Malegaon नगर निगम: AIMIM-इस्लाम पार्टी पार्षद भिड़े, सदन बना अखाड़ा

जहां जनता के मुद्दों पर बहस होनी थी, वहां मुक्कों की भाषा चलने लगी। Malegaon नगर निगम की विशेष महासभा कुछ ही मिनटों में लोकतंत्र के मंच से उठकर लड़ाई के मैदान में बदल गई। कुर्सियां, नारे और गुस्सा—सब कुछ एक साथ फट पड़ा, और जो सामने आया, उसने राजनीति का चेहरा फिर सवालों में डाल दिया। कैसे भड़का विवाद? बैठक में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत BLOs की मदद के लिए बेरोजगार शिक्षकों की कॉन्ट्रैक्ट नियुक्ति पर चर्चा चल रही थी। यह मुद्दा प्रशासनिक रूप से अहम था,…

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राघव चड्ढा का बड़ा मैसेज—पद गया, लेकिन अंदाज नहीं

पहले खामोशी… फिर सीधा संदेश। Raghav Chadha ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद जिस तरह रिएक्ट किया है, उसने सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। सवाल अब सिर्फ इतना नहीं कि उन्हें हटाया क्यों गया—बल्कि यह भी कि उनके इस “पब्लिक मैसेज” के पीछे असली संकेत क्या हैं? वीडियो के जरिए दिया जवाब राघव चड्ढा ने अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एक नया वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने सीधे “आम आदमी” को संबोधित करते हुए संदेश दिया। यह उनका पहला स्पष्ट…

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राघव चड्ढा की जगह नया राज्यसभा उप-नेता—कौन हैं अशोक मित्तल?

वो मिठाई बेचता था…आज सत्ता के फैसले लिखेगा। और सबसे दिलचस्प बात? यह कहानी सिर्फ success की नहीं सियासत की चाल भी है। Ashok Mittal—एक ऐसा नाम, जो अब अचानक सुर्खियों में है। लेकिन यह “अचानक” नहीं यह धीरे-धीरे पकाई गई सियासी खिचड़ी है। राजनीति में कुछ भी अचानक नहीं होता… हर फैसला टाइमिंग से होता है। AAP का बड़ा फैसला: साइलेंट गेम चेंज खुलासा सीधा है Raghav Chadha को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा में डिप्टी लीडर बना दिया गया। यह सिर्फ पोस्ट बदलना नहीं है यह पार्टी की रणनीति का reset…

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भवानीपुर में अमित शाह के रोड शो के दौरान BJP-TMC में टकराव

सड़क पर भीड़ थी… लेकिन यह भीड़ सिर्फ समर्थन की नहीं थी। नारे गूंज रहे थे… लेकिन यह आवाजें सिर्फ लोकतंत्र की नहीं थीं। और सवाल यही है—क्या बंगाल में चुनाव हो रहा है… या सीधा टकराव? Amit Shah का काफिला जब Kolkata की सड़कों से गुज़रा, तो यह सिर्फ रोड शो नहीं था… यह एक खुला शक्ति प्रदर्शन था। और जब यह काफिला Mamata Banerjee के घर के पास पहुंचा… तो राजनीति ने अपना असली चेहरा दिखा दिया। यह चुनाव नहीं… यह सियासत का लाइव एक्शन सीन है। सड़क पर…

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राघव चड्ढा! कल तक पार्टी का पोस्टर बॉय… आज बोलने पर भी पाबन्दी

एक झटके में आवाज बंद… और राजनीति में सन्नाटा। कल तक जो संसद में सिस्टम को चुनौती दे रहा था, आज उसी को बोलने से रोक दिया गया। सवाल सिर्फ एक है — क्या यह अनुशासन है या अंदरूनी डर? यह खबर सिर्फ एक नेता की नहीं… यह उस सिस्टम की कहानी है जहां “आवाज” भी अब परमिशन से चलती है। झटका या सर्जिकल स्ट्राइक? Raghav Chadha को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं है… यह एक political message है। पार्टी ने न सिर्फ पद छीना,…

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बोडोलैंड का ‘किंगमेकर’ खेल: 15 सीटें, 5 जिले… और सत्ता की बाजी दांव पर

Bodoland Territorial Region… यह सिर्फ एक भूगोल नहीं, बल्कि असम की राजनीति का वो ‘साइलेंट वॉरज़ोन’ है, जहां हर चुनाव एक संघर्ष की कहानी लिखता है। ब्रह्मपुत्र के उत्तरी किनारे पर बसा यह इलाका आज फिर सुर्खियों में है—क्योंकि यहां की 15 सीटें तय करेंगी कि असम की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। जब पूरा देश बड़े-बड़े मुद्दों में उलझा होता है, तब बोडोलैंड अपनी अलग राजनीति लिखता है—जहां जातीय पहचान, स्वायत्तता और जमीन का सवाल सीधे वोट में बदल जाता है। इतिहास का जख्म, जो आज भी वोट बनता…

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असम चुनाव में कांग्रेस ने अजमल से दूरी बनाई, क्या BJP की हैट्रिक रुकेगी?

असम की सियासत इस वक्त सिर्फ गर्म नहीं… उबल रही है। वोटिंग से ठीक पहले एक ऐसा सियासी ट्विस्ट आया है, जिसने पूरे चुनावी खेल का गणित बदल दिया है। जहां एक तरफ BJP जीत की हैट्रिक का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस ने पर्दे के पीछे ऐसा दांव खेला है, जो सीधा दिल और दिमाग दोनों पर वार करता है। सबसे बड़ा झटका—वही साथी अब बाहर, जिसके बिना अल्पसंख्यक राजनीति अधूरी मानी जाती थी। “अजमल OUT: कांग्रेस ने खुद ही काटा अपना पुराना पत्ता” इस बार कांग्रेस ने…

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साइलेंट स्ट्राइक : चाय बागानों में उतरे मोदी—जहां पत्तियां नहीं, वोट गिने जाते हैं

असम के चाय बागानों में इस बार सिर्फ चाय की खुशबू नहीं, सियासत की तपिश भी तैर रही है। जब पीएम Narendra Modi सीधे इन बागानों में पहुंचे, तो यह महज एक विजिट नहीं थी—यह एक साइलेंट पॉलिटिकल स्ट्राइक थी। यहां पत्तियां नहीं, वोट गिने जाते हैं… और जो इस जमीन को समझ गया, वही चुनाव की दिशा तय करेगा। “चाय बागान: जहां से तय होता है सत्ता का रास्ता” असम के चाय बागान सिर्फ आर्थिक इंजन नहीं हैं—ये चुनावी गणित का हार्ट हैं। लाखों मजदूर, उनकी फैमिलीज और उनका…

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असम में सियासी जंग-गोगामुख में गरजे मोदी: ‘मेरी भी हैट्रिक, आपकी भी हैट्रिक

गोगामुख की जमीन पर धूल नहीं, सियासत उड़ रही थी। मंच पर खड़े Narendra Modi सिर्फ भाषण नहीं दे रहे थे—वो चुनावी कहानी का क्लाइमेक्स लिख रहे थे। भीड़ सिर्फ सुन नहीं रही थी, प्रतिक्रिया दे रही थी… और उसी शोर में छिपा था एक बड़ा संदेश—असम में लड़ाई अब सिर्फ सीटों की नहीं, ‘हैट्रिक बनाम हार की हैट्रिक’ की बन चुकी है। “गोगामुख से सीधा संदेश: गेम ऑन!” असम के धेमाजी जिले का गोगामुख अचानक राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया। पीएम मोदी की पहली चुनावी रैली ने साफ…

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“दिल्ली का आदेश… पटना का इनकार!” – कांग्रेस में ‘अंदरूनी युद्ध’ का बिगुल?

पहली लाइन: बिहार कांग्रेस में “आदेश” नहीं, “आग” लगी है। दूसरी लाइन: दिल्ली से आई लिस्ट पटना पहुंचते ही फाइल नहीं, फ्यूज बन गई। तीसरी लाइन: सवाल ये नहीं कि लिस्ट बदलेगी… सवाल ये है कि पार्टी बचेगी या नहीं। “दिल्ली की लिस्ट, पटना का रिजेक्शन” सीधा खुलासा Mallikarjun Kharge ने 53 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी की… और 24 घंटे के अंदर ही उसी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Rajesh Ram ने उस पर सवाल खड़ा कर दिया। ये सिर्फ असहमति नहीं है, ये एक राजनीतिक थप्पड़ है… वो भी अपनी ही पार्टी के…

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