाज बीच रास्ते से वापस लौट गए। वहीं लाल सागर के बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से भी जहाजों की आवाजाही में बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को यहां से 39 जहाज गुजरे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 34 थी। हाउती हमलों के खतरे के चलते कई जहाज यात्रा के दौरान अपनी पहचान बताने वाली प्रणाली बंद करके भी सफर कर रहे हैं।

ईरान ने कुवैत और बहरीन में हमलों का किया दावा

ईरानी सेना ने दावा किया कि केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में तीन नागरिकों की मौत के जवाब में उसने कुवैत स्थित अहमद अल-जबर एयर बेस पर मिसाइल हमला किया। ईरान का कहना है कि इस हमले में सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर ड्रोन हमला करने का भी दावा किया गया।

अमेरिका ने सभी हमलों को नाकाम बताया

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सभी मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। अमेरिका ने यह भी कहा कि जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर तैनात एफ-35 लड़ाकू विमान पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी परिचालन क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है।

अमेरिकी सीनेट में सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव गिरा

अमेरिका में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने से जुड़ा प्रस्ताव सीनेट में एक वोट से खारिज हो गया। मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 49 और विरोध में 50 वोट पड़े। दूसरी ओर, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गलीबाफ ने कहा कि केश्म द्वीप पर मारे गए नागरिकों की मौत का जवाब अमेरिका को देना होगा।

भारतीय कंपनी पर भी लगाए गए प्रतिबंध

अमेरिका ने ईरानी एयरलाइन महान एयर से कथित संबंधों के आरोप में छह संस्थाओं और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें भारत की स्कीज ट्रैवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय का आरोप है कि संबंधित संस्थाएं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड या महान एयर को वित्तीय, लॉजिस्टिक और व्यावसायिक सहायता उपलब्ध करा रही थीं।

जयशंकर ने ईरान से जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर दिया जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि कारोबारी जहाजों और उन पर कार्यरत नाविकों को किसी भी स्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भारत पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से निकालने का पक्षधर है।

 

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