उत्तर प्रदेश: करवा चौथ पर चांद निकलने का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय अलग रहेगा। 29 अक्टूबर 2026 को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रख रही हैं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा के बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी। मौसम में बदलाव और बादलों की स्थिति के कारण चांद के दर्शन में देरी भी हो सकती है।
लखनऊ, कानपुर और नोएडा में कब निकलेगा चांद?
करवा चौथ पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का संभावित समय इस प्रकार है। स्थानीय मौसम और आकाश में बादलों की स्थिति के कारण चंद्रमा दिखाई देने का समय अलग हो सकता है।
- लखनऊ: रात 8:01 बजे
- कानपुर: रात 8:05 बजे
- नोएडा: रात 8:21 बजे
- प्रयागराज: रात 8:11 बजे
- गोरखपुर: रात 7:51 बजे
- अयोध्या: रात 8:06 बजे
- मथुरा: रात 8:25 बजे
- आगरा: रात 8:23 बजे
- वाराणसी: रात 8:03 बजे
- मेरठ: रात 8:18 बजे
- गाजियाबाद: रात 8:21 बजे
- बरेली: रात 8:13 बजे
- हरदोई: रात 8:13 बजे
- मिर्जापुर: रात 7:59 बजे
- देवरिया: रात 8:02 बजे
- अमेठी: रात 8:05 बजे
- प्रतापगढ़: रात 8:59 बजे
- अलीगढ़: रात 8:20 बजे
- बागपत: रात 7:41 बजे
- इटावा: रात 8:14 बजे
- चित्रकूट: रात 8:04 बजे
- सीतापुर: रात 8:10 बजे
- रायबरेली: रात 8:09 बजे
- एटा: रात 8:10 बजे
- मुरादाबाद: रात 8:14 बजे
- पीलीभीत: रात 8:10 बजे
- फर्रुखाबाद: रात 8:11 बजे
- मुजफ्फरनगर: रात 8:17 बजे
- सहारनपुर: रात 8:16 बजे
- रामपुर: रात 8:13 बजे
- झांसी: रात 8:27 बजे
- अमरोहा: रात 8:16 बजे
- मुरादनगर: रात 8:20 बजे
- बहराइच: रात 7:56 बजे
- बलिया: रात 8:01 बजे
- बुलंदशहर: रात 7:40 बजे
- गाजीपुर: रात 7:54 बजे
- हाथरस: रात 7:42 बजे
- शाहजहांपुर: रात 7:58 बजे
- सोनभद्र: रात 8:09 बजे
- बाराबंकी: रात 8:11 बजे
- आजमगढ़: रात 7:59 बजे
- औरैया: रात 8:13 बजे
करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय पढ़ें ये मंत्र
करवा चौथ की पूजा में चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रदेव की पूजा करते समय श्रद्धालु इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
- ॐ सों सोमाय नमः।
- ॐ सोमाय नमः।
- ॐ चन्द्राय नमः।
- ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः।
करवा चौथ की पूजा और व्रत पारण की विधि
करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। इस दौरान करवा चौथ की कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा है।
चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाएं अर्घ्य देती हैं और पति की लंबी आयु तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है। चंद्रोदय के समय में स्थानीय स्तर पर अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के समय की पुष्टि कर लेना उचित रहेगा।
