अलग कमरे में रहना ही क्रूरता नहीं, फिर भी पति को तलाक क्यों? कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि एक ही घर में अलग-अलग कमरों में रहना अपने आप में वैवाहिक क्रूरता नहीं माना जा सकता। हालांकि, इस मामले में लगातार झगड़े, मौखिक दुर्व्यवहार, भावनात्मक उपेक्षा, खराब व्यवहार और सुलह की कोशिशें नाकाम रहने जैसी परिस्थितियों को साथ में देखते हुए अदालत ने मानसिक क्रूरता के आधार पर विवाह विच्छेद के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने पति की अपील भी खारिज कर दी। मामला उस दंपती से…

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Madras HC Verdict: बेटी की शादी पिता से छिपाकर मामा से तय करना ‘क्रूरता’, हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने एक पारिवारिक विवाद मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर कोई पत्नी अपनी बेटी की शादी पति को बताए बिना गुपचुप तरीके से तय करती है, तो यह पति के प्रति मानसिक क्रूरता माना जाएगा और तलाक का आधार भी बन सकता है। अदालत ने यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें एक महिला ने अपनी 18 वर्षीय बेटी की शादी अपने 32 वर्षीय तलाकशुदा भाई से पति की जानकारी के बिना तय कर दी थी। हाई कोर्ट ने…

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