लखनऊ में थाली-चम्मच बजाकर सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, जनभवन कूच से पहले पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक

लखनऊ: राजधानी में समाजवादी मजदूर सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मजदूरों और घरेलू कामगारों के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की और थाली-चम्मच बजाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर मजदूरों और घरेलू कामगारों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

जनभवन की ओर बढ़े कार्यकर्ता, पुलिस ने रोका

प्रदर्शनकारी दारुलशफा स्थित विधायक निवास से जनभवन की ओर जाने के लिए निकले थे। हालांकि, करीब 50 मीटर आगे बढ़ने के बाद आरएलडी कार्यालय के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया।

रास्ता रोके जाने के बाद सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई। प्रदर्शनकारी आगे जाने की मांग पर अड़े रहे, जबकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

थाली-चम्मच बजाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां ले रखी थीं। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजदूरों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। महिला कार्यकर्ताओं की भी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भागीदारी रही।

महिला कार्यकर्ताओं ने थाली में चम्मच बजाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि मजदूरों और घरेलू कामगारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

घरेलू कामगार महिलाओं के लिए अलग कल्याण बोर्ड की मांग

प्रदर्शनकारियों ने घरेलू कामगार महिलाओं के लिए अलग कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि घरेलू कामगार महिलाएं लंबे समय से अपने अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी स्तर पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने के कारण घरेलू कामगार महिलाओं के शोषण की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सरकार से उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की मांग की।

करीब 20 मिनट तक पुलिस से हुई नोकझोंक

दारुलशफा से जनभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद करीब 20 मिनट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और नोकझोंक होती रही।

कार्यकर्ता आगे बढ़ने पर अड़े रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई के दौरान पुलिस पर बदसलूकी करने का आरोप भी लगाया।

 

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