प्रयागराज में आज पॉलिटिकल थर्मामीटर थोड़ा ज़्यादा ही गर्म रहा, जब सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने डिप्टी CM रहे केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर दी। मुलाकात भी ऐसी—सीधी “touching feet” politics वाली। वे हमारे परिवार के अभिभावक हैं—पूजा पाल पूजा पाल ने मौर्य के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा कि “वे हमारे परिवार के हैं, हमारे अभिभावक हैं।” अब राजनीति में रिश्तों की ये मिठास, चाहे चीनी के रेट बढ़ जाएँ, कम नहीं होती। आदर-सत्कार का protocol अभी भी फुल-ऑन एक्टिव है। Opposition Reaction: ‘Political Signal…
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“फूट नहीं, फ़ुल मज़बूती! झारखंड में इंडिया गठबंधन ने ट्रोल्स को दिया जवाब”
मंजेश की रिपोर्ट झारखंड में पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक हवा कुछ ज्यादा ही घूम रही थी — हर दूसरा ट्रोल अकाउंट दावा कर रहा था कि “बस अभी फूट हो जाएगी… होने ही वाली है।” लेकिन कांग्रेस ने इन अफवाहों पर ऐसा ब्रेक लगाया कि पूरी पॉलिटिकल स्ट्रीट पर धूल बैठ गई। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने साफ कहा कि INDIA गठबंधन झारखंड में एकदम फिट, स्ट्रॉन्ग और बिना किसी अपडेट की जरूरत वाला है। उनकी बात सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हुई और दोनों ने यही दोहराया— “काम…
Read Moreचापलूसों के लिए जब कांग्रेस ने अपने ही युवाओं को गलौटी कबाब बना डाला
सचिन से सिंधिया—सियासत की वो कहानियाँ जो चुभती भी हैं और हंसाती भी। कहा जाता है कि कांग्रेस कभी वफादारी का ईनाम देती थी। मगर आज की कांग्रेस में मामला उल्टा होता दिखता है—वफादार नेता मेनकोर्स में नहीं, बल्कि गलावटी कबाब बनकर बुजुर्ग नेताओं की थाली की शोभा बढ़ा रहे हैं। सचिन पायलट: मेहनत उन्हीं की, गलौटी कबाब किसी और की राजेश पायलट के सपूत, सचिन पायलट—राजस्थान का वो युवा चेहरा जिसने कांग्रेस की डूबती नैया को किनारे लगाया था। सबको लगा था कि मेहनत की कमाई उन्हें CM Chair…
Read More2012 की तस्वीर से 2025 की राजनीति: बेइज्ज़त हो वफ़ा निभाते सचिन पायलट
साल 2012, कांग्रेस की ‘यंग ब्रिगेड’ की वो मशहूर तस्वीर — सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद।पांच चेहरे, पांच उम्मीदें… और पांचों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कि ये ही कांग्रेस का भविष्य हैं। कहानी में ट्विस्ट?2025 में इन पाँच में से तीन बीजेपी के ऑफिस में बैठकर चाय पी रहे हैं — और एकमात्र सचिन पायलट अब भी कांग्रेस के वफादार कैडेट की तरह डटे हुए हैं। सचिन पायलट: कांग्रेस के “लास्ट मैन स्टैंडिंग” राजस्थान में पिछली सरकार बनाने का श्रेय भले ही कैंपेन में…
Read Moreसंचार साथी ऐप: ‘App है, CID नहीं!’ Snooping पर बड़ा क्लैरिफिकेशन
लोकसभा में आज का माहौल थोड़ा टेक-टेक सा रहा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष के “स्नूपिंग ऐप” वाले सवालों पर सीधा, सटीक… और थोड़ा सटायर-सा जवाब दिया— “संचार साथी से Snooping न संभव है और न कभी होगी.” यानि विपक्ष का आरोप“सरकार जासूसी करेगी!”सरकार का जवाब:“महाराज, ऐप है… NSA का सॉफ्टवेयर नहीं!” विपक्ष के सवाल: ‘Privacy Alert!’ सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया कि नए हैंडसेट में संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल किया जाए।बस… यही से बवाल शुरू। विपक्ष बोला—“यह Privacy Invasion है!”“सरकार हमारे फोन में झांकना चाहती…
Read MorePolitics शुरू! फडणवीस vs विपक्ष—EVM पर भी सियासी गर्मी
महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में कुछ जगह हल्का तनाव दिखा, लेकिन महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव को कुल मिलाकर शांतिपूर्ण बताया।फडणवीस का कहना था कि यह चुनाव असल में “grassroot workers का असली टेस्ट” होता है। इसलिए बीजेपी–शिंदे गुट ने अपने कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर गठबंधन करने की फुल फ्रीडम दी थी। उन्होंने दावा भी किया कि लगभग 75% सीटें जीतने जा रही है—मतलब जीत का confidence भी high और political गर्मी भी full swing में। लेकिन काउंटिंग क्यों टली? फडणवीस बोले—“ये decision मुझे पसंद नहीं!”…
Read MoreMCD में हलचल: कमल खिला, झाड़ू चली, कहीं हाथ ने सबको चौंका दिया
दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे आखिरकार सामने आ गए। एक तरफ काउंटिंग सेंटरों पर सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि लग रहा था ईवीएम नहीं, चांदी के खजाने रखे हों— दूसरी तरफ पार्टियों के दफ्तरों में माहौल “उम्मीद बनाम हकीकत” वाला था। मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और कुछ घंटों में तस्वीर साफ हो गई— BJP को शानदार बढ़त, AAP को मिक्स रिजल्ट, और कांग्रेस ने एक सीट पर कमाल करके सबको चौंका दिया। BJP: MCD में कमल फिर खिला BJP ने कई…
Read Moreकॉरपोरेट का दिल अभी भी BJP पर—चंदा देख कांग्रेस बोले: “वाह रे राजनीति!”
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही Electoral Bonds को अलविदा कह दिया हो, लेकिन कॉरपोरेट दान के मामले में तस्वीर वही पुरानी है— पैसा अभी भी उसी दरवाज़े पर जा रहा है, जहाँ पहले जाता था। टाटा समूह के कंट्रोल वाला Progressive Electoral Trust (PET) इस साल फिर से सुर्खियों में है। 2024-25 में कुल 915 करोड़ रुपये के राजनीतिक चंदे में से लगभग 83% केवल BJP की झोली में पहुंचे। कांग्रेस को मिला सिर्फ 8.4%, और बाकी राशि क्षेत्रीय दलों में वितरित हो गई। BJP को कॉरपोरेट प्यार—साल दर साल…
Read More“UP में शुरू होने वाला है ‘कैबिनेट की बड़ा सर्जरी’—कुर्सियाँ डरी हुई हैं!”
लखनऊ की राजनीतिक हवा में इन दिनों एक नई सुगबुगाहट है। सूत्र—जो हमेशा की तरह “नाम न बताने की शर्त” पर ही बोलते हैं—कह रहे हैं कि यूपी सरकार में अगले 100 दिनों में बड़ा ऑपरेशन होने वाला है। और बड़ा मतलब सच में बड़ा! एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि मुख्यमंत्री और खन्ना सहित केवल 9 मूल संगठन के चेहरे अपनी जगह पर रहेंगे—बाकी पूरी कैबिनेट की कुर्सियाँ डगमगा रही हैं। मतलब साफ है—लखनऊ में ‘कैबिनेट रीमिक्स 3.0’ की रिकॉर्डिंग शुरू हो चुकी है। कैबिनेट में “फुल रीसेट”:…
Read MoreMahayuti में बढ़ती दरार: BJP–Shinde Sena में रेड की राजनीति गर्म
महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों चुनावी मैदान से ज़्यादा छापेमारी के मैदान में खेली जा रही है। पहले मालवण, फिर सांगोला… और अब भाजपा व शिंदे शिवसेना के बीच तनाव ऐसे भड़क रहा है जैसे दाल में तड़का ज्यादा पड़ गया हो। शुरुआत तब हुई जब शिंदे गुट के विधायक निलेश राणे ने प्रचार के दौरान BJP पदाधिकारी के घर रेड मारकर नोटों से भरा बैग बरामद करने का दावा किया।तल्खी बढ़ी…और इससे पहले कि मामला ठंडा पड़ता—सांगोला में LCB और चुनाव आयोग की टीम ने शिंदे गुट के पूर्व…
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