मेरठ: मेरठ के बहसूमा के चर्चित सांप कांड यानी अमित हत्याकांड में बुधवार को अदालत फैसला सुना सकती है। 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप उर्फ मिक्की की हत्या का आरोप उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप पर है। हत्या को सर्पदंश का रूप देने के लिए शव के नीचे सांप दबा दिया गया था। मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है और 7 अक्तूबर को निर्णय की तारीख तय की गई थी।
चारपाई पर मिली थी अमित की लाश, नीचे दबा था सांप
बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव निवासी अमित कश्यप उर्फ मिक्की की 13 अप्रैल की सुबह घर में चारपाई पर लाश मिली थी। शव के नीचे एक सांप दबा हुआ मिला था। शुरुआती तौर पर लोगों ने इसे सर्पदंश से हुई मौत माना, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
पोस्टमार्टम में सामने आया कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि गला दबाने और दम घुटने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में अमित की पत्नी रविता के अवैध संबंधों की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों ने मांगी फांसी की सजा
अमित के परिजनों ने अदालत से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। मृतक के पिता विजयपाल सिंह ने कहा कि उनके बेटे की हत्या ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने मांग की कि अमित की हत्या में शामिल रविता, उसके कथित प्रेमी अमरदीप और अन्य जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें फांसी की सजा दी जाए।
अमित की मां मुनेश देवी ने भी कहा कि उन्हें अदालत से पूरी तरह न्याय की उम्मीद है। परिवार लंबे समय से इस मामले में फैसले का इंतजार कर रहा है।
703 बार फोन पर हुई बातचीत
वादी पक्ष के अधिवक्ता बलराज सिंह और सरकारी वकील फरजाना ने अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध था और अमित इस रिश्ते में बाधक बन रहा था। इसी वजह से उसकी हत्या किए जाने का आरोप है।
अदालत में बताया गया कि रविता और अमरदीप के बीच फोन पर 703 बार बातचीत हुई थी। अमित की मौत के बाद भी दोनों के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई। अभियोजन पक्ष ने इसे दोनों के लगातार संपर्क में रहने का अहम साक्ष्य बताया।
मामले में सपेरे कृष्णनाथ समेत अन्य गवाहों की गवाही, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी अदालत के सामने रखा गया है।
चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था अमित
अमित चार भाइयों मोनू, अमित, अंकित और संदीप में दूसरे नंबर पर था। उसकी असमय मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। छोटे भाई अंकित और संदीप का कहना है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे परिवार को न्याय मिल सके।
अमित की मौत को शुरुआत में संदिग्ध माना गया था, लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर मामला अदालत में पेश किया। अब करीब डेढ़ साल बाद इस चर्चित मामले में फैसले की घड़ी आ गई है।
ऐसे आगे बढ़ा था पूरा मामला
12 अप्रैल 2025: अमित की मौत हुई।
13 अप्रैल 2025: अमित की चारपाई पर सांप मिला और सर्पदंश से मौत की आशंका जताई गई।
14 अप्रैल 2025: पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत होने का खुलासा हुआ।
15 अप्रैल 2025: रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया गया।
3 अक्टूबर 2025: अदालत में आरोप तय हुए।
8 अक्टूबर 2025: पहली सुनवाई और ट्रायल शुरू हुआ।
5 दिसंबर 2025: सपेरे कृष्णनाथ की गवाही हुई।
12 मार्च 2026: अभियोजन साक्ष्य पेश किए गए।
19 सितंबर 2026: अभियोजन पक्ष की बहस पूरी हुई और बचाव पक्ष की बहस के लिए अगली तारीख तय हुई।
22 सितंबर 2026: दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई और निर्णय के लिए 7 अक्तूबर की तारीख तय की गई।
