तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने परमाणु सिद्धांत को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने कहा है कि अगर सरकार आदेश देती है तो IRGC अपने परमाणु सिद्धांत में बदलाव करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान लगातार अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता बढ़ा रहा है। इस बीच अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देने वालों के लिए 2 करोड़ डॉलर तक के इनाम की पेशकश की गई है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका ने रखा 2 करोड़ डॉलर का इनाम
अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देने वाले व्यक्ति को 2 करोड़ डॉलर तक का इनाम देने की पेशकश की गई है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर जानकारी देने वाले व्यक्ति को किसी दूसरी जगह बसने में मदद देने का भी प्रस्ताव है।
ट्रंप ने केशम द्वीप पर सैन्य हमले की पुष्टि की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरान के केशम द्वीप पर सैन्य हमले की पुष्टि की है। वहीं, ईरान के अर्ध-सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशें जारी
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जासिम अल थानी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में संबोधन के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संकट को बिना समाधान के नहीं छोड़ा जा सकता।
ईरान से युद्ध जारी रहा तो रिपब्लिकनों को चुनावी नुकसान का खतरा
ईरान के साथ जारी संघर्ष का असर अमेरिकी राजनीति पर भी पड़ सकता है। कतर में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के गवर्नमेंट प्रोफेसर मेहरान कामरावा का कहना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत ने ईरान को लेकर अमेरिका के रुख को प्रभावित किया हो सकता है।
कामरावा के मुताबिक, मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों में मजबूत पकड़ बनाई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स की इस भारी जीत को ‘ब्लू सुनामी’ कहा जा रहा है। इससे रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं में 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चिंता बढ़ी है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर ईरान के साथ युद्ध जारी रहता है तो रिपब्लिकनों के लिए प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स गंवाने का वास्तविक खतरा पैदा हो सकता है। कामरावा के अनुसार, यही वजह हो सकती है कि अब युद्ध को किसी भी तरह समाप्त कराने की कोशिशों पर नया जोर दिया जा रहा है।
