मुलायम के करीबी रहे पूर्व मंत्री भगवती सिंह के परिवार पर बड़ा एक्शन, सरकारी बंगला खाली करने का अंतिम नोटिस

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे और पूर्व मंत्री भगवती सिंह के नाम आवंटित नगर निगम के सरकारी आवास का आवंटन रद्द कर दिया गया है। रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इस बंगले में लंबे समय से परिवार का कब्जा बना हुआ था। अब नगर निगम प्रशासन ने परिवार को सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। तय अवधि में मकान खाली नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

नगर आयुक्त के आदेश पर आवंटन हुआ निरस्त

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक रिवर बैंक कॉलोनी का आवास संख्या डी-2/2 भगवती सिंह और राकेश कुमार सिंह के नाम आवंटित था। दोनों मूल आवंटियों के निधन के बाद भी उनके परिवार का आवास पर कब्जा बना रहा।

मामले की समीक्षा के बाद नगर आयुक्त गौरव कुमार ने 14 सितंबर 2026 को आवंटन निरस्त करने का आदेश जारी किया। अधिकारियों के अनुसार आवंटन की शर्तों और 26 जून 1978 के शासनादेश के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम के रिकॉर्ड में मूल आवंटी के निधन के बाद आवास पर कब्जा बनाए रखने का कोई वैध आधार नहीं पाया गया।

सार्वजनिक सूचना जारी कर एक सप्ताह का समय

नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी (रेंट) की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। इसमें आवास से जुड़े सभी लोगों को एक सप्ताह के भीतर भवन खाली कर उसका कब्जा नगर निगम को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। परिवार को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवास खाली करना होगा।

समय पर बंगला खाली नहीं किया तो होगी बेदखली की कार्रवाई

नगर निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में मकान खाली नहीं किया गया तो वहां रहने वाले लोगों को अवैध कब्जेदार माना जाएगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 के तहत बेदखली की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक नगर निगम की संपत्तियों पर अनधिकृत कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक आवासों का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना है। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई है।

 

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