West Bengal New CM 2026: शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

West Bengal की राजनीति में आज वो तस्वीर दिखाई दी जिसकी कुछ साल पहले तक सिर्फ कल्पना की जाती थी। भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया।

आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनी और इसी के साथ राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई।

शुभेंदु अधिकारी बने नए मुख्यमंत्री

कोलकाता के प्रतिष्ठित Brigade Parade Ground में आयोजित भव्य समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने पीएम Narendra Modi के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य समारोह का सबसे चर्चित और भावनात्मक पल बन गया। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा के लिए “ऐतिहासिक क्षण” बताया जा रहा है।

इन पांच नेताओं ने भी ली मंत्री पद की शपथ

शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, Agnimitra Paul, अशोक कीर्तिनिया, खुदीराम टोटो और निशिथ घोष शामिल हैं। इन नामों को भाजपा के सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेष रूप से अग्निमित्रा पॉल का नाम लगातार चर्चा में है और उन्हें सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें तेज हैं।

ब्रिगेड ग्राउंड बना शक्ति प्रदर्शन का मंच

सुबह से ही ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।अनुमान लगाया गया कि समारोह में करीब 50 हजार लोग शामिल हुए। भगवा झंडों, नारों और ढोल-नगाड़ों के बीच पूरा मैदान चुनावी विजय उत्सव में बदल गया।

पीएम मोदी का रोड शो और शक्ति प्रदर्शन

समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिगेड ग्राउंड में रोड शो किया और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, भाजपा अध्यक्ष और कई वरिष्ठ NDA नेता मौजूद रहे। इस पूरे आयोजन को सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि भाजपा के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

टैगोर को नमन, राष्ट्रवाद का संदेश

समारोह की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी और शुभेंदु अधिकारी ने गुरुदेव Rabindranath Tagore की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। भाजपा ने इस प्रतीकात्मक कदम के जरिए बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रवाद को जोड़ने का संदेश देने की कोशिश की।

भाजपा के पुराने कार्यकर्ता से मिले पीएम मोदी

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। माखनलाल सरकार वही नेता हैं जिन्हें 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था।भाजपा ने इस मुलाकात को “विचारधारा और संघर्ष की विरासत” से जोड़कर पेश किया।

बंगाल में भाजपा की सबसे बड़ी राजनीतिक जीत

यह सिर्फ सरकार बदलने की घटना नहीं, बल्कि बंगाल की दशकों पुरानी राजनीति में सबसे बड़ा परिवर्तन है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर क्षेत्रीय राजनीति के केंद्र रहे बंगाल में भाजपा का सत्ता तक पहुंचना राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी बड़ा संकेत माना जा रहा है।

अब असली चुनौती शुरू

शपथ ग्रहण के साथ भाजपा की जीत का उत्सव जरूर शुरू हुआ है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती शासन और वादों को पूरा करने की होगी।बंगाल की राजनीति हमेशा से आक्रामक, भावनात्मक और वैचारिक रही है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी के सामने सिर्फ सरकार चलाने की नहीं, बल्कि राजनीतिक भरोसा बनाए रखने की भी चुनौती होगी।

शुभेंदु अधिकारी की शपथ के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है। भाजपा ने इतिहास रच दिया, लेकिन अब नजर इस बात पर होगी कि क्या यह नई सरकार बंगाल की राजनीतिक संस्कृति को बदल पाएगी या नहीं। आज का दिन सिर्फ शपथ का नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति के नए युग की शुरुआत का दिन बन गया।

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