लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकाउंटरों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर के जरिए भय और मनोवैज्ञानिक दबाव की राजनीति की जा रही है, जो संविधान और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
अखिलेश यादव ने कहा कि फर्जी एनकाउंटर सरकारी शक्ति का आपराधिक इस्तेमाल है। उनका आरोप था कि प्रदेश में एनकाउंटर कानून व्यवस्था सुधारने के लिए नहीं, बल्कि सत्ता की धाक जमाने और लोगों को डराने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जाति और धर्म देखकर कार्रवाई कर रही है, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
‘फर्जी एनकाउंटर नाकाम सरकार की पहचान’
सपा प्रमुख ने कहा कि जब सरकार कानून व्यवस्था संभालने में विफल हो जाती है, तब वह एनकाउंटर का रास्ता अपनाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार फर्जी एनकाउंटर के जरिए आम जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे मामलों से कानून व्यवस्था मजबूत नहीं होती, बल्कि पुलिस तंत्र में भ्रष्टाचार और घूसखोरी को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसा तंत्र तैयार कर दिया है, जहां फर्जी कहानियां गढ़कर एनकाउंटर को सही ठहराने की कोशिश की जाती है।
मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप
सपा अध्यक्ष ने कहा कि फर्जी एनकाउंटर मानवाधिकारों की हत्या के समान हैं। इस दौरान पार्टी नेताओं ने दावा किया कि मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों का विस्तृत डेटा तैयार किया गया है, जिसे जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने प्रदेश में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
