अंतरिक्ष सप्ताह में विद्यार्थियों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, स्पेस क्विज में स्पार्क्सकोडॉन टीम……

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कला एवं शिल्प प्रतियोगिता और स्पेस बायोथॉन के दो चरण संपन्न, शुक्रवार को विज्ञान प्रदर्शनी में दिखेंगे नवाचारी मॉडल


झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक ज्ञान और नवाचार क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दो दिवसीय गतिविधियों के दौरान कला एवं शिल्प प्रतियोगिता तथा स्पेस बायोथॉन के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति अपनी रुचि और वैज्ञानिक समझ का परिचय दिया।


विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के प्रथम दिवस पर आयोजित कला एवं शिल्प प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रहों, तारों और ब्रह्मांड की संरचना से जुड़े विषयों को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की रचनाओं में वैज्ञानिक कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता का अनूठा समन्वय देखने को मिला।


दूसरे दिवस पर स्पेस बायोथॉन के अंतर्गत आयोजित स्पेस क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक ज्ञान और तार्किक क्षमता की परीक्षा हुई। प्रतियोगिता में स्क्रीनिंग, बजर तथा रैपिड फायर राउंड आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी विषयगत समझ, त्वरित निर्णय क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रदर्शन किया।


प्रतियोगिता में स्पार्क्सकोडॉन (Sparxcodon) टीम ने प्रथम, स्लिदरिन (Slytherin) टीम ने द्वितीय तथा एलियन (Alien) टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों और नवाचार से निरंतर जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


कार्यक्रम के प्रथम दिवस की गतिविधियों के संचालन में डॉ. बृजेन्द्र कश्यप, डॉ. अतुल मकरारिया, डॉ. विजय वर्मा एवं डॉ. अंजलि श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, दूसरे दिवस पर डॉ. बृजेन्द्र कश्यप, डॉ. मुकुल सक्सेना, डॉ. सत्येंद्र उपाध्याय एवं इंजीनियर अनुराग के मार्गदर्शन और सहयोग से प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।

विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार, 9 अक्टूबर को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्यार्थी अंतरिक्ष विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित वैज्ञानिक मॉडल, पोस्टर एवं नवाचारी परियोजनाएं प्रस्तुत करेंगे। प्रदर्शनी में अंतरिक्ष में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका, मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाएं, अंतरिक्ष कृषि तथा जैव-पुनर्योजी जीवन-समर्थन प्रणालियों जैसे विषयों पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।

आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चिंतन, अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है। साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी के बीच बढ़ते अंतर्संबंधों से विद्यार्थियों को परिचित कराते हुए उन्हें भविष्य की वैज्ञानिक चुनौतियों और संभावनाओं के प्रति जागरूक करना भी है।

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