23 साल से हर साल होती है ‘मौत के बाद शादी’! मां-बाप का दर्द बना आस्था

ये कोई फिल्मी कहानी नहीं… ये दर्द का वो सच है, जो हर साल सजता है—शादी के मंडप में। तेलंगाना के एक छोटे से गांव में, जहां हर साल ढोल-नगाड़े बजते हैं, बारात निकलती है… लेकिन दूल्हा जिंदा नहीं होता। 23 साल से एक मां-बाप अपने मृत बेटे की शादी करा रहे हैं—हर साल, पूरे रीति-रिवाज के साथ। सवाल उठता है—ये पागलपन है या प्यार की पराकाष्ठा? दर्द से जन्मी परंपरा: एक अधूरी प्रेम कहानी महबूबाबाद जिले की यह कहानी किसी भी दिल को झकझोर सकती है। लालू और सुक्कम्मा…

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राम नवमी की बधाई- जानिए आज भी क्यों प्रासंगिक हैं मर्यादा पुरुषोत्तम

आज सिर्फ एक त्योहार नहीं… एक आईना है। Lord Rama का नाम हर गली में गूंज रहा है, लेकिन सवाल ये है—क्या वो सिर्फ जयकारों में हैं, या हमारे फैसलों में भी? Hello UP परिवार की ओर से आपको राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं, और साथ ही एक छोटा सा आत्ममंथन—आज के दौर में राम क्यों जरूरी हैं? Hello UP परिवार की शुभकामनाएं Hello UP परिवार इस पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार को राम नवमी की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यह दिन सिर्फ जन्मोत्सव नहीं, बल्कि जीवन के…

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कैलाश पर हुआ पहला ‘Love Marriage’: भोलेनाथ की Eternal Love Story

महाशिवरात्रि केवल व्रत और जागरण का पर्व नहीं, यह उस प्रेम की कहानी है जिसने जन्म-जन्मांतर की सीमाएं तोड़ीं। यह कथा है Shiva की जो वैराग्य के प्रतीक हैं, लेकिन प्रेम में उतने ही समर्पित। और यह कहानी दो अध्यायों में पूरी होती है पहले सती, फिर पार्वती। अध्याय 1: शिव और सती – Love Beyond Ego देवी सती, प्रजापति दक्ष की पुत्री थीं। उन्होंने अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध शिव को पति चुना। क्योंकि प्रेम status या royal lifestyle नहीं देखता—वह soul connection देखता है। जब दक्ष ने यज्ञ…

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वंदे मातरम् भी टाइम-टेबल में! 3 मिनट 10 सेकंड से न सेकंड कम, न ज्यादा

सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ अब पूरी तरह standard operating procedure के तहत गूंजेगा। केंद्र सरकार ने एक नया प्रोटोकॉल जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब छह अंतरों वाला अधिकृत संस्करण ही हर तय सरकारी अवसर पर प्रस्तुत किया जाएगा — और वह भी पूरे 3 मिनट 10 सेकंड में। मतलब अब न छोटा वर्ज़न, न मनपसंद कट-कॉपी। राष्ट्रगीत भी अब पूरे अनुशासन में। क्यों आया यह नया नियम? सरकार का कहना है कि अलग-अलग कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के random excerpts इस्तेमाल होने से प्रस्तुति…

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Sita Mata की Story अब सिर्फ कथा नहीं, Cultural Experience बनेगी

श्रीअयोध्या धाम अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि cultural storytelling hub बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माता सीता के जीवन-चरित पर आधारित ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ स्थापित करने के निर्देश देकर साफ कर दिया है कि heritage को अब static नहीं, immersive बनाना है। यह फैसला आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में लिया गया, लेकिन संदेश सीधा नई पीढ़ी के लिए था—संस्कृति सिर्फ पढ़ने की चीज़ नहीं, महसूस करने की चीज़ है। Vaidehi Art Gallery: Museum नहीं, Experience होगा…

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जब दरगाह पहनती है पीला रंग: बसंत पंचमी का सूफियाना जश्न

दिल्ली की हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह में बसंत पंचमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि 700 साल पुरानी एक ज़िंदा परंपरा है। यह परंपरा न कैलेंडर देखती है, न धर्म की दीवारें—यह बसंत, संगीत और इंसानी जुड़ाव की कहानी कहती है। Amir Khusrau से शुरू हुई परंपरा इतिहास बताता है कि जब सूफी संत निज़ामुद्दीन औलिया अपने प्रिय शिष्य के वियोग में उदास थे, तब अमीर खुसरो ने बसंत पंचमी के दिन पीले कपड़े पहनकर, सरसों के फूल लाकर और गीत गाकर अपने गुरु का मन बहलाया।वहीं से जन्म हुआ—इस अनोखी…

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शौर्य, शिवभक्ति और संस्कार—सोमनाथ में डमरू बजाते दिखे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों गुजरात दौरे पर हैं। सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक हमले के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अपने दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में शामिल हुए। इस शोभा यात्रा का उद्देश्य उन वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देना था, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। 108 घोड़े, शौर्य और बलिदान का प्रतीक शौर्य यात्रा की सबसे खास बात रही इसमें शामिल…

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सोमनाथ: हमले के 1000 साल बाद भी अडिग, PM ने लिखा ब्लॉग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले की 1000वीं वर्षगांठ पर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखी। पीएम मोदी ने लिखा कि सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और अटूट आस्था का प्रतीक है।उनके शब्दों में, “सोमनाथ का नाम सुनते ही दिल और दिमाग गर्व से भर जाता है।” हमले के बावजूद डटकर खड़ा रहा सोमनाथ साल 1026 में विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया। पीएम मोदी ने इसे याद करते हुए कहा कि मंदिर की कहानी विनाश नहीं,…

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“हिंदू हूँ या सनातनी?” — धर्म भी हो गया ब्रांड, तो पहचान कौन सी रखी जाए?

आज सोशल मीडिया पर हर तरफ आवाज़ है — “मैं सनातनी हूँ” या “मैं हिंदू हूँ”। लेकिन क्या दोनों में फर्क है या ये दो नाम एक ही रास्ते के हैं? असल में “धर्म” का मतलब religion नहीं, बल्कि कर्तव्य, नीति और सत्य के मार्ग पर चलना है। धर्म वो नहीं जो मंदिर में दिखे, बल्कि वो है जो मन में जगे। “सनातन” शब्द कहां से आया? “सनातन” शब्द संस्कृत से लिया गया है — इसका अर्थ है जो न कभी शुरू हुआ और न कभी खत्म होगा। वेद, उपनिषद…

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साहेबान! लखनऊ अब UNESCO का ‘Creative City of Gastronomy’

भारत की तहज़ीब और ज़ायके का दिल — लखनऊ — अब वैश्विक मंच पर चमक उठा है। UNESCO ने इसे Creative City of Gastronomy का दर्जा दिया है, यानी अब नवाबी शहर की बिरयानी, कबाब और पराठे सिर्फ़ भारत नहीं, दुनिया के स्वाद का हिस्सा बन गए हैं। UNESCO ने क्यों दिया यह सम्मान? लखनऊ के खानपान में सिर्फ़ स्वाद नहीं, बल्कि सदियों की संस्कृति, सूफियाना तहज़ीब और गंगा-जमुनी विरासत का मेल है। इस मान्यता के साथ, लखनऊ अब 50 से अधिक देशों के “UNESCO Creative Cities Network” का हिस्सा…

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