राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी की सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल, आज होगी अहम सुनवाई

नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की गई है। मामले की सुनवाई सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ करेगी।

चार याचिकाओं पर एक साथ होगी सुनवाई

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इन सभी मामलों पर सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है। इससे पहले 13 जुलाई को शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी को जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी जांच की स्थिति रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में पहले से प्राथमिकी दर्ज है और जांच के लिए एसआईटी गठित की जा चुकी है। ऐसे में अदालत ने एसआईटी को जांच की वर्तमान स्थिति से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिसके अनुपालन में रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई है।

सीबीआई जांच और ऑडिट की भी उठी मांग

मामले में दायर याचिकाओं में अलग-अलग मांगें रखी गई हैं। एक याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की सीबीआई जांच और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराने की मांग की है। अन्य याचिकाओं में ट्रस्ट के प्रशासन और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच सीबीआई की अगुवाई में गठित एसआईटी से कराने की मांग की गई है।

एक अन्य याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच और ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट कराने का अनुरोध किया गया है। वहीं एक अन्य याचिका में भी शीर्ष अदालत की निगरानी में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है।

13 जून को हुआ था एसआईटी का गठन

उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित आरोप सामने आने के बाद 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया था। इस जांच दल में लखनऊ मंडल के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन को शामिल किया गया है।

ट्रस्ट में हुए थे अहम बदलाव

मामले के सामने आने के बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए थे। इसके बाद कृष्ण गोपाल को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार

चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस अब तक आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। जांच के अनुसार ये सभी चढ़ावे की धनराशि की गिनती से जुड़े कार्यों में शामिल थे। इनमें छह आरोपी कैशियर थे, जबकि टिन्नू यादव नकदी की गिनती की निगरानी से लेकर बैंक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालता था। वहीं सुभाष श्रीवास्तव पूरे गणना कार्य की निगरानी करता था।

 

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