‘हथियारों वाले नक्सल से ज्यादा खतरनाक है दिमागी नक्सल’, लाल किले से PM मोदी ने क्यों कही ये बात? बताया नक्सलवाद का पूरा असर

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में देश के लिए उन दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना जरूरी है, जिन्होंने भारत की प्रगति को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि हथियारों वाले नक्सल से बड़ी चुनौती दिमागी नक्सली हैं और देश को इससे बचाने की जरूरत है।

नक्सलवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा ने अनगिनत माताओं के जवान बेटों को उनसे छीन लिया और देश के कई परिवारों के सपनों को चकनाचूर किया।

पीएम मोदी ने कहा कि करीब चार दशकों तक नक्सलवाद ने भारत के बड़े हिस्से और बड़ी आबादी को अपने प्रभाव में रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदूक के दम पर शासन करने की कोशिश की गई और संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हथियार उठाने वाले नक्सल से बड़ी चुनौती दिमागी नक्सलियों की है। उन्होंने देश को ऐसी सोच से बचाने की जरूरत पर जोर दिया।

3,500 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने गंवाई जान

पीएम मोदी ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा करते हुए देश के 3,500 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने देश की धरती को खून से लाल कर दिया था।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश की जनता ने उनकी सरकार को सेवा करने का अवसर दिया, उसी दिन नक्सलवाद से भारत को मुक्त करने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा कि अब नक्सली और माओवादी हिंसा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और उसमें खुद को बनाए रखने की ताकत नहीं बची है।

नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास और तिरंगे की शान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलियों की गोलियों की आवाज सुनाई देती थी और जहां की मिट्टी खून से सनी थी, आज उन्हीं नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा शान से लहरा रहा है।

उन्होंने कहा कि ये इलाके अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में सरकार के प्रयास जारी रहने की बात कही।

स्थिर सरकार और मजबूत लोकतंत्र का भी किया जिक्र

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की राजनीतिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के पास स्थिर राजनीतिक जनादेश, स्थिर सरकार, जीवंत लोकतंत्र, मजबूत न्याय व्यवस्था और ऐसा संविधान है जो सभी को रास्ता दिखाता है।

पीएम मोदी ने हाल में हुए व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए इन्हें भारत के लिए बड़ा अवसर बताया। उन्होंने देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से इस अवसर को नहीं गंवाने की अपील की।

 

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