सहारनपुर: कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। यूपी-हरियाणा सीमा पर 12 फीट ऊंचा और 10 फीट चौड़ा लोहे का गेट लगाया गया है। इस गेट से अधिक ऊंचाई या चौड़ाई वाले डीजे और कांवड़ वाहन हरिद्वार की ओर नहीं जा सकेंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों से बड़े डीजे के साथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सीमा पर कड़ी निगरानी, नियमों का होगा सख्ती से पालन
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवेश कुमार शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा की तैयारियों के तहत मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, डीआईजी, एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने सहारनपुर की काली नदी से शाहजहांपुर स्थित यूपी सीमा तक कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद अधिकारियों ने सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे करने और तय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत सीमा पर लोहे का गेट स्थापित किया गया है। इसके जरिए केवल 12 फीट तक ऊंचे डीजे और निर्धारित आकार वाले कांवड़ वाहन ही आगे बढ़ सकेंगे।
कांवड़ मार्ग पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सहारनपुर पुलिस ने उत्तराखंड सीमा से जुड़े कांवड़ मार्ग का भी निरीक्षण किया। कोतवाली प्रभारी कपिल देव ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और वाहनों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि यात्रा के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की विशेष सतर्कता के साथ जांच की जाएगी।
बिजली विभाग ने भी शुरू किए सुरक्षा इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली विभाग ने भी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सहारनपुर जोन में 3,829 बिजली के पोलों पर पॉलीथीन रैपिंग की जा रही है। इसके अलावा 327 संवेदनशील पोलों पर पीवीसी पाइप कवर लगाए जा रहे हैं और 518 ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग की जा रही है, ताकि करंट या अन्य विद्युत हादसों की आशंका को कम किया जा सके।
ढीली बिजली लाइनों को भी किया जा रहा दुरुस्त
मुख्य अभियंता हेमराज सिंह के मुताबिक, पहली बार भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख कांवड़ शिविरों और मंदिरों के आसपास स्थित बिजली पोलों पर पीवीसी कवर लगाए जा रहे हैं। अन्य स्थानों पर निर्धारित मानकों के अनुसार पोलों की पॉलीथीन रैपिंग की जा रही है। इसके साथ ही 576 स्थानों पर ढीली बिजली लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है, 182 स्थानों पर लाइन गार्डिंग और 668 स्थानों पर जंपर टाइटिंग का कार्य भी तेजी से जारी है। ईयूडीसी और ईडीसी प्रथम क्षेत्रों में भी पोलों की सुरक्षा और ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
