नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में देश के लिए उन दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना जरूरी है, जिन्होंने भारत की प्रगति को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि हथियारों वाले नक्सल से बड़ी चुनौती दिमागी नक्सली हैं और देश को इससे बचाने की जरूरत है। नक्सलवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया: पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने…
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लाल किले से PM मोदी के बड़े ऐलान: युवाओं को फ्री ऑनलाइन कोचिंग, 1 करोड़ को AI ट्रेनिंग; महिलाओं से लेकर डिफेंस और न्यूक्लियर एनर्जी पर क्या बोले?
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। करीब 75 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, तकनीक, रक्षा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कई अहम घोषणाएं और बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अगले साल देशभर में एक मिशन के तहत 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था…
Read Moreमानसून में मोदी टॉप गियर – संसद में सियासी सावन शुरू
2025 का मानसून सत्र शुरू हो गया है, और जैसे ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही की शुरुआत की, वैसे ही सियासी बादल गरजने लगे। बाहर बारिश, अंदर बयानबाज़ी – भारतीय राजनीति का ‘परंपरागत’ मौसम! राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ और अन्य सांसदों के साथ संसद का माहौल गर्म है। इस बार का सत्र न सिर्फ़ नीतियों का, बल्कि ‘नारों’ और ‘नाटकों’ का भी है। पीएम मोदी बोले: ‘विजयोत्सव’ है ये सत्र मानसून की बारिश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण भी तरोताज़ा था। संसद भवन के हंस…
Read Moreअब न बारिश बचाएगी, न जंगल! 2026 में नक्सलवाद का ‘The End’
रविवार को छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह से सफाया करना है। ईरान पर बम, मुस्लिम देश गरम! क्या तीसरा मोर्चा खुलेगा? उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऑपरेशन अब मौसम पर निर्भर नहीं रहेगा। चाहे बारिश हो या गर्मी, सुरक्षाबल हर हाल में कार्रवाई करेंगे। पहले मानसून को नक्सली अपना सुरक्षा कवच मानते थे, लेकिन अब यह रणनीति काम नहीं आएगी। ‘अब चर्चा नहीं, सरेंडर करो’:…
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