अहमामऊ में नो-एंट्री के नियमों की खुलेआम धज्जियां! डग्गामार वाहनों का ‘राज’, जाम में फंसी एंबुलेंस—जिम्मेदार मौन

लखनऊ: अहमामऊ क्षेत्र में नो-एंट्री के नियमों की कथित तौर पर खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नो-एंट्री के बावजूद मिक्सर, डग्गामार बसें, अर्टिगा और ई-रिक्शा धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वाहनों के बेतरतीब संचालन के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम राहगीरों के साथ एंबुलेंस को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नो-एंट्री के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहे वाहन

अहमामऊ क्षेत्र में नो-एंट्री लागू होने के बावजूद भारी और डग्गामार वाहनों के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों के मुताबिक मिक्सर, डग्गामार बसें, अर्टिगा और ई-रिक्शा नियमों की परवाह किए बिना आवाजाही करते नजर आ रहे हैं।

बेतरतीब संचालन से जाम, एंबुलेंस भी प्रभावित

वाहनों के अनियंत्रित और बेतरतीब संचालन से सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हो रही है। इसका असर आम राहगीरों के साथ आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। जाम में एंबुलेंस के फंसने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी की स्थिति बन रही है।

खबरों के बाद भी कार्रवाई पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर पहले भी खबरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई का असर मौके पर दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद नियमों की अनदेखी जारी है।

नो-एंट्री में वाहनों को किसका संरक्षण?

सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि नो-एंट्री के दौरान इन वाहनों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है। जिम्मेदार विभाग की नजरों के सामने यातायात नियमों की अनदेखी कैसे हो रही है और कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही, यह भी सवालों के घेरे में है।

अब देखना होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या नहीं और डग्गामार वाहनों के साथ-साथ अव्यवस्थित यातायात के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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