नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने 4 अक्टूबर को ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र करते हुए गलती से इसे भारत का राष्ट्रपति चुनाव बता दिया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया कि भारत में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्ट बताया।
ट्रंप का पोस्ट ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव की पहले दौर की वोटिंग के एक दिन बाद आया। पोस्ट में उन्होंने भारत के राष्ट्रपति चुनाव की तुलना अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया से की और डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया तथा कैलिफोर्निया में मतगणना में लगने वाले समय का जिक्र किया।
ब्राजील के आंकड़ों से मेल खाता है 12.5 करोड़ का आंकड़ा
ट्रंप के पोस्ट में जिस 12.5 करोड़ मतदान का आंकड़ा दिया गया, वह ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के आंकड़ों से मिलता है। ब्राजील में करीब 15.9 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से लगभग 12.45 करोड़ लोगों ने मतदान किया, जबकि करीब 21 फीसदी मतदाताओं ने वोट नहीं डाला।
4 अक्टूबर को हुए इस चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच मुकाबला हुआ। लगभग सभी वोटों की गिनती के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47 फीसदी और लूला डा सिल्वा को करीब 45 फीसदी वोट मिले।
किसी भी उम्मीदवार को 50 फीसदी से अधिक वोट नहीं मिलने के कारण अब 25 अक्टूबर को चुनाव का दूसरा दौर यानी रनऑफ होगा। फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी सहयोगी माना जाता है।
भारत में जनता सीधे राष्ट्रपति को वोट नहीं देती
ट्रंप के पोस्ट में भारत का उल्लेख केवल देश के नाम को लेकर ही गलत नहीं है, बल्कि भारत की राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया भी अमेरिका और ब्राजील से अलग है। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव आम जनता सीधे मतदान करके नहीं करती है।
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल के जरिए होता है। इसमें संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। राष्ट्रपति का चुनाव एकल संक्रमणीय मत यानी सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत होता है।
अमेरिकी चुनाव व्यवस्था पर भी ट्रंप का हमला
ट्रंप ने अपने पोस्ट में भारत और अमेरिका की चुनाव प्रक्रियाओं की तुलना करते हुए अमेरिकी चुनावों में मतगणना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया और कैलिफोर्निया जैसे स्थानों पर नतीजों की गिनती में काफी समय लग जाता है। पोस्ट के अंत में उन्होंने अमेरिका की मतदान व्यवस्था को भ्रष्ट बताया।
इस तरह ट्रंप के पोस्ट में जिस 12.5 करोड़ मतदान का जिक्र किया गया, वह आंकड़ा ब्राजील के चुनाव से जुड़ा हुआ है, जबकि पोस्ट में इसे भारत के राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ दिया गया।
