लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन राशि बढ़ा दी है। अब पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1000 रुपये की जगह 1500 रुपये पेंशन मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने योजना के सुचारु संचालन के लिए अनुपूरक बजट में 1500 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
हर साल मिलेंगे 18 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र वरिष्ठ नागरिकों को अब प्रतिमाह 1500 रुपये यानी सालाना 18 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
पेंशन वितरण व्यवस्था में भी हुआ बदलाव
सरकार ने पेंशन वितरण प्रणाली को भी पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी बनाया है। पहले तीन महीने में एकमुश्त 3000 रुपये दिए जाते थे, जबकि अब बढ़ी हुई पेंशन राशि 1500-1500 रुपये की दो किस्तों में जारी की जाएगी। पेंशन का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
पेंशन पाने के लिए क्या हैं जरूरी पात्रता और शर्तें
वृद्धावस्था पेंशन का लाभ जारी रखने के लिए लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। इसके अलावा डीबीटी के जरिए भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक खाते का एनपीसीआई पोर्टल पर मैप होना भी आवश्यक है। लाभार्थियों को समय-समय पर ई-केवाईसी भी करानी होगी। यदि किसी बुजुर्ग की पेंशन रुक जाती है तो उन्हें तत्काल अपना ई-केवाईसी अपडेट कराना होगा।
खाते में पेंशन नहीं आए तो क्या करें?
यदि किसी पात्र लाभार्थी के खाते में बढ़ी हुई पेंशन की राशि नहीं पहुंचती है, तो सबसे पहले नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी) या बैंक शाखा में जाकर ई-केवाईसी और एनपीसीआई मैपिंग की स्थिति की जांच करानी चाहिए। इसके बाद संबंधित जिले के समाज कल्याण विभाग कार्यालय में आवेदन और आधार विवरण का सत्यापन कराया जा सकता है। लाभार्थी योजना के आधिकारिक सामाजिक पेंशन पोर्टल पर भी अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
