CJP नेताओं की शिकायत पर सरकार का बड़ा संदेश! शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई, हिंसा करने वालों पर सख्त रुख

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद सरकार ने प्रदर्शनकारियों को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने साफ कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही सरकार उन शिकायतों पर भी संज्ञान ले रही है, जिनमें विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

सरकार ने शिकायतों पर शुरू की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, सीजेपी नेताओं की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने संबंधित मामलों की जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी है। विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट ली जा रही है। सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने या हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सौरव दास का दावा, कानूनी सहायता के लिए शुरू किया गया ‘साक्षी’ मंच

इस बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल उनके आंदोलन को कानूनी सहयोग दे रहे हैं। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। इसी उद्देश्य से सीजेपी ने ‘साक्षी’ नामक मंच की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से उन प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता दी जाएगी जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं या कार्रवाई की जा रही है।

20 जुलाई की झड़प के बाद कई राज्यों में बढ़ा था तनाव

20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और कई स्थानों पर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। बिहार में प्रदर्शन सबसे अधिक उग्र बताए गए। 25 जुलाई को सरकार ने सीजेपी की सभी मांगें स्वीकार कर ली थीं। इनमें नीट पेपर लीक से जुड़े मामले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने की मांग भी शामिल थी। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर कार्रवाई की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने अब अपना रुख स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

20 जून से जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। आंदोलनकारी नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बाद में सोनम वांगचुक ने इसी मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की, जिसके बाद आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होने लगे। 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद भवन तक मार्च निकाला, जहां प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।

 

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